वैभव सूर्यवंशी पर चेतन शर्मा: '15 साल में डेब्यू, सचिन-कोहली जैसा भविष्य'
सारांश
मुख्य बातें
पूर्व भारतीय क्रिकेटर चेतन शर्मा ने 15 अक्टूबर 2026 को नई दिल्ली में आयोजित स्कूल टोटल टी20 लीग के उद्घाटन समारोह में युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी की जमकर प्रशंसा की और उम्मीद जताई कि वह आगे चलकर सचिन तेंदुलकर और विराट कोहली की तरह देश का नाम रोशन करेंगे। उन्होंने कहा कि मात्र 15 वर्ष की आयु में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में पदार्पण करना साधारण उपलब्धि नहीं है।
वैभव सूर्यवंशी पर चेतन की राय
चेतन शर्मा ने कहा, 'वैभव सूर्यवंशी ने देश का नाम रोशन किया है। 15 साल की उम्र में देश के लिए खेलना आसान नहीं होता — इस उम्र में तो लोग यह सोच रहे होते हैं कि किस क्षेत्र में करियर बनाना है। वह बहुत ही काबिल खिलाड़ी हैं और देश की धरोहर हैं।' उन्होंने यह भी कहा कि भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) इस युवा प्रतिभा को बखूबी संभाल रहा है।
चेतन ने आगे कहा, 'हम उम्मीद करते हैं कि वैभव भी सचिन तेंदुलकर और विराट कोहली की तरह आगे चलकर देश का नाम रोशन करेंगे। हमारी दुआएं उनके साथ हैं।' उनके इस बयान ने क्रिकेट जगत में वैभव के उभरते कद को और पुख्ता किया।
स्कूल क्रिकेट का महत्व
चेतन शर्मा ने स्कूल स्तर की क्रिकेट को खेल की रीढ़ बताते हुए कहा, 'स्कूल क्रिकेट सबसे महत्वपूर्ण क्रिकेट है — यह हमारा ग्रासरूट लेवल है। कल के सचिन तेंदुलकर, कपिल देव, विराट कोहली या रोहित शर्मा आज स्कूलों में हैं।' उन्होंने जोर दिया कि इस स्तर पर ध्यान देना अनिवार्य है क्योंकि यहीं से भावी राष्ट्रीय खिलाड़ी तैयार होते हैं।
उन्होंने व्यक्तिगत संबंध का उल्लेख करते हुए कहा कि वे पिछले 15 वर्षों से ग्रासरूट क्रिकेट से जुड़े हैं और यह कार्य वे किसी बाहरी प्रेरणा से नहीं, बल्कि मन की तसल्ली के लिए करते हैं। उन्होंने स्कूल फेडरेशन ऑफ इंडिया से अनुरोध किया कि स्कूल स्तर की क्रिकेट को और अधिक व्यवस्थित किया जाए।
जालसाज़ी से बचाव की चेतावनी
चेतन शर्मा ने अभिभावकों और बच्चों को उन लोगों से सतर्क रहने की सख्त हिदायत दी जो क्रिकेट के नाम पर रजिस्ट्रेशन फीस वसूल कर बच्चों को सुविधाएं देने में विफल रहते हैं। उन्होंने कहा, 'उन लोगों के झांसे में मत आइए जो सिर्फ क्रिकेट से पैसा कमाना चाहते हैं। रजिस्ट्रेशन फीस लेकर बच्चों के बैंक अकाउंट में करोड़ों आ जाते हैं और बच्चों को कुछ नहीं मिलता।'
उन्होंने बी एन बी जैसी संस्थाओं का उदाहरण सामने रखा जहाँ स्कूल के प्रिंसिपल के माध्यम से व्यवस्थित क्रिकेट कराई जाती है। उनका मानना है कि इस तरह की संगठित लीग से एनसीआर क्षेत्र में आने वाले वर्षों में 10 से 15 ऐसे क्रिकेटर तैयार हो सकते हैं जो उत्तर प्रदेश, हरियाणा और दिल्ली का प्रतिनिधित्व करेंगे। अगले साल से यह पहल अन्य राज्यों में भी विस्तारित होने की उम्मीद है।
क्रिकेट उपकरणों की बढ़ती लागत और आगे की राह
चेतन शर्मा ने इस बात पर भी चिंता जताई कि मौजूदा दौर में मैदान पर खेलना और क्रिकेट उपकरण खरीदना अभिभावकों के लिए बेहद महंगा हो गया है। उन्होंने कहा कि क्रिकेट का दौर बदल रहा है और उसके साथ चलना ज़रूरी है। उन्होंने बच्चों की तुलना मोम से करते हुए कहा, 'इन्हें आप अभी जिस आकार में ढालेंगे, यह उसी आकार में ढल जाएंगे।' यह टिप्पणी उनकी ग्रासरूट क्रिकेट के प्रति गहरी प्रतिबद्धता को दर्शाती है और आने वाले समय में संगठित स्कूल क्रिकेट के विस्तार की उम्मीद जगाती है।