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कोको गॉफ का ट्रोलर्स को करारा जवाब: 'मैं चोर या धोखेबाज नहीं', चाइना ओपन विवाद पर सफाई

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कोको गॉफ का ट्रोलर्स को करारा जवाब: 'मैं चोर या धोखेबाज नहीं', चाइना ओपन विवाद पर सफाई

सारांश

चाइना ओपन में एलईडी बोर्ड टिमटिमाने पर रीप्ले माँगने के बाद कोको गॉफ सोशल मीडिया पर नस्लभेदी हमलों की शिकार हुईं। उन्होंने एक्स पर पलटवार करते हुए नियमों की सफाई दी और कहा — यह मेरे नियंत्रण में नहीं था, मैं न चोर हूँ न धोखेबाज।

मुख्य बातें

कोको गॉफ ने चाइना ओपन राउंड ऑफ 32 में सुन शिनरान को 7-5, 6-1 से हराया।
पहले सेट में 4-5, 15-15 पर एलईडी एडवरटाइजिंग बोर्ड के टिमटिमाने पर चेयर अंपायर ने पॉइंट रीप्ले कराया।
घटना के बाद गॉफ को सोशल मीडिया पर नस्लभेदी टिप्पणियों का सामना करना पड़ा।
गॉफ ने एक्स पर लिखा — 'मैं कोई धोखेबाज या चोर नहीं हूँ; ये नियम हैं जो मैंने नहीं बनाए।' उन्होंने कहा कि नियमों के तहत प्रतिद्वंद्वी भी ऐसी स्थिति में रीप्ले माँग सकती थीं।

टेनिस स्टार कोको गॉफ ने चाइना ओपन 2026 के राउंड ऑफ 32 मैच में एलईडी बोर्ड विवाद के बाद सोशल मीडिया पर हुई तीखी आलोचना का मुँहतोड़ जवाब दिया है। गॉफ ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर स्पष्ट किया कि वह 'न चोर हैं, न धोखेबाज' और उनके खिलाफ की गई नस्लभेदी टिप्पणियों को उन्होंने 'पागलपन' करार दिया।

मैच में क्या हुआ

कोको गॉफ ने चाइना ओपन के राउंड ऑफ 32 मुकाबले में चीनी खिलाड़ी सुन शिनरान को 7-5, 6-1 से हराकर राउंड ऑफ 16 में प्रवेश किया। विवाद पहले सेट के दौरान तब शुरू हुआ जब गॉफ 4-5 के स्कोर पर सर्व कर रही थीं और स्कोर 15-15 था।

उस पॉइंट पर गॉफ ने एलईडी एडवरटाइजिंग बोर्ड के टिमटिमाने की शिकायत चेयर अंपायर से की। अंपायर ने उनकी बात मानी और पॉइंट दोबारा खेला गया। इसके बाद गॉफ ने वह गेम और अंततः सेट 7-5 से जीत लिया।

सोशल मीडिया पर नस्लभेदी हमले

इस घटना के बाद सोशल मीडिया पर गॉफ के खिलाफ आलोचना का तूफान उठ खड़ा हुआ। कई यूज़र्स ने उन पर नियमों का दुरुपयोग करने का आरोप लगाया, वहीं कुछ ने नस्लभेदी टिप्पणियाँ भी कीं।

गॉफ ने एक्स पर एक फैन को जवाब देते हुए लिखा, 'आप सभी बिना नस्लभेदी हुए मुझे नापसंद कर सकते हैं या जो हुआ उससे असहमत हो सकते हैं। पिछले कुछ घंटों में मुझे जितने नस्लभेदी कमेंट्स आए हैं, वह पागलपन है। आखिर में, मैं कोई धोखेबाज या चोर नहीं हूँ।'

गॉफ की अपने फैसले पर सफाई

गॉफ ने अपनी स्थिति को विस्तार से समझाते हुए कहा, 'मैंने पॉइंट की शुरुआत में एलईडी बोर्ड को चमकते हुए देखा था, लेकिन मुझे पक्का नहीं पता था कि मैंने असल में यही देखा था। हमें मैच से पहले बताया जाता है कि हम खेल रोक सकते हैं, इसलिए इसे ध्यान में रखें।'

उन्होंने आगे कहा, 'जब स्कोरबोर्ड फिर से टिमटिमाया, तो मैंने अपने हाथ ऊपर कर लिए क्योंकि तभी मुझे यकीन हो गया कि मैंने वाकई लाइट टिमटिमाते देखी थी। यह एक बुरी स्थिति थी और यह मेरे नियंत्रण से बाहर है। मुझे गलत कहना मजाकिया है — ये नियम हैं, जो मैंने नहीं बनाए।'

नियमों के अनुसार दोनों पक्षों को था अधिकार

गॉफ ने यह भी स्पष्ट किया कि टेनिस के नियमों के तहत पॉइंट खत्म होने के बाद किसी भी चीज को चुनौती दी जा सकती है। उन्होंने कहा, 'अगर मैं वह पॉइंट हार जाती, तो मेरी प्रतिद्वंद्वी भी वही करने और रीप्ले माँगने के लिए स्वतंत्र होती — यह उनका हक होता।'

यह ऐसे समय में आया है जब महिला टेनिस में नस्लभेदी ऑनलाइन दुर्व्यवहार एक बार फिर चर्चा में है। गौरतलब है कि गॉफ इससे पहले भी सोशल मीडिया पर नस्लभेदी हमलों का शिकार हो चुकी हैं। उनकी यह बेबाक प्रतिक्रिया खेल जगत में ऑनलाइन दुर्व्यवहार के खिलाफ बढ़ती आवाज़ों में एक और महत्वपूर्ण कड़ी है।

संपादकीय दृष्टिकोण

दूसरा नस्लभेद से। नियम-विवाद में गॉफ तकनीकी रूप से सही थीं; चेयर अंपायर ने फैसला लिया, यह उनका एकतरफा निर्णय नहीं था। लेकिन असली चिंता यह है कि एक विश्व-स्तरीय खिलाड़ी को एक सामान्य टेनिस विवाद पर नस्लभेदी गालियाँ सहनी पड़ रही हैं — और यह पहली बार नहीं है। महिला टेनिस संघ (WTA) और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स की खिलाड़ियों के प्रति जवाबदेही की असली परीक्षा तब होती है जब कोई स्टार नहीं, बल्कि कोई अनजान खिलाड़ी इसी दुर्व्यवहार का शिकार हो — तब प्रतिक्रिया कितनी तेज़ होती है, यह देखने वाली बात है।
RashtraPress
6 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चाइना ओपन में कोको गॉफ विवाद क्या है?
चाइना ओपन 2026 के राउंड ऑफ 32 मैच में कोको गॉफ ने एलईडी एडवरटाइजिंग बोर्ड टिमटिमाने की शिकायत की, जिसके बाद अंपायर ने एक पॉइंट रीप्ले कराया। गॉफ ने वह गेम और सेट 7-5 से जीता, जिसके बाद सोशल मीडिया पर उन पर धोखाधड़ी के आरोप और नस्लभेदी टिप्पणियाँ हुईं।
कोको गॉफ ने ट्रोलिंग पर क्या कहा?
गॉफ ने एक्स पर लिखा कि पिछले कुछ घंटों में उन्हें बड़ी संख्या में नस्लभेदी कमेंट्स मिले हैं जो 'पागलपन' है। उन्होंने स्पष्ट किया कि वह 'न चोर हैं, न धोखेबाज' और यह नियम हैं जो उन्होंने नहीं बनाए।
क्या रीप्ले का फैसला गॉफ ने खुद लिया था?
नहीं, रीप्ले का फैसला चेयर अंपायर ने लिया था। गॉफ ने केवल एलईडी बोर्ड टिमटिमाने की शिकायत की थी। टेनिस के नियमों के अनुसार इस स्थिति में पॉइंट दोबारा खेला जा सकता है, और प्रतिद्वंद्वी भी ऐसी स्थिति में यही अनुरोध कर सकती थीं।
चाइना ओपन 2026 में कोको गॉफ का प्रदर्शन कैसा रहा?
कोको गॉफ ने चाइना ओपन के राउंड ऑफ 32 में सुन शिनरान को 7-5, 6-1 से हराकर राउंड ऑफ 16 में जगह बनाई। विवाद के बावजूद उनका प्रदर्शन प्रभावशाली रहा।
कोको गॉफ के खिलाफ नस्लभेदी ट्रोलिंग क्यों मायने रखती है?
गॉफ महिला टेनिस की सर्वोच्च खिलाड़ियों में से एक हैं और यह पहली बार नहीं है कि उन्हें ऑनलाइन नस्लभेदी हमलों का सामना करना पड़ा हो। यह घटना खेल जगत में अश्वेत एथलीटों के प्रति ऑनलाइन दुर्व्यवहार की व्यापक समस्या को एक बार फिर रेखांकित करती है।
राष्ट्र प्रेस
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