क्या कॉमनवेल्थ गेम्स का हिस्सा नहीं रही वो विधा, जिसमें भारत ने जीते सबसे ज्यादा पदक?

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क्या कॉमनवेल्थ गेम्स का हिस्सा नहीं रही वो विधा, जिसमें भारत ने जीते सबसे ज्यादा पदक?

Key Takeaways

  • भारत को कॉमनवेल्थ गेम्स 2030 की मेज़बानी मिली है।
  • निशानेबाजी ने भारत को सबसे अधिक पदक दिलाए हैं।
  • गुजरात के अहमदाबाद में खेलों का आयोजन होगा।
  • निशानेबाजी का ना होना निराशाजनक है।
  • भारत ने अब तक 564 पदक जीते हैं।

नई दिल्ली, 29 नवंबर (राष्ट्र प्रेस)। भारत को कॉमनवेल्थ गेम्स 2030 की मेज़बानी का अवसर मिला है। गुजरात के अहमदाबाद में कॉमनवेल्थ गेम्स 2030 का आयोजन किया जाएगा। यह देश में खेलों के इस महाकुंभ का दूसरा आयोजन होगा। पहले, 2010 में कॉमनवेल्थ गेम्स का आयोजन दिल्ली में हुआ था। उस समय भारतीय दल ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए दूसरा स्थान प्राप्त किया था। कॉमनवेल्थ गेम्स 2030 में इस रिकॉर्ड को तोड़ने की उम्मीद है।

भारतीय दल का कॉमनवेल्थ खेलों में प्रदर्शन हमेशा उत्कृष्ट रहा है। 1930 से आयोजित हो रहे इस खेल में पदक जीतने के मामले में भारत ऑस्ट्रेलिया, इंग्लैंड, और कनाडा के बाद चौथे स्थान पर है। भारत ने अब तक 203 स्वर्ण, 190 रजत और 171 कांस्य सहित कुल 564 पदक जीते हैं।

भारत के लिए कॉमनवेल्थ खेलों में सबसे भाग्यशाली खेल निशानेबाजी रहा है। यदि भारत ओवरऑल पदक तालिका में चौथे स्थान पर है, तो इसमें निशानेबाजी का विशेष योगदान है। भारत ने निशानेबाजी में सबसे अधिक पदक जीते हैं।

कॉमनवेल्थ खेल, जो 1930 में शुरू हुए, अब तक 22 बार आयोजित हो चुके हैं। आखिरी बार 2022 में बर्मिंघम में इसका आयोजन हुआ था। भारत ने कुल 18 संस्करणों में भाग लिया है (1930, 1950, 1962, 1986 को छोड़कर)। भारत ने निशानेबाजी में सबसे ज्यादा 135 पदक जीते हैं, जिसमें 63 स्वर्ण, 33 रजत और 28 कांस्य पदक शामिल हैं। कॉमनवेल्थ गेम्स 2022 में निशानेबाजी शामिल नहीं थी, नहीं तो पदकों की संख्या और भी अधिक हो सकती थी।

कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 का आयोजन स्कॉटलैंड के ग्लासगो में होना है। बर्मिंघम कॉमनवेल्थ गेम्स की तरह, ग्लासगो में भी निशानेबाजी को शामिल नहीं किया गया है। लागत कम करने के लिए निशानेबाजी के साथ-साथ हॉकी, क्रिकेट और बैडमिंटन जैसे कई खेलों को हटाया गया है। जिस खेल ने भारत को सबसे अधिक पदक दिलवाए हैं, उसे ही कॉमनवेल्थ खेलों से हटा दिया गया है। इससे भारत को नुकसान होगा। निशानेबाजी का न होना इस खेल से जुड़े एथलीटों के लिए भी निराशाजनक है। अब देखना होगा कि भारत 2030 में अपने यहां आयोजित होने वाले खेलों में निशानेबाजी को शामिल करने का प्रयास करता है या नहीं।

Point of View

भारत को कॉमनवेल्थ गेम्स की मेज़बानी से न केवल खेलों में वृद्धि होगी, बल्कि यह देश की खेल संस्कृति को भी नया आयाम देगा। हालांकि, निशानेबाजी का खेल हटाना भारत के लिए निराशाजनक है। यह समय है कि हम अपने खिलाड़ियों के लिए बेहतर अवसर सुनिश्चित करें और उन्हें अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिस्पर्धा करने का मौका दें।
NationPress
29/11/2025

Frequently Asked Questions

कॉमनवेल्थ गेम्स का आयोजन कब हुआ था?
कॉमनवेल्थ गेम्स का पहला आयोजन 1930 में हुआ था।
भारत ने अब तक कितने पदक जीते हैं?
भारत ने अब तक 564 पदक जीते हैं।
कौन सा खेल भारत के लिए सबसे लकी रहा है?
निशानेबाजी भारत के लिए सबसे लकी खेल रहा है।
कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 का आयोजन कहाँ होगा?
कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 का आयोजन ग्लासगो, स्कॉटलैंड में होगा।
क्या निशानेबाजी 2026 में शामिल होगी?
नहीं, निशानेबाजी को 2026 के कॉमनवेल्थ गेम्स से हटा दिया गया है।
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