चाइना ओपन: जोकोविच ने ज्वेरेव को 4-6, 6-4, 6-4 से हराकर सेमीफाइनल में प्रवेश किया
सारांश
मुख्य बातें
नोवाक जोकोविच ने 4 अक्टूबर 2026 को बीजिंग में खेले गए चाइना ओपन क्वार्टरफाइनल में टॉप सीड अलेक्जेंडर ज्वेरेव को 4-6, 6-4, 6-4 से मात देकर सेमीफाइनल में अपनी जगह पक्की कर ली। इस जीत के साथ सर्बियाई दिग्गज ने इस एटीपी 500 टूर्नामेंट में अपना अजेय रिकॉर्ड बरकरार रखा और अपने सातवें चाइना ओपन खिताब की दिशा में एक और कदम बढ़ाया।
मैच का पहला सेट: ज्वेरेव की दमदार शुरुआत
जर्मन खिलाड़ी ज्वेरेव — जो मैच से पहले फ्रेंच ओपन और यूएस ओपन के मौजूदा चैंपियन थे — ने आक्रामक शुरुआत की और अपनी शारीरिक ताकत का भरपूर इस्तेमाल करते हुए पहला सेट 6-4 से अपने नाम किया। जोकोविच शुरुआती दबाव में नज़र आए और ज्वेरेव की सर्विस के सामने संघर्ष करते दिखे।
गौरतलब है कि यह 2015 के बाद जोकोविच का बीजिंग में पहला मैच था, लिहाज़ा शुरुआती अनुकूलन की चुनौती स्वाभाविक थी।
दूसरे और तीसरे सेट: जोकोविच की वापसी
दूसरे सेट में जोकोविच ने अपनी चिर-परिचित लय हासिल की। जब स्कोर 4-4 से बराबर था, तब उन्होंने दसवें गेम में ज्वेरेव की सर्विस तोड़ी और इसके बाद अपनी सर्विस पर सेट 6-4 से जीतकर मैच में बराबरी कर ली।
निर्णायक तीसरे सेट में भी दोनों खिलाड़ियों के बीच कड़ी टक्कर देखने को मिली। स्कोर 4-4 होने पर जोकोविच ने एक बार फिर ज्वेरेव की सर्विस तोड़ी और निर्णायक बढ़त बनाई। इसके बाद उन्होंने शांत रहते हुए अपनी सर्विस पर मैच समेटा।
16 महीने बाद ज्वेरेव से भिड़ंत
यह मुकाबला इन दोनों के बीच लगभग 16 महीनों में पहली भिड़ंत भी थी। इनकी पिछली टक्कर 2025 में रोलैंड गैरोस में हुई थी, जहाँ जोकोविच चार सेटों में जीते थे। इस बार भी जोकोविच ने दबाव के सबसे अहम क्षणों में अपना सर्वश्रेष्ठ टेनिस खेला — यह उनकी खासियत रही है।
यह ऐसे समय में आया है जब जोकोविच का यह सत्र शारीरिक समस्याओं की वजह से बाधित रहा है। ऐसे में बीजिंग में इस जीत का महत्व और भी बढ़ जाता है।
ज्वेरेव के लिए झटका, जोकोविच की निगाहें खिताब पर
ज्वेरेव के लिए यह हार वर्ल्ड नंबर 1 रैंकिंग की दौड़ में आगे बढ़ने का एक और मौका चूकने जैसी रही। दूसरी ओर, 24 बार के ग्रैंड स्लैम चैंपियन जोकोविच अब सेमीफाइनल में पहुँच गए हैं और इस सत्र की अपनी पहली खिताबी जीत के साथ-साथ सातवें चाइना ओपन ताज की तरफ नज़रें टिकाए हुए हैं। सेमीफाइनल में उनका प्रदर्शन यह तय करेगा कि क्या वे एक बार फिर बीजिंग में अपना वर्चस्व स्थापित कर सकते हैं।