एलिसे पेरी ने रचा इतिहास: टी20 विश्व कप में 50 मैच खेलने वाली पहली खिलाड़ी बनीं
सारांश
मुख्य बातें
ऑस्ट्रेलिया की दिग्गज क्रिकेटर एलिसे पेरी ने 20 जून 2026 को महिला टी20 विश्व कप 2026 में ऑस्ट्रेलिया बनाम नीदरलैंड मैच के दौरान एक ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की — वह टी20 विश्व कप (महिला या पुरुष, किसी भी वर्ग) में 50 मैच खेलने वाली दुनिया की पहली खिलाड़ी बन गईं। यह उनका टी20 विश्व कप का 50वाँ मैच था, जो उन्होंने 2009 से अब तक के सफर में पूरा किया।
पेरी का अनूठा रिकॉर्ड
एलिसे पेरी ने 2009 से 2026 के बीच महिला टी20 विश्व कप में 50 मैच खेले हैं। इस दौरान उन्होंने बल्ले से 559 रन बनाए हैं, जिसमें उनका सर्वोच्च स्कोर 42 रन रहा है — उल्लेखनीय रूप से इन 50 पारियों में उनके बल्ले से एक भी अर्धशतक नहीं आया। गेंद से उन्होंने 42 विकेट झटके हैं, जो उनकी ऑलराउंड उपयोगिता को रेखांकित करता है। नीदरलैंड के खिलाफ इस मैच में बल्लेबाज़ी में वह केवल 1 रन बनाकर आउट हुईं, लेकिन यह रिकॉर्ड पारी उनके क्रिकेट जीवन की सबसे बड़ी उपलब्धियों में से एक है।
शीर्ष पाँच खिलाड़ियों की सूची
महिला टी20 विश्व कप में सर्वाधिक मैच खेलने के मामले में दूसरे स्थान पर न्यूज़ीलैंड की सूजी बेट्स हैं, जिन्होंने 2009 से 2026 के बीच 43 मैचों में 1,235 रन और 11 विकेट लिए हैं। तीसरे स्थान पर ऑस्ट्रेलिया की एलिसा हिली हैं, जिन्होंने 2010 से 2024 के बीच 42 मैचों में 1,008 रन बनाए। भारतीय टीम की कप्तान हरमनप्रीत कौर चौथे स्थान पर हैं — उन्होंने 2009 से 2026 के बीच 41 मैचों में 774 रन और 11 विकेट लिए हैं। पाँचवें स्थान पर न्यूज़ीलैंड की सोफी डिवाइन हैं, जिनके नाम 40 मैचों में 852 रन और 29 विकेट दर्ज हैं।
पुरुष टी20 विश्व कप से तुलना
गौरतलब है कि पुरुष टी20 विश्व कप में सर्वाधिक मैच खेलने के मामले में भारत के रोहित शर्मा 47 मैचों के साथ शीर्ष पर हैं — यानी पेरी का 50 मैचों का आँकड़ा पुरुष क्रिकेट के सर्वश्रेष्ठ रिकॉर्ड को भी पीछे छोड़ देता है। इंग्लैंड के जोस बटलर (43 मैच) और बांग्लादेश के शाकिब अल हसन (43 मैच) संयुक्त रूप से दूसरे, ऑस्ट्रेलिया के डेविड वॉर्नर (41 मैच) चौथे और इंग्लैंड के आदिल राशिद (38 मैच) पाँचवें स्थान पर हैं।
आगे क्या
महिला टी20 विश्व कप 2026 अभी जारी है। एलिसा हिली को छोड़कर शीर्ष पाँच में शामिल सभी खिलाड़ी इस संस्करण में भाग ले रही हैं, जिससे उनके मैचों, रनों और विकेटों के आँकड़ों में और इज़ाफा होना तय है। पेरी का यह मील का पत्थर महिला क्रिकेट की दीर्घायु और प्रतिस्पर्धात्मक गहराई का प्रमाण है।