फेनेस्टा ओपन 2026: वैदेही चौधरी का तीसरा विमेंस खिताब, मान केसरवानी ने जीता पहला मेंस ताज
सारांश
मुख्य बातें
31वीं फेनेस्टा ओपन नेशनल टेनिस चैंपियनशिप में 10 अक्टूबर को नई दिल्ली के DLTA परिसर में टॉप सीड वैदेही चौधरी ने विमेंस सिंगल्स और छठी सीड मान केसरवानी ने मेंस सिंगल्स खिताब अपने नाम किया। चौधरी का यह तीसरा फेनेस्टा ओपन खिताब है, जबकि केसरवानी के लिए यह पहली बार है जब वे इस प्रतिष्ठित राष्ट्रीय चैंपियनशिप के शिखर तक पहुँचे।
विमेंस फाइनल: चौधरी की हैट्रिक
वैदेही चौधरी ने 20 वर्षीया श्रुति अहलावत को 6-4, 7-5 से पराजित कर अपना तीसरा फेनेस्टा ओपन खिताब जीता। यह मुकाबला 2 घंटे 15 मिनट तक चला और दोनों सेटों में कड़ी टक्कर देखने को मिली। चौधरी इससे पहले 2022 और 2024 में भी यह खिताब जीत चुकी हैं।
पहले सेट में चौधरी 5-3 से आगे थीं, लेकिन अहलावत ने जमकर संघर्ष किया। दूसरे सेट में भी यही कहानी दोहराई गई — चौधरी 5-3 की बढ़त पर थीं और अहलावत आखिरी गेम तक लड़ती रहीं।
जीत के बाद चौधरी ने कहा, 'मुझे बहुत गर्व महसूस हो रहा है। यह मेरा तीसरा खिताब है, इसलिए मैं अभी बहुत खुश हूँ। पहले सेट में मैं 5-3 से आगे थी और वह लगातार संघर्ष कर रही थी। दूसरे सेट में भी मैं 5-3 से आगे थी और वह आखिर तक लड़ती रही। यह एक शानदार और कड़ा मुकाबला था।'
मेंस फाइनल: केसरवानी की ऐतिहासिक जीत
मेंस सिंगल्स फाइनल में छठी सीड मान केसरवानी ने तीसरी सीड नितिन सिन्हा को 6-0, 6-4 से हराकर अपना पहला फेनेस्टा ओपन खिताब जीता। यह मैच 1 घंटे 37 मिनट तक चला।
केसरवानी ने पहला सेट बिना एक भी गेम गंवाए जीता। दूसरा सेट अधिक प्रतिस्पर्धी रहा, लेकिन 3-2 के स्कोर पर एक अहम ब्रेक हासिल करने के बाद उन्होंने अपनी सर्विस बनाए रखी और मैच अपने नाम किया।
केसरवानी ने कहा, 'पहला सेट आसान था, लेकिन मैं अपने प्रतिद्वंद्वी को बधाई दूंगा — उन्हें थोड़ी चोट लगी है, फिर भी वह खेल रहे हैं और मुकाबला कर रहे हैं। मुझे उन पर बहुत गर्व है। दूसरे सेट में खेल थोड़ा लड़खड़ाया था, लेकिन 3-2 के स्कोर पर मैंने उनकी सर्विस तोड़ी और फिर अपनी सर्विस बनाए रखी और जीत हासिल की। यह मेरा पहला फेनेस्टा टाइटल है। पिछले 4 वर्षों से, मैं हर फेनेस्टा ओपन के पहले राउंड में ही हार जाता था। इस बार मैं सीधे फाइनल में पहुँचा और जीता। मैं बहुत भावुक हूँ — मैं खास तौर पर अपने माता-पिता का शुक्रिया अदा करना चाहता हूँ, जिन्होंने हमेशा मेरा साथ दिया है।'
जूनियर वर्ग के नतीजे
लड़कों के अंडर-18 सिंगल्स में 16 वर्षीय दसवीं सीड रिभव सरोहा ने चौथी सीड ओम रमेश पटेल को 6-4, 6-3 से हराकर खिताब जीता। लड़कियों के अंडर-18 सिंगल्स में दूसरी सीड पार्थसारथी मुंधे ने सातवीं सीड आहन आहन को 6-3, 6-4 से पराजित किया।
आगे क्या होगा
टूर्नामेंट का अगला चरण अब अंडर-16 और अंडर-14 वर्गों की ओर बढ़ेगा, जो अगले सप्ताह DLTA में शुरू होंगे। युवा प्रतिभाओं के लिए यह मंच भारतीय टेनिस के भविष्य की झलक देगा।