शंघाई मास्टर्स: हरकाज ने 6-4, 6-4 से जोकोविच को हराया, 9वीं कोशिश में मिली पहली जीत
सारांश
मुख्य बातें
पोलैंड के टेनिस खिलाड़ी ह्यूबर्ट हरकाज ने 9 अक्टूबर 2026 को शंघाई मास्टर्स में पूर्व वर्ल्ड नंबर-1 नोवाक जोकोविच को 6-4, 6-4 से सीधे सेटों में शिकस्त देते हुए बड़ा उलटफेर कर दिया। यह हरकाज की जोकोविच के खिलाफ नौ मुकाबलों में पहली ऐतिहासिक जीत है, जिसने टूर्नामेंट में उनकी दावेदारी को और पुख्ता कर दिया है।
मैच का घटनाक्रम
हरकाज ने पूरे मुकाबले में अपनी विस्फोटक सर्विस और आक्रामक बेसलाइन खेल के दम पर जोकोविच को कभी लय पकड़ने का मौका नहीं दिया। पोलिश खिलाड़ी ने दोनों सेटों में जोकोविच की सर्विस दो बार तोड़ी, जबकि अपने खिलाफ आए दोनों ब्रेक प्वाइंट सफलतापूर्वक बचाए।
दूसरी ओर जोकोविच शारीरिक रूप से संघर्ष करते दिखे — यह 10 दिनों में उनका छठा मैच था। सर्बियाई दिग्गज ने कुछ दिन पहले ही बीजिंग में चाइना ओपन का खिताब जीतकर अपने करियर का 102वाँ टूर-लेवल खिताब हासिल किया था।
हरकाज की ऐतिहासिक उपलब्धि
इस जीत के साथ हरकाज हार्ड कोर्ट पर रोजर फेडरर, राफेल नडाल और नोवाक जोकोविच — तीनों के खिलाफ कम से कम एक जीत दर्ज करने वाले चौथे पुरुष खिलाड़ी बन गए हैं। उनसे पहले एंडी मरे, डोमिनिक थिएम और अलेक्जेंडर ज्वेरेव यह उपलब्धि हासिल कर चुके हैं।
गौरतलब है कि हरकाज 2023 में शंघाई मास्टर्स के चैंपियन रह चुके हैं और इस जीत के साथ शंघाई में उनकी लगातार जीतों की संख्या आठ हो गई है। यह उनके इस टूर्नामेंट के प्रति विशेष लगाव और असाधारण फॉर्म को दर्शाता है।
खिलाड़ियों की प्रतिक्रिया
जीत के बाद हरकाज ने कहा, 'यह एक खास रात है। मैं लगभग सात साल से नोवाक के खिलाफ खेल रहा हूँ, और अब तक सफल नहीं हो पाया था, लेकिन वह इतने वर्षों से एक महान चैंपियन रहे हैं। टूर पर टॉप पर बने रहना और अभी-अभी बीजिंग जीतना — ऐसे में उनके खिलाफ खेलना बहुत मुश्किल काम है, लेकिन उनके साथ कोर्ट शेयर करना और खेल के इतने बड़े दिग्गज के खिलाफ खेलना मेरे लिए खुशी की बात है।'
हरकाज ने आगे कहा, 'शुरुआत में नोवाक के साथ बने रहना बहुत जरूरी था, क्योंकि अगर वे आगे निकल जाते हैं तो वापसी करना आसान नहीं होता। आखिर में मैं थोड़ा घबरा रहा था, लेकिन मैं अपनी चीजों पर ध्यान केंद्रित करने की कोशिश कर रहा था। आखिरकार अपने प्रदर्शन से मैं खुश हूँ।'
पृष्ठभूमि: दोनों का शंघाई से पहले का फॉर्म
यह ऐसे समय में आया है जब दोनों खिलाड़ी शानदार फॉर्म के साथ शंघाई मास्टर्स के दूसरे दौर में पहुँचे थे। इस साल चीन में खेले गए टूर-लेवल टूर्नामेंटों में दोनों फाइनल तक पहुँचे थे — जोकोविच ने चाइना ओपन जीता, जबकि हरकाज चेंगदू ओपन के फाइनल में एलेजांद्रो डेविडोविच फोकिना से हार गए थे।
आगे का सफर
इस जीत के साथ हरकाज शंघाई मास्टर्स के अगले दौर में पहुँच गए हैं और टूर्नामेंट जीतने के प्रबल दावेदार के रूप में उभरे हैं। जोकोविच के लिए यह हार उनकी एशियाई अभियान की निरंतरता पर प्रश्नचिह्न लगाती है, हालाँकि बीजिंग में उनका प्रदर्शन उत्कृष्ट रहा था।