ईशान किशन की राष्ट्रीय टीम में वापसी: 'घरेलू क्रिकेट में मेहनत ने दिलाई जगह, अब सिर्फ योगदान पर फोकस'
सारांश
मुख्य बातें
विकेटकीपर-बल्लेबाज ईशान किशन ने 7 अक्टूबर 2026 को लखनऊ में वेस्टइंडीज के खिलाफ पहले टी20 इंटरनेशनल मैच के बाद कहा कि राष्ट्रीय टीम से बाहर रहने का वक्त उनके लिए आत्ममंथन और खेल को परिष्कृत करने का अवसर बना। भारत की 8 विकेट की जीत में नाबाद 37 रन बनाने वाले 27 वर्षीय किशन ने कहा कि उन्होंने चयन की अनिश्चितता को पीछे छोड़कर प्रदर्शन और टीम के लिए योगदान को प्राथमिकता देना सीखा।
मुख्य घटनाक्रम
पहले टी20 में अभिषेक शर्मा और संजू सैमसन के जल्दी आउट होने के बाद किशन ने कप्तान श्रेयस अय्यर के साथ मोर्चा संभाला। इस जोड़ी ने तीसरे विकेट के लिए नाबाद 137 रन की साझेदारी की — अय्यर ने करियर की यादगार नाबाद 102 रन की पारी खेली, जबकि किशन नाबाद 37 रन बनाकर मैदान से लौटे। भारतीय टीम ने 172 रनों के लक्ष्य को महज 14.4 ओवर में 2 विकेट खोकर हासिल कर लिया।
इससे पहले भारत ने पहले गेंदबाजी का फैसला किया और वेस्टइंडीज को 171 रन पर रोक दिया। अय्यर की कप्तानी में यह जीत भारत को सीरीज में 1-0 की बढ़त देती है।
किशन की टीम से बाहरी और वापसी की कहानी
किशन ने कहा, 'जब मुझे इंटरनेशनल टीम से बाहर किया गया, तो मुझे अपनी कुछ गलतियों के नतीजों का एहसास हुआ। इसलिए, मैंने अपनी फिटनेस और बैटिंग पर काम किया। मैंने सब्र रखा और घरेलू क्रिकेट में अच्छा प्रदर्शन करके अपनी गलतियों को सुधारने पर ध्यान दिया।' उन्होंने आगे जोड़ा, 'मुझे पता था कि अगर मैं घरेलू क्रिकेट में अच्छा खेलता रहा, तो मौका जरूर मिलेगा और अपनी कड़ी मेहनत की वजह से ही मुझे नेशनल टीम में दोबारा जगह मिली।'
गौरतलब है कि किशन का यह नजरिया उनके खेल के प्रति कहीं अधिक परिपक्व दृष्टिकोण को दर्शाता है। टीम से बाहर रहने के दौरान उन्होंने घरेलू क्रिकेट में लगातार रन बनाकर चयनकर्ताओं के सामने अपना दावा पेश किया।
मैच के दौरान भूमिका और रणनीतिक समझ
किशन ने बताया कि इस पारी में उन्होंने अपना खेल जबरदस्ती थोपने के बजाय परिस्थिति की माँग को समझा। जब अय्यर तेज गति से रन बना रहे थे, तब किशन ने स्ट्राइक रोटेट करने और अपनी पसंदीदा दिशाओं में आने वाली गेंदों पर रन बनाने पर ध्यान केंद्रित किया। यह सोच उनकी बढ़ी हुई बल्लेबाजी परिपक्वता का प्रमाण है।
आगे की सोच और प्राथमिकताएँ
किशन ने स्पष्ट किया, 'एक बार जब आप टीम में वापस आ जाते हैं, तो आप यह नहीं सोचते कि अगर मुझे दोबारा बाहर कर दिया गया तो क्या होगा। सबसे आवश्यक बात है क्रिकेट का मजा लेना और टीम की जीत में अपना बेस्ट योगदान देने पर ध्यान देना। मेरा काम रन बनाते रहना है और अगर मैं ऐसा कर पाता हूं, तो बाकी चीजें अपने आप ठीक हो जाएंगी।'
यह बयान ऐसे समय में आया है जब भारत और वेस्टइंडीज के बीच टी20 सीरीज की शुरुआत हो चुकी है और चयन दबाव के बीच किशन का यह आत्मविश्वास उन्हें आगे की राह दिखाता है। सीरीज का अगला मुकाबला भारतीय टीम के लिए एक और परीक्षा होगी।