जयदेव उनादकट: सौराष्ट्र को 2 बार रणजी चैंपियन बनाने वाले अकेले कप्तान, 35 साल में भी टीम इंडिया का इंतजार
सारांश
मुख्य बातें
जयदेव उनादकट — बाएं हाथ के तेज गेंदबाज, जिनकी घातक स्विंग ने उन्हें घरेलू क्रिकेट का एक विश्वसनीय नाम बनाया — 18 अक्टूबर 2026 को 35 वर्ष के हो रहे हैं। अंतरराष्ट्रीय करियर में निरंतरता न मिलने के बावजूद, सौराष्ट्र की कप्तानी में उन्होंने जो रिकॉर्ड बनाया है, वह अद्वितीय है — वे इकलौते ऐसे कप्तान हैं जिन्होंने सौराष्ट्र को दो बार रणजी ट्रॉफी का खिताब दिलाया।
पोरबंदर से निकला एक गेंदबाज़
जयदेव उनादकट का जन्म 18 अक्टूबर 1991 को पोरबंदर, सौराष्ट्र में हुआ था। सौराष्ट्र, जो पारंपरिक रूप से क्रिकेट की पौधशाला माना जाता है, ने उनादकट को भी इसी खेल की ओर मोड़ा। बाएं हाथ से गेंद को दोनों दिशाओं में स्विंग कराने की उनकी क्षमता ने उन्हें शुरू से ही अलग पहचान दी।
2010 में उन्होंने प्रथम श्रेणी क्रिकेट में वेस्टइंडीज ए के खिलाफ डेब्यू करते हुए प्रभावशाली प्रदर्शन किया। उसी वर्ष उन्हें भारतीय टेस्ट टीम में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ पदार्पण का मौका मिला।
अंतरराष्ट्रीय करियर: अंदर-बाहर का लंबा सफर
उनादकट का राष्ट्रीय टीम के साथ संबंध हमेशा अनिश्चितता से भरा रहा। वनडे में उनका डेब्यू 2013 में और टी20 में 2016 में हुआ, लेकिन किसी भी फॉर्मेट में वे स्थायी जगह नहीं बना पाए। आँकड़ों के अनुसार, उन्होंने 4 टेस्ट में 3 विकेट, 8 वनडे में 9 विकेट और 10 टी20 अंतरराष्ट्रीय मैचों में 14 विकेट लिए।
1 अगस्त 2023 को उन्होंने भारत के लिए अपना सबसे हालिया अंतरराष्ट्रीय मैच खेला और तब से टीम इंडिया में वापसी का इंतजार जारी है। यह ऐसे समय में आया है जब भारत में तेज गेंदबाजी विभाग में प्रतिस्पर्धा अपने उच्चतम स्तर पर है।
घरेलू क्रिकेट में बेजोड़ विरासत
जहाँ अंतरराष्ट्रीय मंच पर सफलता सीमित रही, वहीं घरेलू क्रिकेट में उनादकट ने एक अमिट छाप छोड़ी है। 145 प्रथम श्रेणी मैचों में 513 विकेट और 132 लिस्ट ए मैचों में 185 विकेट — ये आँकड़े उनकी निरंतरता और दीर्घकालिक गुणवत्ता की गवाही देते हैं।
सौराष्ट्र के कप्तान के रूप में उन्होंने टीम को दो बार रणजी ट्रॉफी चैंपियन बनाया, और इस उपलब्धि को कोई अन्य सौराष्ट्र कप्तान दोहरा नहीं सका। इसके अतिरिक्त, उन्होंने 2022-23 सीजन में विजय हजारे ट्रॉफी भी सौराष्ट्र को दिलाई। वर्तमान रणजी सीजन में भी वे सौराष्ट्र की कमान संभाल रहे हैं।
आईपीएल में डेढ़ दशक का सफर
2009 से लेकर 2026 तक उनादकट आईपीएल में 8 विभिन्न टीमों का हिस्सा रह चुके हैं — यह संख्या ही इस लीग में उनकी माँग और अनुभव की परिचायक है। 116 आईपीएल मैचों में उनके नाम 114 विकेट दर्ज हैं। फिलहाल वे सनराइजर्स हैदराबाद (SRH) के साथ जुड़े हुए हैं।
35 साल की उम्र में भी टीम इंडिया की उम्मीद
गौरतलब है कि उनादकट घरेलू स्तर पर जिस निरंतरता से प्रदर्शन करते आए हैं, वह उन्हें राष्ट्रीय चयनकर्ताओं की नज़र में बनाए रखता है। 35 साल की उम्र में भी उनका जुझारूपन और तेज गेंदबाजी की क्षमता बरकरार है। आगे देखना होगा कि क्या चयनकर्ता उनके घरेलू प्रदर्शन को एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय मौके में तब्दील करते हैं।