16वीं जूनियर विमेंस हॉकी नेशनल फाइनल: झारखंड vs हरियाणा, 23 अगस्त को पुणे में खिताबी टक्कर
सारांश
मुख्य बातें
16वीं हॉकी इंडिया जूनियर विमेंस नेशनल चैंपियनशिप 2026 का फाइनल 23 अगस्त, रविवार को पुणे के निकट स्थित मेजर ध्यानचंद हॉकी स्टेडियम में खेला जाएगा, जिसमें हॉकी झारखंड और हॉकी हरियाणा खिताब के लिए आमने-सामने होंगी। 12 अगस्त से शुरू हुई इस राष्ट्रीय प्रतियोगिता में देशभर की शीर्ष जूनियर महिला हॉकी टीमों ने हिस्सा लिया और अब दो सर्वश्रेष्ठ टीमें खिताब के लिए भिड़ने को तैयार हैं।
झारखंड का सफर: दबाव में दिखाया कमाल
कप्तान रजनी केरकेट्टा की अगुवाई और कोच विकास पंत के मार्गदर्शन में हॉकी झारखंड ने टूर्नामेंट की शुरुआत हॉकी चंडीगढ़ पर 6-0 की दमदार जीत से की। इसके बाद हॉकी पंजाब को 3-1 से मात देकर टीम ने नॉकआउट दौर में प्रवेश किया।
क्वार्टरफाइनल में हॉकी एसोसिएशन ऑफ ओडिशा के खिलाफ मुकाबला 1-1 से बराबर रहा, लेकिन झारखंड ने शूटआउट में 4-3 से जीत दर्ज कर अपना जज्बा साबित किया। सेमीफाइनल में हॉकी मध्य प्रदेश के विरुद्ध भी यही दृश्य दोहराया गया — मैच 1-1 से बराबर रहने के बाद झारखंड ने शूटआउट में 2-1 से जीत हासिल कर फाइनल में जगह पक्की की। लगातार दो शूटआउट जीतना झारखंड की मानसिक मजबूती और संयम का प्रमाण है।
हरियाणा का अभियान: आक्रामक खेल, जबरदस्त आँकड़े
कप्तान शशि की अगुवाई में हॉकी हरियाणा ने पूरे टूर्नामेंट में आक्रामक और संतुलित हॉकी का प्रदर्शन किया। टीम ने पूल चरण में हॉकी बंगाल को 10-1 से रौंदा और हॉकी एसोसिएशन ऑफ ओडिशा को 3-0 से परास्त किया।
क्वार्टरफाइनल में हॉकी चंडीगढ़ को 3-1 से हराने के बाद हरियाणा ने सेमीफाइनल में छत्तीसगढ़ हॉकी को 8-0 से बड़ी जीत से धराशायी कर दिया। हरियाणा ने अपने चार मुकाबलों में कुल 24 गोल दागे और महज 2 गोल खाए — यह आँकड़ा उनकी आक्रामक और रक्षात्मक, दोनों क्षमताओं की गवाही देता है।
दो अलग रास्ते, एक मंज़िल
यह फाइनल दो बिल्कुल अलग शैलियों की टक्कर होगी। हरियाणा ने विस्फोटक जीत के दम पर फाइनल तक का सफर तय किया है, जबकि झारखंड ने कठिन नॉकआउट मैचों में संयम और मानसिक दृढ़ता से अपनी जगह बनाई है। गौरतलब है कि झारखंड ने टूर्नामेंट में एक भी मैच नियमित समय में हारे बिना आगे बढ़ी है, जबकि हरियाणा की गोल-औसत बेजोड़ रही है।
नेतृत्व की भूमिका
झारखंड की कमान रजनी केरकेट्टा के हाथों में है, जिन्होंने दबाव के क्षणों में टीम को एकजुट रखा। वहीं हरियाणा की शशि ने अपनी टीम को निरंतर आक्रामक खेल के लिए प्रेरित किया है। दोनों कप्तानों की रणनीति और मैदान पर उपस्थिति इस फाइनल का निर्णायक पहलू हो सकती है।
क्या होगा आगे
23 अगस्त को मेजर ध्यानचंद हॉकी स्टेडियम, पुणे में खेले जाने वाले इस फाइनल में देशभर के हॉकी प्रेमियों की निगाहें टिकी होंगी। यह मुकाबला न सिर्फ एक खिताब का फैसला करेगा, बल्कि भारतीय जूनियर महिला हॉकी के भविष्य की प्रतिभाओं को भी राष्ट्रीय मंच पर उभरने का मौका देगा।