खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स: मैरी कॉम ने आदिवासी खिलाड़ियों के भविष्य की संभावना को उजागर किया

Click to start listening
खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स: मैरी कॉम ने आदिवासी खिलाड़ियों के भविष्य की संभावना को उजागर किया

सारांश

खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स का पहला संस्करण छत्तीसगढ़ में संपन्न हुआ। मैरी कॉम ने आदिवासी खिलाड़ियों के लिए इस आयोजन को एक उत्कृष्ट अवसर बताया। जानें इस इवेंट के बारे में और क्या कहते हैं दिग्गज खिलाड़ी।

Key Takeaways

  • खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स का पहला संस्करण छत्तीसगढ़ में सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।
  • मैरी कॉम ने आदिवासी खिलाड़ियों के लिए इस इवेंट को महत्वपूर्ण बताया।
  • कर्नाटक ने सबसे अधिक 23 स्वर्ण पदक जीते।
  • ओडिशा ने 57 पदक जीतकर उत्कृष्ट प्रदर्शन किया।
  • आदिवासी खिलाड़ियों को अपनी प्रतिभा दिखाने का एक बेहतरीन मंच मिला।

रायपुर, 3 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। छत्तीसगढ़ में आयोजित 'खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स' का पहला संस्करण शुक्रवार को सफलतापूर्वक समाप्त हो गया। इस टूर्नामेंट के समापन समारोह में भारत की प्रसिद्ध महिला बॉक्सिंग चैंपियन मैरी कॉम और पूर्व फुटबॉल खिलाड़ी बाईचुंग भूटिया उपस्थित रहे। मैरी कॉम ने कहा कि इस आयोजन से आदिवासी खिलाड़ियों को अपनी प्रतिभा के प्रदर्शन का एक अद्भुत अवसर मिलेगा।

बाईचुंग भूटिया ने कहा कि आदिवासी खिलाड़ियों में प्रतिभा की कोई कमी नहीं है और 'खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स' उनके लिए अपनी क्षमता साबित करने का एक बेहतरीन प्लेटफार्म है। उन्होंने बताया, "भारत में आदिवासी खेल प्रेमी माने जाते हैं, और यह साबित हो चुका है कि कई आदिवासी खिलाड़ियों ने ओलंपिक से लेकर विश्व चैंपियनशिप तक भारत के लिए पदक जीते हैं। इसलिए मेरा मानना है कि आदिवासी क्षेत्रों में छिपी हुई प्रतिभा को इस खेल के माध्यम से उजागर किया जा सकता है।"

मैरी कॉम ने प्रतियोगिता में पदक जीतने वाले खिलाड़ियों की सराहना की और जो खिलाड़ी पदक नहीं जीत पाए उनके हौसले को भी बढ़ाया। उन्होंने कहा, "सबसे पहले मैं छत्तीसगढ़ सरकार का आभार व्यक्त करती हूँ कि उन्होंने मुझे 'खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स 2026' में आमंत्रित किया। मुझे आदिवासी समुदाय के मूल्य बहुत पसंद आए। छत्तीसगढ़ सरकार ने खिलाड़ियों को एक ऐसा मंच दिया है जो उनके लिए बहुत लाभदायक साबित होगा। इस इवेंट में मेडल जीतने वाले खिलाड़ियों के लिए भविष्य के रास्ते खुल गए हैं।"

महिला बॉक्सिंग चैंपियन ने आगे कहा, "जो खिलाड़ी इस टूर्नामेंट में कोई पदक नहीं जीत सके हैं, मैं उन्हें यह संदेश देना चाहती हूँ कि उन्हें निराश नहीं होना चाहिए। अगर मैं भी हार मान लेती, तो मैं आज इस स्थान तक नहीं पहुंच पाती। इसलिए पदक न जीतने वाले खिलाड़ियों को लगातार मेहनत करते रहना चाहिए, वे अगली बार जरूर सफल होंगे।" मैरी कॉम ने खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स को छत्तीसगढ़ सरकार की एक सराहनीय पहल बताया।

इस प्रतियोगिता में कर्नाटक ने सबसे अधिक 23 स्वर्ण पदक हासिल किए। वहीं, ओडिशा ऐसा राज्य रहा जिसने 50 से अधिक पदक जीते। ओडिशा ने कुल 57 पदक जीते, जिसमें 21 स्वर्ण, 15 रजत और 21 कांस्य शामिल हैं। कर्नाटक ने 23 स्वर्ण, 8 रजत और 7 कांस्य पदक प्राप्त किए। झारखंड ने भी अच्छा प्रदर्शन करते हुए 16 स्वर्ण, 8 रजत और 11 कांस्य पदक जीते।

Point of View

NationPress
10/04/2026

Frequently Asked Questions

खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स कब आयोजित हुए?
खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स का पहला संस्करण 3 अप्रैल को छत्तीसगढ़ में सम्पन्न हुआ।
मैरी कॉम ने इस इवेंट के बारे में क्या कहा?
मैरी कॉम ने कहा कि इस खेलों की मदद से आदिवासी खिलाड़ियों को आगे बढ़ने में सहायता मिलेगी।
कर्नाटक ने कितने पदक जीते?
कर्नाटक ने कुल 23 स्वर्ण पदक जीते।
ओडिशा ने कितने पदक जीते?
ओडिशा ने कुल 57 पदक जीते, जिसमें 21 स्वर्ण शामिल हैं।
इस इवेंट का महत्व क्या है?
यह इवेंट आदिवासी खिलाड़ियों को अपनी प्रतिभा साबित करने का एक महत्वपूर्ण अवसर प्रदान करता है।
Nation Press