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केकेआर के राहुल त्रिपाठी और सौरभ दुबे ने कोलकाता की दुर्गा पूजा में किया 'धुनुची नृत्य'

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केकेआर के राहुल त्रिपाठी और सौरभ दुबे ने कोलकाता की दुर्गा पूजा में किया 'धुनुची नृत्य'

सारांश

आईपीएल सीजन आमतौर पर मार्च-मई में होने के कारण केकेआर के खिलाड़ी कभी कोलकाता की दुर्गा पूजा नहीं देख पाते थे — इस बार राहुल त्रिपाठी और सौरभ दुबे ने यह कमी पूरी की। इंडियन म्यूजियम में धुनुची नृत्य करते इन क्रिकेटरों ने क्रिकेट और बंगाली संस्कृति के अनूठे मेल को जीवंत कर दिया।

मुख्य बातें

केकेआर के क्रिकेटर राहुल त्रिपाठी और सौरभ दुबे ने कोलकाता के इंडियन म्यूजियम में दुर्गा पूजा उत्सव में भाग लिया।
दोनों खिलाड़ियों ने पारंपरिक धुनुची नृत्य में हिस्सा लिया, जो दुर्गा पूजा की एक भक्तिपूर्ण परंपरा है।
राहुल त्रिपाठी ने कहा कि आईपीएल सीजन मार्च-मई में होने के कारण वे पहले कभी कोलकाता की दुर्गा पूजा नहीं देख पाए थे।
सौरभ दुबे ने इसे जीवन में एक बार अवश्य देखने लायक अनुभव बताया और दो-तीन दिन और रुकने की इच्छा जताई।
यूनेस्को ने कोलकाता की दुर्गा पूजा को 'इंटैंजिबल कल्चरल हेरिटेज' की सूची में शामिल किया हुआ है।

कोलकाता नाइट राइडर्स (केकेआर) के क्रिकेटर राहुल त्रिपाठी और सौरभ दुबे ने 18 अक्टूबर 2025 को कोलकाता के प्रतिष्ठित इंडियन म्यूजियम में आयोजित दुर्गा पूजा उत्सव में भाग लिया। दोनों इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) खिलाड़ियों ने पारंपरिक 'धुनुची नृत्य' में हिस्सा लिया और पंडालों की भव्य सजावट व प्रदर्शनी का भी अनुभव किया।

उत्सव में क्रिकेटरों की भागीदारी

दोनों खिलाड़ी शनिवार को इंडियन म्यूजियम पहुँचे, जहाँ उन्होंने दुर्गा पूजा की विशेष प्रदर्शनी देखी। इस दौरान उन्होंने धुनुची नृत्य में भी उत्साहपूर्वक भाग लिया — यह एक भक्तिपूर्ण परंपरागत नृत्य है जो दुर्गा पूजा के अवसर पर विशेष रूप से किया जाता है। गौरतलब है कि आईपीएल का सीजन प्रायः मार्च से मई के बीच होता है, इसलिए केकेआर के खिलाड़ियों को अक्टूबर में कोलकाता की दुर्गा पूजा का अनुभव लेने का अवसर कम ही मिल पाता है।

राहुल त्रिपाठी का अनुभव

राहुल त्रिपाठी ने इस उत्सव को अपने जीवन का यादगार अनुभव बताया। उन्होंने कहा, 'मुझे यहाँ आकर बहुत ही अच्छा लग रहा है। मैंने कलकत्ता की दुर्गा पूजा के बारे में काफी सुना था। हमारा आईपीएल सीजन हमेशा मार्च, अप्रैल और मई में रहा है। यहाँ के लोग बोलते थे कि अगर आपने कलकत्ता की दुर्गा पूजा नहीं देखी तो फिर क्या देखा... आज मुझे सच में इस बात का अहसास हुआ कि दुर्गा पूजा में एक अलग ही माहौल होता है। यहाँ विधि-विधान से पूजा हो रही है और जिस तरह से सभी पंडालों को सजाया जा रहा है — यहाँ सभी पंडाल में कोई न कोई आइकॉनिक चीज है या कोई न कोई थीम है।'

त्रिपाठी ने विशेष रूप से पंडालों की थीम-आधारित सजावट की सराहना की और कहा कि यह उत्सव बाकी आयोजनों से सर्वथा भिन्न अनुभव है।

सौरभ दुबे की प्रतिक्रिया

सौरभ दुबे ने भी इस अवसर पर अपनी खुशी जाहिर की। उन्होंने कहा, 'हम यहाँ इंडियन म्यूजियम में दुर्गा पूजा उत्सव में आए हैं। यहाँ आकर बहुत ही अच्छा अनुभव है। जब से हमें पता चला कि हमें यहाँ बुलाया जा रहा है, तभी से काफी उत्साहित थे। हमें जिंदगी में एक न एक बार यहाँ आकर दुर्गा पूजा जरूर देखनी चाहिए। मन कर रहा कि मैं यहाँ दो-तीन दिन रुक जाऊँ, लेकिन मेरे पास समय थोड़ा कम है।'

धुनुची नृत्य का सांस्कृतिक महत्त्व

धुनुची नृत्य बंगाल की दुर्गा पूजा की एक अभिन्न परंपरा है, जिसमें मिट्टी के बर्तन में धूप जलाकर देवी दुर्गा की आराधना करते हुए नृत्य किया जाता है। यह नृत्य भक्ति और उत्सव का अनूठा संगम माना जाता है। यूनेस्को ने कोलकाता की दुर्गा पूजा को 'इंटैंजिबल कल्चरल हेरिटेज' की सूची में शामिल किया है, जो इस उत्सव की वैश्विक पहचान को रेखांकित करता है।

आगे क्या

दुर्गा पूजा का यह उत्सव कोलकाता में हर वर्ष लाखों श्रद्धालुओं और पर्यटकों को आकर्षित करता है। केकेआर खिलाड़ियों की इस भागीदारी से न केवल क्रिकेट और संस्कृति का सुंदर मेल देखने को मिला, बल्कि यह शहर और टीम के बीच के भावनात्मक जुड़ाव को भी दर्शाता है। आने वाले आईपीएल सीजन से पहले ऐसे सांस्कृतिक जुड़ाव टीम की कोलकाता के प्रशंसकों के साथ बंधन को और मजबूत करते हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

तो यह संदेश बदलता है। असली सवाल यह है कि क्या ऐसे जुड़ाव केवल ऑफ-सीजन की पीआर कवायद हैं, या टीम-प्रबंधन वास्तव में खिलाड़ियों को शहर की सांस्कृतिक विरासत से परिचित कराने में निवेश कर रहा है।
RashtraPress
17 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

केकेआर के कौन से खिलाड़ी कोलकाता की दुर्गा पूजा में शामिल हुए?
कोलकाता नाइट राइडर्स (केकेआर) के क्रिकेटर राहुल त्रिपाठी और सौरभ दुबे कोलकाता के इंडियन म्यूजियम में आयोजित दुर्गा पूजा उत्सव में शामिल हुए। दोनों ने पारंपरिक धुनुची नृत्य में भी भाग लिया।
धुनुची नृत्य क्या होता है?
धुनुची नृत्य दुर्गा पूजा के दौरान किया जाने वाला एक पारंपरिक बंगाली भक्तिनृत्य है, जिसमें मिट्टी के बर्तन में धूप जलाकर देवी दुर्गा की आराधना करते हुए नृत्य किया जाता है। यह बंगाल की सांस्कृतिक पहचान का एक अहम हिस्सा है।
राहुल त्रिपाठी ने कोलकाता की दुर्गा पूजा के बारे में क्या कहा?
राहुल त्रिपाठी ने कहा कि उन्होंने पहले कभी कोलकाता की दुर्गा पूजा नहीं देखी थी क्योंकि आईपीएल सीजन मार्च-मई में होता है। उन्होंने कहा कि यहाँ आकर उन्हें अहसास हुआ कि दुर्गा पूजा का माहौल वाकई अलग और अद्वितीय है, और हर पंडाल में कोई न कोई खास थीम या आइकॉनिक चीज देखने को मिलती है।
सौरभ दुबे ने इस उत्सव को कैसा बताया?
सौरभ दुबे ने इसे एक शानदार और यादगार अनुभव बताया। उन्होंने कहा कि जिंदगी में एक बार कोलकाता की दुर्गा पूजा जरूर देखनी चाहिए और वे दो-तीन दिन और रुकना चाहते थे, लेकिन समय की कमी के कारण ऐसा संभव नहीं हो सका।
कोलकाता की दुर्गा पूजा को क्या अंतरराष्ट्रीय मान्यता मिली है?
यूनेस्को ने कोलकाता की दुर्गा पूजा को 'इंटैंजिबल कल्चरल हेरिटेज ऑफ ह्यूमैनिटी' की सूची में शामिल किया है। यह मान्यता इस उत्सव की वैश्विक सांस्कृतिक महत्ता को रेखांकित करती है।
राष्ट्र प्रेस
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