माधव तिवारी का मंत्र: ऑल-राउंडर को मिलते हैं मैच पलटने के दोहरे मौके
सारांश
मुख्य बातें
मध्यप्रदेश के युवा ऑल-राउंडर माधव तिवारी ने 20 जून 2026 को कहा कि एक ऑल-राउंडर होने का सबसे बड़ा फायदा यह है कि उसके पास मैच का रुख बदलने के एक से अधिक रास्ते होते हैं — बल्लेबाज़ी, गेंदबाज़ी और फ़ील्डिंग, तीनों मोर्चों पर। आईपीएल 2026 में दिल्ली कैपिटल्स (DC) के लिए खेलकर छाप छोड़ने वाले तिवारी अब मध्य प्रदेश लीग (MPL) टी20 सिंधिया कप 2026 में उज्जैन फाल्कन्स की नुमाइंदगी कर रहे हैं।
दबाव में दिमाग का खेल
तिवारी ने कहा, "मुझे लगता है कि दबाव वाली स्थिति में, शायद मेरा दिमाग अच्छा काम करता है। मैं लगभग 8-9 साल से क्रिकेट खेल रहा हूँ, इसलिए स्किल्स वाला हिस्सा अच्छा चल रहा है और इसमें सुधार होता रहेगा। जब आप दबाव वाली स्थिति में होते हैं, तो सबकुछ मानसिक हो जाता है।" उनका मानना है कि मानसिक स्वतंत्रता ही खेल में निरंतरता की असली कुंजी है।
आईपीएल के अनुभव ने बदला नज़रिया
मध्यप्रदेश के रीवा जिले के मऊगंज से ताल्लुक रखने वाले तिवारी पिछले दो सीज़न से दिल्ली कैपिटल्स के साथ जुड़े हैं। उन्होंने बताया कि अक्षर पटेल, केएल राहुल, ट्रिस्टन स्टब्स, मिशेल स्टार्क और डेविड मिलर जैसे अनुभवी खिलाड़ियों के साथ ड्रेसिंग रूम साझा करने ने उनके क्रिकेट को नई गहराई दी है।
उन्होंने कहा, "आईपीएल 2026 में मैंने अपने सीनियर खिलाड़ियों से बहुत कुछ सीखा। मैंने उनसे और उन कोचों से लंबी बातचीत की जिनके पास बहुत अनुभव है। मैं उन अनुभवों को एमपीएल में लागू करने और प्रदर्शन में निरंतरता लाने की कोशिश करूँगा।"
ऑल-राउंडर की दोहरी ज़िम्मेदारी
तिवारी के अनुसार ऑल-राउंडर होना एक विशेषाधिकार है। उन्होंने कहा, "कभी-कभी आपकी बैटिंग का दिन अच्छा नहीं होता। लेकिन आप वापसी कर सकते हैं और अपनी बॉलिंग से अपनी टीम को जिता सकते हैं। अगर बॉलिंग में आपका दिन अच्छा नहीं जाता, तो आप अपनी बैटिंग से अपनी टीम को जिता सकते हैं।" उन्होंने यह भी जोड़ा कि फ़ील्डिंग में भी वे 100 प्रतिशत योगदान देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।
एमपीएल ने दिलाया आईपीएल का दरवाज़ा
तिवारी ने आईपीएल में अपने चयन का श्रेय मध्य प्रदेश लीग को दिया। उन्होंने बताया, "दिल्ली कैपिटल्स ने मुझे ट्रायल्स के लिए बुलाया। वहाँ जाने पर, सभी को देखकर बहुत डर लग रहा था। किस्मत से, मैं अपने पहले साल में ही चयनित हो गया।" यह बयान इस बात का प्रमाण है कि राज्य-स्तरीय लीगें युवा प्रतिभाओं के लिए राष्ट्रीय मंच तक पहुँचने की सीढ़ी बन रही हैं।
उज्जैन फाल्कन्स का प्ले-ऑफ सफ़र मुश्किल
उज्जैन फाल्कन्स के लिए एमपीएल प्ले-ऑफ में जगह बनाना अब कठिन नज़र आ रहा है। तिवारी ने स्वीकार किया कि टीम ने कुछ अहम मैचों में मौके गँवाए। उन्होंने कहा, "हमारे लिए क्वालीफाई करना बहुत मुश्किल है। मेरा इरादा अब आखिरी मैच को अच्छे से खत्म करना है।" गौरतलब है कि व्यक्तिगत प्रदर्शन से ज़्यादा टीम की जीत को तरजीह देने वाला यह रवैया उनकी परिपक्वता को दर्शाता है।