एमबाप्पे के 2 गोल, फ्रांस ने सेनेगल को 3-1 से हराया; वर्ल्ड कप में 14 गोल का रिकॉर्ड
सारांश
मुख्य बातें
काइलियन एमबाप्पे ने 17 जून 2026 को न्यू जर्सी में खेले गए फीफा वर्ल्ड कप 2026 के अपने पहले मुकाबले में दो गोल दागकर फ्रांस को सेनेगल पर 3-1 की जीत दिलाई। इस प्रदर्शन के साथ 27 वर्षीय एमबाप्पे फ्रांस की ओर से सर्वाधिक अंतरराष्ट्रीय गोल करने वाले खिलाड़ी बन गए और वर्ल्ड कप इतिहास में भी फ्रांस के सबसे सफल गोलस्कोरर के रूप में उभरे।
मैच का घटनाक्रम
पहले हाफ में सेनेगल के खिलाड़ियों निकोलस जैक्सन और इस्माइला सार ने गोल के कई मौके बनाए, लेकिन फ्रांस के मज़बूत डिफेंस ने हर प्रयास को नाकाम कर दिया। पहला हाफ गोलरहित रहा।
दूसरे हाफ में फ्रांस ने आक्रामक रुख अपनाया। माइकल ओलिस के शानदार पास पर एमबाप्पे ने पहला गोल दागा, जिससे उन्होंने ओलिवियर गिरौद के 57 गोल के रिकॉर्ड की बराबरी की। स्टॉपेज टाइम में बॉक्स के बाहर से एक ज़बरदस्त शॉट से उन्होंने दूसरा गोल किया और गिरौद को पीछे छोड़ते हुए फ्रांस के सर्वकालिक शीर्ष स्कोरर बन गए — कुल 58 अंतरराष्ट्रीय गोल।
मैच के अंतिम क्षणों में सेनेगल के युवा खिलाड़ी इब्राहिम मबाये ने एक सांत्वना गोल किया, लेकिन फ्रांस की जीत पर कोई असर नहीं पड़ा। अंतिम स्कोर 3-1 रहा।
एमबाप्पे के ऐतिहासिक रिकॉर्ड
एमबाप्पे वर्ल्ड कप में अब 14 गोल कर चुके हैं। उन्होंने फ्रांस के दिग्गज जस्ट फॉनटेन (13 गोल) को पीछे छोड़ा और अर्जेंटीना के लियोनेल मेसी (26 मुकाबलों में 13 गोल) से भी आगे निकल गए। अब उनकी नज़र जर्मनी के महान खिलाड़ी मिरोस्लाव क्लोज़ के वर्ल्ड कप में सर्वाधिक 16 गोल के रिकॉर्ड पर है — एमबाप्पे उससे महज़ 2 गोल पीछे हैं।
एमबाप्पे का लक्ष्य: रिकॉर्ड नहीं, वर्ल्ड कप
मैच के बाद एमबाप्पे ने साफ कहा कि व्यक्तिगत आँकड़े उनकी प्राथमिकता नहीं हैं। उन्होंने कहा, "मैं चाहता हूं कि मेरा नाम फ्रांस के फुटबॉल इतिहास में याद रखा जाए। मेरी कोशिश है कि टीम फाइनल तक पहुंचे और वर्ल्ड कप जीते। रिकॉर्ड और उपलब्धियां मेरे करियर का हिस्सा हैं, लेकिन टीम की सफलता सबसे महत्वपूर्ण है।"
इब्राहिम मबाये का इतिहास
सेनेगल के लिए इब्राहिम मबाये ने भी इस मैच में अपना नाम इतिहास में दर्ज कराया। 18 साल और 142 दिन की उम्र में वे किसी अफ्रीकी देश की ओर से वर्ल्ड कप में गोल करने वाले सबसे कम उम्र के खिलाड़ी बने। मैच के बाद उन्होंने माना कि दूसरे हाफ में टीम अपना स्तर बनाए नहीं रख सकी और फ्रांस ने छोटी-छोटी गलतियों का पूरा फायदा उठाया।
2022 की हार का बदला
गौरतलब है कि 2022 फीफा वर्ल्ड कप के ग्रुप चरण में सेनेगल ने फ्रांस को हराया था। 17 जून 2026 की इस जीत के साथ फ्रांस ने उस हार का हिसाब चुकता कर लिया। यह जीत फ्रांस के वर्ल्ड कप अभियान की मज़बूत शुरुआत मानी जा रही है।