मेसी का अर्जेंटीना से भावुक विदाई: 'द लास्ट टैंगो' में पेनल्टी गोल, 208 मैचों का सफर समाप्त
सारांश
मुख्य बातें
लियोनेल मेसी ने 7 अक्टूबर 2026 को ब्यूनस आयर्स के एस्टाडियो मास मोनुमेंटल में बेनिन के खिलाफ अपना आखिरी अंतरराष्ट्रीय मैच खेला और इस ऐतिहासिक विदाई मुकाबले में एक गोल के साथ दो असिस्ट भी किए। 'द लास्ट टैंगो' नाम दिए गए इस मैच के साथ ही अर्जेंटीना की नीली-सफेद जर्सी में मेसी का करियर हमेशा के लिए पर्दा डाल गया।
विदाई समारोह: स्टेडियम में उमड़ा जन-सैलाब
मैच की शुरुआत से पहले ही पूरा स्टेडियम खचाखच भरा हुआ था। रिवर प्लेट के अध्यक्ष ने मेसी को क्लब की मानद सदस्यता, एक विशेष स्मृति पट्टिका और खास जर्सी भेंट की। बेनिन की टीम ने भी मेसी को एक अलग उपहार देकर उनके प्रति सम्मान जताया। मैच के 10वें मिनट में खेल को रोककर मेसी के सम्मान में एक भावपूर्ण कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें बेनिन के खिलाड़ी भी मेसी से हाथ मिलाते नजर आए।
मैदान पर मेसी का जादू: गोल और असिस्ट से सजाई विदाई
दूसरे हाफ में मेसी ने निकोलस ओटामेंडी को गोल करने में मदद की, जिससे अर्जेंटीना ने 1-0 की बढ़त बनाई। इसके बाद 61वें मिनट में निको पाज ने बेनिन के डिफेंस को भेदते हुए अर्जेंटीना के लिए दूसरा गोल दागा। मैच का सबसे भावुक पल 71वें मिनट में आया जब मेसी ने पेनल्टी पर दमदार शॉट लगाते हुए गेंद को टॉप राइट कॉर्नर में पहुँचाया — यह उनका अपना पहला और अंतरराष्ट्रीय करियर का आखिरी गोल था।
आँकड़ों में मेसी का अर्जेंटीना करियर
मेसी ने अर्जेंटीना के लिए कुल 208 अंतरराष्ट्रीय मैच खेले और इस दौरान 126 गोल तथा 69 असिस्ट दर्ज किए। उनकी कप्तानी में अर्जेंटीना ने फीफा विश्व कप 2022 जीता था, जो किसी भी अर्जेंटीनी फुटबॉलर के लिए सबसे बड़ी उपलब्धि मानी जाती है। यह ऐसे समय में आया है जब पूरी दुनिया में मेसी को अब तक के सर्वश्रेष्ठ फुटबॉलरों में गिना जाता है।
संन्यास की घोषणा और विदाई मैच की पृष्ठभूमि
गौरतलब है कि मेसी ने 31 अगस्त 2026 को अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल से संन्यास लेने का ऐलान किया था। इसके बाद अर्जेंटीना फुटबॉल एसोसिएशन ने उनसे एक आखिरी विदाई मैच खेलने की गुजारिश की, जिसे मेसी ने स्वीकार किया। मैच में फीफा विश्व कप 2022 में अर्जेंटीना को चैंपियन बनाने वाले साथी खिलाड़ी और मेसी का परिवार भी स्टेडियम में उपस्थित रहा।
मैदान पर आखिरी पल: भावनाओं का उफान
मैच के अंतिम क्षणों में अर्जेंटीना की ओर से कई और गोल करने के प्रयास किए गए, लेकिन टीम को सफलता नहीं मिली। मैच खत्म होने के बाद मेसी की आँखों में आँसू थे और उनके साथ मौजूद खिलाड़ी तथा हजारों दर्शक भी भावुक नजर आए। यह वह पल था जब फुटबॉल की दुनिया का एक युग अपने सबसे भव्य और यादगार अंत की ओर बढ़ा।