क्या मुझे गेंद को देखना और परिस्थितियों के हिसाब से खुद को ढालना होता है: अभिषेक शर्मा?
सारांश
Key Takeaways
- अभिषेक शर्मा की तूफानी पारी ने भारत को जीत दिलाई।
- उन्होंने अपनी बल्लेबाजी में रणनीति और इरादे को महत्व दिया।
- रिंकू सिंह ने भी महत्वपूर्ण योगदान दिया।
नागपुर, 21 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। अभिषेक शर्मा ने 35 गेंदों में 8 छक्कों और 5 चौकों के साथ 84 रन की तूफानी पारी खेलकर भारत को न्यूजीलैंड के खिलाफ 48 रन से जीत दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उनकी इस शानदार बल्लेबाजी के लिए उन्हें 'प्लेयर ऑफ द मैच' का खिताब मिला।
मैच जीतने के बाद अभिषेक शर्मा ने कहा, "हमारे पास पहले दिन से ही एक योजना थी और हम उसी पर ध्यान केंद्रित कर रहे थे। मुझे यह समझ में आ गया है कि अगर आपको हर गेंद पर हिट करना है या 200 की स्ट्राइक रेट से खेलना है, तो इरादे के साथ खेलना जरूरी है। हर टीम मेरे खिलाफ एक योजना बनाती है। ऐसे में मेरी तैयारी महत्वपूर्ण है। मैं अपनी प्रवृत्ति पर भरोसा करता हूं।"
उन्होंने आगे कहा, "मुझे नहीं लगता कि मेरी भूमिका बहुत जोखिम वाली है, लेकिन मैं इसे अपना कंफर्ट जोन भी नहीं कहूंगा। मैंने पहले छह ओवरों में बड़े शॉट खेलने की अच्छी प्रैक्टिस की है। मैं कभी रेंज-हिटिंग नहीं करता। मुझे गेंद को देखना और परिस्थितियों के अनुसार खुद को ढालना होता है। इसी के लिए मैं अपने नेट सेशंस में योजना बनाता हूं। अपनी बल्लेबाजी के वीडियो देखकर आप समझ सकते हैं कि गेंदबाज आपके खिलाफ कहाँ गेंदबाजी करता है।"
दूसरी ओर, इस मुकाबले में रिंकू सिंह ने 20 गेंदों में 3 छक्कों और 4 चौकों के साथ नाबाद 44 रन बनाए। अपनी पारी को लेकर उन्होंने कहा, "मुझ पर दबाव था क्योंकि मैं टीम में अंदर-बाहर हो रहा था। योजना थी कि हम सिंगल लेंगे और फिर बड़े शॉट खेलेंगे। मुझे अंत तक टिके रहना था। मैंने वही किया। गौतम गंभीर सर ने मुझसे कहा कि इरादा बनाए रखना। हम इस आत्मविश्वास और मोमेंटम को वर्ल्ड कप में आगे ले जाना चाहते हैं और उसे जीतना चाहते हैं।"
रिंकू सिंह ने अर्शदीप सिंह के साथ 13 गेंदों में 29 रन की साझेदारी को लेकर कहा, "मैं अर्शदीप के साथ बैटिंग कर रहा था और योजना थी कि जब गेंदें हमारी रेंज में हों तो बाउंड्री मारें। मैंने बस उनसे कहा कि शांत रहें और सिंगल लेकर स्ट्राइक मुझे दें।"