न्यूजीलैंड-भारत टी20 सीरीज: ठंड-ओस में सीम बॉलिंग होगी निर्णायक, भारतीय खिलाड़ियों को होगा 'शॉक' — जेम्स पैमेंट
सारांश
मुख्य बातें
मुंबई इंडियंस के पूर्व फील्डिंग कोच जेम्स पैमेंट ने कहा है कि आगामी न्यूजीलैंड-भारत टी20 सीरीज में भारतीय खिलाड़ियों को वहाँ की परिस्थितियों से तालमेल बैठाने में शुरुआती मुश्किल आएगी। उनके अनुसार, मैच रात 8 बजे शुरू होंगे और उस दौरान तापमान लगभग 10 डिग्री सेल्सियस तक गिर जाएगा — जो भारतीय खिलाड़ियों के लिए एक वास्तविक चुनौती होगी। पैमेंट के मुताबिक, इन हालात में सीम बॉलिंग सीरीज की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभाएगी।
परिस्थितियाँ भारत के लिए होंगी अपरिचित
पैमेंट ने कहा, 'हाल के वर्षों में अंतरराष्ट्रीय टीमों ने इस समय अवधि में न्यूजीलैंड का दौरा बहुत कम किया है। भारतीय टीम ने तो बहुत ही कम दौरा किया है। इंडियन लड़कों के लिए यह थोड़ा शॉक होगा, जब वे यहाँ पहुँचेंगे और यहाँ के हालात से तालमेल बैठाएंगे।' उन्होंने स्पष्ट किया कि मैचों के दौरान ठंड, ओस और अंधेरे का संयोजन — जो भारत के घरेलू मैदानों पर शायद ही देखने को मिलता है — खिलाड़ियों की फील्डिंग और गेंदबाजी दोनों पर असर डाल सकता है।
सीम बॉलिंग के लिए अनुकूल परिस्थितियाँ
पैमेंट ने कहा कि न्यूजीलैंड पिछले कुछ वर्षों से टी20 मैचों के लिए बेहतरीन क्रिकेट पिचें तैयार करने में माहिर रहा है, लेकिन ठंडे व नम मौसम की वजह से सीम बॉलिंग को अतिरिक्त लाभ मिलेगा। उन्होंने कहा, 'सफेद गेंद के साथ अगर आप पहले तीन-चार ओवरों में इसे समझदारी से इस्तेमाल करते हैं, तो आप खेल में बढ़त हासिल कर सकते हैं।' यह उन सपाट सतहों से एकदम अलग होगा, जहाँ भारत ने हाल ही में वेस्टइंडीज के खिलाफ 2-2 की बराबरी वाली टी20 सीरीज खेली थी, जहाँ बल्लेबाज़ों का दबदबा रहा था।
दोनों टीमों की तैयारी एक जैसी अधूरी
पैमेंट ने एक दिलचस्प तथ्य की ओर ध्यान दिलाया कि यह सीरीज न्यूजीलैंड के घरेलू क्रिकेट सीज़न के शुरू होने से पहले ही खेली जा रही है, जो अपने आप में असामान्य है। उन्होंने कहा, 'बहुत सारे लड़के दुनिया भर की अलग-अलग लीग में खेल रहे हैं, और उनमें से कई ए टूर पर भी गए हैं। दोनों टीमों के लिए यह स्थिति एक जैसी है। हालाँकि, न्यूजीलैंड के खिलाड़ियों को शायद अपनी घरेलू परिस्थितियों की थोड़ी ज्यादा आदत होगी।'
फील्डिंग भारत की सबसे बड़ी चिंता
पैमेंट ने भारतीय टीम की फील्डिंग को सबसे बड़ी चिंता बताया। उन्होंने कहा, 'गीली गेंद और फिसलन भरी जमीन पर फील्डिंग करना मुश्किल होता है। एकाग्रता और आत्मविश्वास प्रदर्शन पर सीधा असर डालते हैं।' उन्होंने पिछले साल दुबई में एशिया कप के दौरान बांग्लादेश के साथ अपने अनुभव का हवाला देते हुए कहा कि कृत्रिम रोशनी में फील्डिंग करना एक अलग ही चुनौती है। उन्होंने यह भी बताया कि सीरीज में चार अलग-अलग वेन्यू का उपयोग होगा, जिनमें हेगले ओवल में दो मैच खेले जाएंगे, जिससे खिलाड़ियों को हर बार नई परिस्थितियों के अनुकूल होना पड़ेगा।
क्या होगा आगे
पैमेंट ने स्पष्ट किया कि खिलाड़ियों को किसी वेन्यू पर दो दिन पहले पहुँचने और एक दिन की ट्रेनिंग से ही खुद को तैयार करना होगा, क्योंकि विस्तृत तैयारी के लिए समय नहीं होगा। उन्होंने अपने मुंबई इंडियंस के दिनों का जिक्र करते हुए कहा कि वे खिलाड़ियों को अलग-अलग मैदानों पर फील्डिंग पोज़िशन और कैच के स्तरों की मानसिक तैयारी करवाते थे। उनके अनुसार, भारत-न्यूजीलैंड सीरीज बेहद रोमांचक होगी और दर्शकों को खूब पसंद आएगी।