राफेल जोडर शंघाई मास्टर्स क्वार्टर फाइनल में, बने दूसरे सबसे युवा खिलाड़ी; अगला मुकाबला ऑगर-एलियासिम या रूड से
सारांश
मुख्य बातें
राफेल जोडर ने 14 अक्टूबर 2026 को शंघाई मास्टर्स (एटीपी मास्टर्स 1000) के क्वार्टर फाइनल में प्रवेश किया और टूर्नामेंट के इतिहास में क्वार्टर फाइनल तक पहुँचने वाले दूसरे सबसे युवा खिलाड़ी बन गए। 20 वर्षीय स्पेनिश खिलाड़ी ने नीदरलैंड्स के बोटिक वैन डी जैंडशल्प को 2 घंटे 30 मिनट के लंबे संघर्ष में 6-7(4), 6-4, 6-2 से मात दी।
मैच का घटनाक्रम
वैन डी जैंडशल्प ने पहले सेट में मज़बूत शुरुआत की — उन्होंने अपने दोनों ब्रेक प्वाइंट बचाए और टाई-ब्रेक में बेहतरीन खेल दिखाते हुए 7-4 से पहला सेट अपने नाम किया। जोडर को इस सेट में केवल दो ब्रेक प्वाइंट मिले और वह उनका फायदा नहीं उठा सके।
हालाँकि, दूसरे सेट में जोडर की लय पूरी तरह बदल गई। उन्होंने ब्रेक के साथ सेट की शुरुआत की और धीरे-धीरे मैच पर पकड़ मज़बूत करते गए। तीसरे सेट तक आते-आते उनका खेल इतना एकतरफा हो गया कि वैन डी जैंडशल्प के पास कोई जवाब नहीं बचा। जोडर ने तीसरा सेट 6-2 से जीतकर मैच समाप्त किया।
ऐतिहासिक उपलब्धि
एटीपी टूर के आँकड़ों के अनुसार, यह जोडर का शंघाई में पहला टूर्नामेंट था। टूर्नामेंट के इतिहास में सबसे युवा क्वार्टर फाइनलिस्ट का रिकॉर्ड जैकब मेन्सिक के नाम है, जो 19 साल की उम्र में शंघाई मास्टर्स 2024 के क्वार्टर फाइनल तक पहुँचे थे। जोडर उनसे एक पायदान नीचे — दूसरे सबसे युवा — के रूप में इतिहास में दर्ज हो गए हैं।
गौरतलब है कि यह जोडर का एटीपी टूर पर पहला पूरा सीजन है। इस साल उनका जीत-हार का रिकॉर्ड 41-16 हो गया है — एक नवागंतुक खिलाड़ी के लिए असाधारण आँकड़ा।
एटीपी फाइनल्स की दौड़
इस जीत के साथ जोडर की नित्तो एटीपी फाइनल्स (ट्यूरिन) के लिए क्वालिफाई करने की उम्मीदें और मज़बूत हो गई हैं। फिलहाल वह एटीपी लाइव रेस टू ट्यूरिन में 11वें स्थान पर हैं और 10वें स्थान पर काबिज नोवाक जोकोविच से केवल 131 अंक पीछे हैं।
जीत के बाद जोडर ने कहा, 'मुझे लगता है कि मैं सही चीज़ें कर रहा था, लेकिन उन्होंने टाई-ब्रेक में अहम प्वाइंट मुझसे बेहतर खेले। इसी कारण उन्होंने पहला सेट जीता। मुझे सिर्फ दो ब्रेक प्वाइंट मिले थे। दूसरे सेट में मैंने ब्रेक के साथ शुरुआत की, जिससे मुझे सेट में आगे बढ़ने और बेहतर स्थिति में आने में मदद मिली। आज का मैच जैसा रहा, उससे मैं बहुत खुश हूँ।'
आगे चुनौती: ऑगर-एलियासिम या रूड
जोडर का क्वार्टर फाइनल मुकाबला चौथी वरीयता प्राप्त फेलिक्स ऑगर-एलियासिम अथवा कैस्पर रूड से होगा — जो उनमें से कोई भी अपने अगले राउंड के मैच जीते।
मेदवेदेव-सितसिपास का बहुप्रतीक्षित मुकाबला
टूर्नामेंट के अन्य हाई-प्रोफाइल मैचों में डेनिल मेदवेदेव और स्टेफानोस सितसिपास चौथे राउंड में आमने-सामने होंगे। 2019 के शंघाई मास्टर्स चैंपियन मेदवेदेव ने इस सीज़न शानदार वापसी की है — पिछले साल जब वह यहाँ उतरे थे तो उनकी रैंकिंग 18 थी, लेकिन इस बार 43 जीत और सेमीफाइनल तक की यात्रा के साथ वह विश्व नंबर 6 बन चुके हैं।
सितसिपास की कहानी भी उतनी ही प्रेरणादायक है। पीठ की चोट और खराब फॉर्म के चलते जून में उनकी रैंकिंग 88 तक लुढ़क गई थी, लेकिन लगातार अच्छे प्रदर्शन से वह फिर टॉप-40 में लौट आए हैं। उन्होंने शंघाई के तीसरे राउंड में टेलर फ्रिट्ज को हराकर इस साल की 34वीं जीत दर्ज की। इससे पहले दूसरे राउंड में लुसियानो डार्डेरी के खिलाफ जीत के साथ उन्होंने अपने पेशेवर करियर की 400वीं जीत का ऐतिहासिक पड़ाव भी पार किया था।
शंघाई मास्टर्स का यह चरण खिलाड़ियों के लिए एटीपी फाइनल्स में अपनी जगह पक्की करने का आखिरी बड़ा मौका बनता जा रहा है।