मैट रेनशॉ का डरबन टेस्ट में 190 रनों का धमाका, 10 साल के इंतजार के बाद दूसरा शतक
सारांश
मुख्य बातें
ऑस्ट्रेलिया के बाएं हाथ के बल्लेबाज मैट रेनशॉ ने 11 अक्टूबर 2026 को डरबन में साउथ अफ्रीका के खिलाफ पहले टेस्ट मैच की पहली पारी में 190 रनों की करियर-सर्वश्रेष्ठ पारी खेली — यह उनके टेस्ट करियर का दूसरा शतक था, जो पहले शतक के लगभग 10 साल बाद आया। उनकी इस ऐतिहासिक पारी की बदौलत ऑस्ट्रेलिया ने पहली पारी में 390 रनों का मजबूत स्कोर खड़ा किया।
रेनशॉ की पारी: संयम और साहस का संगम
नंबर पाँच पर बल्लेबाजी के लिए उतरे रेनशॉ ने पहले दिन का खेल खत्म होने तक 115 गेंदों का सामना करते हुए सिर्फ तीन चौके लगाए — तेज़ रनों की बजाय दबाव झेलने को प्राथमिकता देते हुए। दूसरे दिन की सुबह उन्होंने गियर बदला और तेज़ी से अर्धशतक पूरा किया, फिर साउथ अफ्रीकी गेंदबाजों को लगातार परेशान करते रहे।
यह पारी इसलिए भी उल्लेखनीय है क्योंकि 2023 में टीम में वापसी के बाद रेनशॉ पहली बार नंबर पाँच के अपरिचित बल्लेबाजी क्रम पर खेल रहे थे। उन्होंने स्वयं माना कि 2023 में मिले अवसर को वह भुना नहीं पाए थे, इसलिए इस बार हर गेंद पर फोकस करना उनके लिए बेहद जरूरी था।
रेनशॉ-लायन की 134 रनों की साझेदारी
रेनशॉ को नाथन लायन के रूप में एक आदर्श जोड़ीदार मिला। दोनों ने 9वें विकेट के लिए 134 रनों की अहम साझेदारी निभाई, जिसने ऑस्ट्रेलिया को शुरुआती झटकों से उबारकर बड़ा स्कोर खड़ा करने में मदद की। मैट रेनशॉ ने बताया कि जब उन्होंने वह निर्णायक शॉट खेला, तो वह जोश में चिल्ला रहे थे — 'जाओ, जाओ, जाओ।' उन्होंने कहा, 'दूसरे छोर पर नाथन लायन भी काफी भावुक थे। वह पल मेरे लिए बहुत खास था।'
रेनशॉ के अपने शब्दों में
दूसरे दिन का खेल समाप्त होने के बाद पत्रकारों से बात करते हुए रेनशॉ ने कहा, 'मुझे हमेशा से उस दूसरे शतक की चाहत थी। पहले शतक के साथ ही मुझ पर से दबाव हट गया था। मुझे लगता है कि पिछले 10 वर्षों की सारी मेहनत, नाकामियां और कामयाबियां इसमें शामिल हैं। मेरे लिए यह उपलब्धि हासिल करना बहुत अच्छा रहा।'
उन्होंने यह भी कहा, 'मैं कुछ साल टीम से बाहर रहा। फिर 2023 में मुझे मौका मिला, लेकिन मैं उसका फायदा नहीं उठा सका। ऐसे में कई बार लगता है कि शायद दोबारा मौका नहीं मिलेगा।' यह बयान उनके संघर्ष और आत्मचिंतन की गहराई को दर्शाता है।
रिकॉर्ड बुक में दर्ज हुआ नाम
रेनशॉ की 190 रनों की यह पारी रिकॉर्ड बुक में भी दर्ज हो गई — उन्होंने डरबन में टेस्ट मैच में नंबर पाँच या उससे नीचे बल्लेबाजी करते हुए सबसे बड़ा व्यक्तिगत स्कोर बनाने का रिकॉर्ड अपने नाम किया। इससे पहले यह रिकॉर्ड श्रीलंका के कुशल परेरा के नाम था, जिन्होंने 2019 में 153 रन नाबाद बनाए थे।
मैच की स्थिति: ऑस्ट्रेलिया मजबूत, साउथ अफ्रीका संघर्षरत
लगातार दूसरे दिन बारिश से खेल बाधित हुआ, लेकिन ऑस्ट्रेलिया ने मैच पर अपनी पकड़ बनाए रखी। जोश हेजलवुड ने रयान रिकेलटन को बिना खाता खोले पवेलियन भेजा। दिन का खेल समाप्त होने तक साउथ अफ्रीका ने एक विकेट खोकर 27 रन बनाए — वे अभी भी ऑस्ट्रेलिया से 363 रन पीछे थे। स्टंप्स के समय एडेन मार्करम 15 और डेविड बेडिंगहम 12 रन बनाकर नाबाद लौटे। आने वाले दिन ऑस्ट्रेलियाई गेंदबाजों और साउथ अफ्रीकी बल्लेबाजों के बीच कड़ी टक्कर देखने को मिल सकती है।