चाइना ओपन: नंबर 2 एरिना सबालेंका 34वीं रैंक की बार्टुंकोवा से हारीं, टॉप-2 सीड 12 साल बाद R16 से बाहर
सारांश
मुख्य बातें
दुनिया की नंबर 2 टेनिस खिलाड़ी एरिना सबालेंका को रविवार, 4 अक्टूबर 2026 को बीजिंग में चाइना ओपन के तीसरे राउंड में चेक रिपब्लिक की निकोला बार्टुंकोवा (विश्व रैंकिंग: 34) ने सीधे सेटों में शिकस्त दी। यह हार सबालेंका की बीजिंग में लगातार निराशाजनक प्रदर्शनों की श्रृंखला में एक और कड़ी बन गई।
मैच का घटनाक्रम
1 घंटे 35 मिनट तक चले इस मुकाबले में बार्टुंकोवा ने 4-6, 3-6 के स्कोर से जीत दर्ज की। मात्र 20 वर्षीया चेक खिलाड़ी ने पूरे मैच में सबालेंका की सर्विस तीन बार तोड़ी और स्वयं एक भी ब्रेक पॉइंट का सामना नहीं किया।
पहले सेट में बार्टुंकोवा ने पहले गेम से ही सबालेंका की सर्विस तोड़कर दबाव बनाया और छठे गेम में पाँच ब्रेक पॉइंट बचाकर 4-2 से आगे हो गईं। यद्यपि बार्टुंकोवा के पास डबल ब्रेक का अवसर था, जिसे वह भुना नहीं सकीं, फिर भी उन्होंने सेट 6-4 से अपने नाम किया।
दूसरे सेट में बार्टुंकोवा ने पुनः सबालेंका की सर्विस तोड़ते हुए 3-1 की बढ़त बनाई। नौवें गेम में एक और ब्रेक के साथ उन्होंने सेट 6-3 से जीत लिया। उल्लेखनीय रूप से, बार्टुंकोवा ने पूरे दूसरे सेट में एक भी ब्रेक पॉइंट नहीं दिया।
बार्टुंकोवा की प्रतिक्रिया
जीत के बाद बार्टुंकोवा ने कहा, 'सबसे पहले, मैंने खुद पर ध्यान दिया और शांत रही। एरिना बहुत अच्छी हैं। वह एक लेजेंड हैं। वह ग्रैंड स्लैम चैंपियन हैं। मैं सच में बहुत खुश हूँ कि मैंने मैच जीत लिया।' यह उनकी टॉप-10 खिलाड़ी पर दूसरी जीत है। इससे पहले उन्होंने ऑस्ट्रेलियन ओपन 2026 के दूसरे राउंड में विश्व की तत्कालीन नंबर 10 खिलाड़ी बेलिंडा बेनसिक को हराया था।
सबालेंका का बीजिंग में रिकॉर्ड
यह सबालेंका के बीजिंग में संघर्ष का एक और प्रमाण है — उन्होंने चाइना ओपन के अपने पाँच मेन-ड्रॉ में से किसी में भी क्वार्टर फाइनल से आगे कदम नहीं रखा है। इससे पहले टूर्नामेंट में विश्व की नंबर 1 खिलाड़ी एलेना रयबाकिना भी बाहर हो चुकी हैं।
ऐतिहासिक संदर्भ
सबालेंका के बाहर होने के बाद महिला वर्ग के राउंड ऑफ 16 में एक भी टॉप-2 सीड खिलाड़ी शेष नहीं रही। यह 12 वर्षों में पहली बार हुआ है। आंकड़ों के अनुसार इससे पहले 2015 में ऐसा हुआ था, जब टॉप सीड सिमोना हालेप और नंबर 2 सीड पेट्रा क्वितोवा प्री-क्वार्टर फाइनल में जगह नहीं बना पाई थीं।
गौरतलब है कि चाइना ओपन ऐतिहासिक रूप से शीर्ष वरीयता प्राप्त खिलाड़ियों के लिए एक कठिन टूर्नामेंट रहा है, और इस बार के परिणाम महिला टेनिस में बढ़ती प्रतिस्पर्धा को रेखांकित करते हैं।
आगे क्या
राउंड ऑफ 16 में बार्टुंकोवा की नज़र अब टूर्नामेंट के क्वार्टर फाइनल पर होगी, जहाँ उनका सामना बिना किसी टॉप-2 सीड के खुले ड्रॉ से होगा। युवा चेक खिलाड़ी की यह जीत उन्हें विश्व रैंकिंग में और ऊपर ले जाने में सहायक होगी।