शाई होप की नाबाद 162 रन की पारी: 50 ओवर कीपिंग के बाद भी रहे अडिग, कोच सैमी ने की जमकर तारीफ
सारांश
मुख्य बातें
वेस्टइंडीज के विकेटकीपर कप्तान शाई होप ने 4 अक्टूबर 2026 को न्यू चंडीगढ़ के नए पीसीए स्टेडियम में भारत के खिलाफ तीसरे वनडे में 352 रनों के विशाल लक्ष्य का पीछा करते हुए नाबाद 162 रन की ऐतिहासिक पारी खेली और वेस्टइंडीज को यादगार जीत दिलाई। उल्लेखनीय यह है कि होप ने यह कारनामा 50 ओवर की भारतीय पारी के दौरान विकेटकीपिंग करने के बाद अंजाम दिया, जिससे वे मैच में कुल 98.2 ओवर तक मैदान पर सक्रिय रहे। वेस्टइंडीज के हेड कोच डेरेन सैमी ने इस प्रदर्शन को असाधारण करार देते हुए होप की जमकर सराहना की है।
मैदान पर 98.2 ओवर की अटूट मौजूदगी
भारतीय पारी के दौरान विकेट के पीछे पूरे 50 ओवर खड़े रहने के बाद होप को एक और बड़ी जिम्मेदारी मिली। चोटिल ज्वेल एंड्रयू की अनुपस्थिति में उन्हें ओपनिंग बल्लेबाज के रूप में मैदान में उतरना पड़ा। यह रणनीतिक बदलाव ऐसे समय में हुआ जब टीम पहले ही एक बल्लेबाज से वंचित थी। होप न केवल ओपनिंग करने उतरे, बल्कि आखिरी गेंद तक नाबाद रहकर वेस्टइंडीज को जीत की मंजिल तक पहुँचाया।
कोच सैमी की जुबानी — 'वाकई खास था'
हेड कोच डेरेन सैमी ने कहा, "वह मैदान पर लगभग 98.2 ओवर तक रहे। आज उन्होंने सचमुच अपनी बल्लेबाजी से टीम को संभाला, जैसा कि वह पहले भी कई बार कर चुके हैं। कप्तान का आगे बढ़कर जिम्मेदारी संभालना उनके लिए कोई नई बात नहीं है, लेकिन 50 ओवर तक विकेटकीपिंग करना और फिर पैड पहनकर ऐसी पारी खेलना वाकई खास था।"
सैमी ने यह भी जोड़ा कि जब उन्होंने होप से ओपनिंग करने को कहा, तो उनकी प्रतिक्रिया बेहद सटीक थी — "उन्होंने एक शब्द भी नहीं कहा। उन्होंने बस अपने पैड पहने, मैदान पर उतरे और हमें मैच जिता दिया।"
होप को नहीं मिलता उनके योगदान का उचित श्रेय — सैमी
कोच सैमी ने खुलकर कहा कि वेस्टइंडीज क्रिकेट में शाई होप के योगदान को वह मान्यता नहीं मिलती जिसके वे वास्तव में हकदार हैं। उन्होंने कहा, "वह ज्यादा कुछ नहीं कहते, लेकिन जब वह बोलते हैं, तो वह बिल्कुल स्पष्ट होते हैं कि वह खुद से और टीम से क्या उम्मीद कर रहे हैं। वह अपने प्रदर्शन से टीम की अगुवाई करते हैं।" सैमी ने होप को 'बेहतरीन खिलाड़ी और शानदार इंसान' कहकर सम्मानित किया।
2027 विश्व कप की तैयारी — सीरीज से मिले सकारात्मक संकेत
मेंस वनडे वर्ल्ड कप 2027 से पहले इस सीरीज के सबक पर बोलते हुए सैमी ने कहा कि वेस्टइंडीज को क्वालीफायर खेलना पड़ सकता है, लेकिन बल्लेबाजी के लिहाज से यह दौरा बेहद उत्साहजनक रहा। उन्होंने कहा, "हमने दिखाया कि जब हम लंबे समय तक लगातार अच्छा खेलते हैं, तो दुनिया की नंबर 1 टीम का मुकाबला कर सकते हैं।" गौरतलब है कि टीम एक बल्लेबाज कम होने के बावजूद साझेदारियों और स्थिर बल्लेबाजी के दम पर विशाल लक्ष्य तक पहुँची। सैमी के अनुसार, खिलाड़ियों को यह समझ आई कि शतक लगाना, लंबे समय तक टिकना और साझेदारियाँ बनाना ही इस पिच पर सफलता की कुंजी थी।
यह जीत वेस्टइंडीज के लिए महज एक मैच की जीत नहीं — यह एक आत्मविश्वास की पुनर्स्थापना है। आने वाले समय में यह देखना दिलचस्प होगा कि सैमी की टीम इस लय को कितने समय तक बनाए रखती है।