शंघाई मास्टर्स 2026: मेदवेदेव ने स्ट्रफ को 4-6, 6-4, 6-3 से हराकर तीसरे राउंड में प्रवेश किया
सारांश
मुख्य बातें
डेनियल मेदवेदेव ने शनिवार, 10 अक्टूबर 2026 को शंघाई मास्टर्स के दूसरे राउंड में जर्मनी के जान-लेनार्ड स्ट्रफ को 4-6, 6-4, 6-3 से पराजित कर तीसरे राउंड में जगह बनाई। पहला सेट गँवाने के बाद रूसी टेनिस खिलाड़ी ने जबरदस्त वापसी करते हुए 1 घंटे 52 मिनट में यह मुकाबला अपने नाम किया।
मुख्य मैच-आँकड़े
मेदवेदेव ने इस मैच में अपनी घातक सर्विस का पूरा इस्तेमाल किया। उन्होंने कुल 21 एस जमाए और अपने पहले सर्व पर 88 प्रतिशत अंक जीते। रूसी खिलाड़ी ने स्ट्रफ की सर्विस तीन बार तोड़ी, जबकि उनकी अपनी सर्विस केवल दो बार टूटी। उन्होंने मुश्किल क्षणों में चार ब्रेक पॉइंट भी बचाए, जो उनके मानसिक संतुलन की मज़बूती को दर्शाता है।
स्ट्रफ के खिलाफ यह मेदवेदेव की करियर में 10वीं जीत है, जो दोनों खिलाड़ियों के बीच एकतरफा आँकड़े को और गहरा करती है।
चाइना ओपन डिफॉल्ट के बाद वापसी
यह मैच इसलिए भी खास था क्योंकि मेदवेदेव चाइना ओपन में नोवाक जोकोविच के खिलाफ सेमीफाइनल से डिफॉल्ट होने के बाद पहली बार कोर्ट पर उतरे। उस मैच में वे 5-7, 3-5 से पीछे चल रहे थे और नौवें गेम में 15-15 पर थे, जब दीवार से लौटी गेंद को उन्होंने अचानक भीड़ की ओर मार दिया। गेंद एक दर्शक की बाईं आँख के पास जा लगी, जिसके बाद टूर्नामेंट अधिकारियों ने उन्हें डिफॉल्ट घोषित कर दिया और जोकोविच को वॉकओवर मिला। मेदवेदेव ने बाद में उस दर्शक से सार्वजनिक रूप से माफी माँगी थी।
गौरतलब है कि शंघाई के मुकाबले में उनके प्रदर्शन से संकेत मिलता है कि वे उस मनोवैज्ञानिक झटके से उबर चुके हैं।
2026 में हार्ड कोर्ट पर दमदार सीज़न
मेदवेदेव के इस जीत के साथ 2026 में हार्ड कोर्ट पर कुल 31 जीत हो गई हैं। इस साल उन्होंने दुबई, ब्रिस्बेन और हांग्जो में खिताब जीते हैं — तीनों हार्ड कोर्ट पर। यह ऐसे समय में आया है जब वे पीआईएफ एटीपी लाइव रेस टू ट्यूरिन में आठवें स्थान पर हैं और साल के अंत में होने वाले इस प्रतिष्ठित इवेंट के लिए क्वालीफाई करने की कोशिश में हैं। पिछले साल वे इस कट से चूक गए थे, इसलिए यह उनके लिए एक अहम मौका है।
उल्लेखनीय है कि मेदवेदेव शंघाई मास्टर्स 2019 के चैंपियन रह चुके हैं, इसलिए इस टूर्नामेंट से उनका खास रिश्ता है।
अगला मुकाबला
तीसरे राउंड में मेदवेदेव का सामना टॉमस मार्टिन एचेवेरी या डालिबोर स्वर्सिना से होगा, जो अपने राउंड ऑफ 32 मुकाबले का नतीजा तय होने के बाद सामने आएगा। शंघाई मास्टर्स में अपने खिताब की रक्षा का सपना देखते मेदवेदेव के लिए यह आगे की राह और कठिन होगी।