रवि शास्त्री की चेतावनी: न्यूजीलैंड दौरे पर नाम नहीं, प्रदर्शन चाहिए; 22 अक्टूबर से 5 टी20 मैच
सारांश
मुख्य बातें
भारत के पूर्व हेड कोच रवि शास्त्री ने स्पष्ट कर दिया है कि न्यूजीलैंड की धरती पर सीरीज जीतना भारत के लिए आसान नहीं होगा और टीम को सिर्फ अपनी प्रतिष्ठा या पिछले रिकॉर्ड के भरोसे नहीं बैठना चाहिए। शास्त्री ने 22 अक्टूबर 2026 से शुरू हो रहे पहले टी20 इंटरनेशनल मैच से ही न्यूजीलैंड पर दबाव बनाने की जरूरत पर जोर दिया। यह दौरा तीन प्रारूपों — टी20, वनडे और टेस्ट — में फैला है, जो भारतीय क्रिकेट के नजरिए से बेहद अहम है।
शास्त्री की खिलाड़ियों को सीधी नसीहत
ब्रॉडकास्टर सोनी स्पोर्ट्स नेटवर्क द्वारा बुधवार को जारी बयान में शास्त्री ने कहा, "न्यूजीलैंड भारत के खिलाफ पूरी ताकत से उतरेगा। वह अपनी परिस्थितियों को अच्छी तरह जानते हैं, पूरी तैयारी करके आते हैं और आपको हर जीत के लिए कड़ी मेहनत करनी पड़ती है। भारत के पास बेहतरीन खिलाड़ी हैं, लेकिन सिर्फ नाम के दम पर वह यह सीरीज नहीं जीत सकते।" उन्होंने आगे कहा, "उन्हें मैदान पर उतरना होगा, दबाव को झेलना होगा और उसे वापस न्यूजीलैंड पर डालना होगा। 22 अक्टूबर को होने वाले पहले टी20 इंटरनेशनल मैच से ही मैं यही देखना चाहूंगा।"
गौरतलब है कि न्यूजीलैंड अपने घरेलू मैदानों पर हमेशा से एक कठिन प्रतिद्वंद्वी रहा है, जहां पिच की उछाल और स्विंग की स्थितियां दौरा करने वाली टीमों के लिए बड़ी चुनौती बनती हैं।
दौरे का पूरा कार्यक्रम
पाँच टी20 इंटरनेशनल मैचों की सीरीज 22 अक्टूबर से शुरू होकर 1 नवंबर 2026 तक चलेगी। इसके बाद पुरुष एकदिवसीय विश्व कप 2027 की तैयारियों को ध्यान में रखते हुए पाँच वनडे मैचों की सीरीज खेली जाएगी। दौरे का समापन दो टेस्ट मैचों की सीरीज से होगा, जो 19 नवंबर से 1 दिसंबर 2026 के बीच वेलिंगटन और क्राइस्टचर्च में आयोजित होगी।
इसी दौरान भारत ए टीम भी 24 अक्टूबर से लिंकन में तीन 'रेड बॉल' यानी टेस्ट प्रारूप के मैच खेलेगी, जो मुख्य टीम के लिए अच्छी बेंच स्ट्रेंथ का संकेत है।
रहाणे की नजर डब्ल्यूटीसी फाइनल पर
भारत के पूर्व टेस्ट कप्तान अजिंक्य रहाणे ने टेस्ट चरण को विश्व टेस्ट चैंपियनशिप (डब्ल्यूटीसी) 2027 के फाइनल की रेस से जोड़ते हुए कहा कि दोनों टेस्ट जीतना भारत के लिए अनिवार्य होगा। उन्होंने कहा, "विश्व टेस्ट चैंपियनशिप (डब्ल्यूटीसी) 2027 फाइनल में अपनी जगह बनाने की दौड़ में बने रहने के लिए, इन दोनों टेस्ट मैचों को जीतना बहुत जरूरी होगा।" डब्ल्यूटीसी फाइनल 9 से 13 जून तक द ओवल के मैदान पर खेला जाएगा।
रहाणे ने अनुभवी तेज गेंदबाज भुवनेश्वर कुमार की टीम में वापसी को भी सकारात्मक संकेत बताया। उन्होंने कहा, "मैं भुवनेश्वर कुमार की टीम में वापसी से बहुत खुश हूं, उनका अनुभव टी20 मैचों में काम आएगा।" साथ ही उन्होंने टीम को एक एक मैच पर ध्यान देने और योजनाओं पर अडिग रहने की सलाह दी।
अश्विन की राय: सबसे कठिन दौरों में से एक
महान ऑफ स्पिनर रविचंद्रन अश्विन ने न्यूजीलैंड के दौरे को विश्व क्रिकेट के सबसे चुनौतीपूर्ण दौरों में से एक बताया। अश्विन ने कहा, "यहां टीम को लगातार अलग अलग परिस्थितियों के हिसाब से खुद को ढालना पड़ता है। हर फॉर्मेट एक अलग चुनौती पेश करता है — चाहे वह टी20 में परिस्थितियों को समझना हो, वनडे में लय बनाना हो, या फिर टेस्ट क्रिकेट में धैर्य और अनुशासन दिखाना हो। भारत के पास हर फॉर्मेट में मुकाबला करने की क्षमता है।"
आगे की राह
यह दौरा इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि यह वनडे विश्व कप 2027 से पहले भारत की तैयारियों की असली परीक्षा होगी। न्यूजीलैंड की घरेलू परिस्थितियाँ भारतीय बल्लेबाजों और गेंदबाजों दोनों के लिए अलग किस्म की चुनौती पेश करती हैं। शास्त्री, रहाणे और अश्विन तीनों दिग्गजों की एकमत राय — कि यह दौरा आसान नहीं होगा — भारत के मौजूदा खिलाड़ियों के लिए एक सशक्त संदेश है।