मिचेल स्टार्क के 450 टेस्ट विकेट पूरे, ग्लेन मैक्ग्रा के बाद दूसरे ऑस्ट्रेलियाई तेज गेंदबाज बने
सारांश
मुख्य बातें
ऑस्ट्रेलिया के दिग्गज तेज गेंदबाज मिचेल स्टार्क ने 20 अक्टूबर 2026 को ग्केबेर्हा में खेले जा रहे दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ दूसरे टेस्ट की पहली पारी में वियान मुल्डर का विकेट लेकर टेस्ट क्रिकेट में 450 विकेट का ऐतिहासिक आंकड़ा पूरा किया। इसके साथ ही वे ग्लेन मैक्ग्रा के बाद यह उपलब्धि हासिल करने वाले दूसरे ऑस्ट्रेलियाई तेज गेंदबाज बन गए।
ऐतिहासिक उपलब्धि का विवरण
स्टार्क ने मैच के तीसरे दिन की शुरुआत में यह कीर्तिमान रचा। ऑस्ट्रेलियाई गेंदबाजों में 450 या अधिक टेस्ट विकेट लेने वाले खिलाड़ियों की सूची में अब चार नाम हैं — स्पिनर शेन वॉर्न (708 विकेट), स्पिनर नाथन लियोन (573 विकेट), तेज गेंदबाज ग्लेन मैक्ग्रा (563 विकेट), और अब मिचेल स्टार्क (450 विकेट)।
स्टार्क इस सूची में कुल मिलाकर चौथे ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ी हैं। गौरतलब है कि ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट इतिहास में यह उपलब्धि अत्यंत विरल रही है।
सबसे कम मैचों में 450 विकेट — वैश्विक रैंकिंग
स्टार्क ने सिर्फ 109 टेस्ट मुकाबलों में यह आंकड़ा छुआ। ऑस्ट्रेलियाई गेंदबाजों में सबसे कम मैचों में 450 विकेट लेने वाले खिलाड़ियों की सूची में वे तीसरे स्थान पर हैं — ग्लेन मैक्ग्रा ने 100वें टेस्ट में और शेन वॉर्न ने 101वें टेस्ट में यह मुकाम हासिल किया था।
वैश्विक स्तर पर इस सूची में मुथैया मुरलीधरन शीर्ष पर हैं, जिन्होंने केवल 80 टेस्ट मुकाबलों में 450 विकेट पूरे किए थे। भारतीय स्पिनर रविचंद्रन अश्विन ने 89 मैचों में और अनिल कुंबले ने 93 मैचों में यह उपलब्धि अर्जित की थी।
मैच की स्थिति
ग्केबेर्हा के सेंट जॉर्ज मैदान पर खेले जा रहे इस दूसरे टेस्ट में दक्षिण अफ्रीका ने पहली पारी में 75 ओवरों की समाप्ति तक 6 विकेट खोकर 222 रन बना लिए थे। टीम एक समय 110 रन पर ही 6 विकेट गंवा चुकी थी, किंतु कप्तान टेंबा बावुमा और मार्को जानसेन ने सातवें विकेट के लिए शतकीय साझेदारी करते हुए टीम को संकट से उबारा।
सीरीज संदर्भ और आगे की चुनौती
ऑस्ट्रेलिया इस सीरीज में पहले से ही 1-0 से आगे चल रहा है और उसकी नजरें ग्केबेर्हा में ही सीरीज जीतकर वापस लौटने पर हैं। हालांकि, एक उल्लेखनीय तथ्य यह है कि ऑस्ट्रेलियाई टीम ने 1997 के बाद से ग्केबेर्हा में एक भी टेस्ट मैच नहीं जीता है — यह ऐतिहासिक सूखा इस मुकाबले को और रोमांचक बना देता है।
स्टार्क की यह उपलब्धि और ऑस्ट्रेलिया की सीरीज बढ़त — दोनों मिलकर इस दौरे को यादगार बना रहे हैं। आने वाले दिनों में बावुमा-जानसेन की साझेदारी और स्टार्क की आक्रामक गेंदबाजी के बीच कड़ा संघर्ष देखने को मिलने की उम्मीद है।