स्टीफन फ्लेमिंग ने माइकल हसी से साधा संपर्क, इंग्लैंड टेस्ट बैटिंग कोच पद के लिए CSK जोड़ी फिर साथ आ सकती है
सारांश
मुख्य बातें
न्यूजीलैंड के पूर्व कप्तान और इंग्लैंड टेस्ट टीम के नवनियुक्त हेड कोच स्टीफन फ्लेमिंग ने अपनी सपोर्ट स्टाफ टीम बनाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। रिपोर्टों के अनुसार, फ्लेमिंग ने ऑस्ट्रेलिया के पूर्व दिग्गज बल्लेबाज माइकल हसी से इंग्लैंड टेस्ट टीम के बल्लेबाजी कोच पद के लिए संपर्क किया है। यह कदम ऐसे समय में आया है जब इंग्लैंड एंड वेल्स क्रिकेट बोर्ड (ECB) अभी तक किसी आधिकारिक अनुबंध की पेशकश नहीं कर पाया है।
फ्लेमिंग की कोचिंग टीम की तैयारी
7न्यूज ऑस्ट्रेलिया की एक रिपोर्ट के मुताबिक, फ्लेमिंग ने हसी से उनकी रुचि जानने के लिए संपर्क किया है — अभी तक यह केवल प्रारंभिक बातचीत के स्तर पर है। हसी इस समय इंग्लैंड में चल रहे 'द हंड्रेड' टूर्नामेंट में वेल्श फायर को कोचिंग दे रहे हैं। रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि फ्लेमिंग गेंदबाजी कोच पद के लिए दक्षिण अफ्रीका के एरिक सिमंस से भी संपर्क कर सकते हैं।
CSK की जोड़ी अंतरराष्ट्रीय मंच पर
यदि माइकल हसी इस पद के लिए सहमति देते हैं और उनकी नियुक्ति होती है, तो चेन्नई सुपर किंग्स (CSK) में लंबे समय तक साथ काम करने वाली यह जोड़ी पहली बार अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में एक साथ नज़र आएगी। उल्लेखनीय है कि फ्लेमिंग 2009 से CSK के मुख्य कोच थे, जबकि हसी 2018 से CSK के बल्लेबाजी कोच की भूमिका निभा रहे हैं। हसी अभी भी CSK के बल्लेबाजी कोच के पद पर कार्यरत हैं। एरिक सिमंस भी CSK में फ्लेमिंग के साथ लंबे समय तक जुड़े रहे हैं, जो इस संभावित कोचिंग यूनिट को एक परिचित और आज़माई हुई टीम का रूप देती है।
माइकल हसी का करियर रिकॉर्ड
ऑस्ट्रेलिया के लिए 79 टेस्ट मैचों में हसी ने 137 पारियों में 19 शतक और 29 अर्धशतक की मदद से 6,235 रन बनाए हैं। 'मिस्टर क्रिकेट' के नाम से मशहूर हसी की तकनीकी दक्षता और बल्लेबाजी की गहरी समझ उन्हें इस पद के लिए एक मज़बूत दावेदार बनाती है।
इंग्लैंड का आगामी क्रिकेट कार्यक्रम
फ्लेमिंग आधिकारिक रूप से दिसंबर में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ होने वाली तीन मैचों की टेस्ट सीरीज से इंग्लैंड टेस्ट टीम के हेड कोच का पदभार संभालेंगे। इससे पहले, 19 अगस्त से शुरू होने वाली पाकिस्तान के खिलाफ तीन टेस्ट मैचों की सीरीज में इंग्लैंड के अंतरिम हेड कोच पूर्व सलामी बल्लेबाज मार्कस ट्रेस्कोथिक होंगे। यह सीरीज फ्लेमिंग युग की औपचारिक शुरुआत से पहले इंग्लैंड की तैयारियों की एक महत्त्वपूर्ण कसौटी होगी।