वैभव सूर्यवंशी को बेंगलुरु T20 में मौका दो, पर टॉप ऑर्डर न छेड़ें: अभिषेक नायर
सारांश
मुख्य बातें
भारत और वेस्टइंडीज के बीच टी20 सीरीज का पाँचवाँ और निर्णायक मुकाबला शनिवार, 18 अक्टूबर 2026 को बेंगलुरु के एम. चिन्नास्वामी स्टेडियम में खेला जाना है। सीरीज 2-2 की बराबरी पर है, इसलिए इस मैच का जीतने वाला ही ट्रॉफी उठाएगा। इसी निर्णायक मुकाबले से पहले भारतीय टीम के पूर्व सहायक कोच अभिषेक नायर ने युवा ओपनर वैभव सूर्यवंशी को अंतिम एकादश में शामिल करने की पुरज़ोर वकालत की है — लेकिन एक शर्त के साथ: टॉप ऑर्डर में कोई फेरबदल नहीं।
नायर का तर्क: ओपनिंग या कुछ नहीं
नायर ने जियोहॉटस्टार पर अपनी बात रखते हुए कहा, 'सूर्यवंशी के बारे में तभी सोचा जाना चाहिए जब भारत उन्हें ओपनर के तौर पर उनकी नैचुरल पोज़ीशन पर इस्तेमाल करने के लिए तैयार हो।' उन्होंने स्पष्ट किया कि वैभव सूर्यवंशी की सबसे मज़बूत पोज़ीशन ओपनिंग है और उन्हें वहीं खेलना चाहिए। नायर ने आगे कहा, 'अगर वह ओपनिंग करते हैं, तो जो नंबर 3 पर खेल रहा है, उसे अपनी सबसे मज़बूत पोज़ीशन पर खेलना चाहिए। मैं वैभव सूर्यवंशी को बेंगलुरु में देखना चाहता हूँ, लेकिन मैं बॉलिंग में बदलाव करूँगा, बैटिंग में नहीं।'
सूर्यवंशी को लगातार चार मैचों में बेंच पर बैठना पड़ा
वैभव सूर्यवंशी को इस वेस्टइंडीज सीरीज के चारों मैचों में प्लेइंग इलेवन में जगह नहीं मिली। युवा बल्लेबाज़ ने 4 जुलाई 2026 को मैनचेस्टर में इंग्लैंड के खिलाफ सीनियर टीम में पदार्पण किया था। उस इंग्लैंड सीरीज के तीन मैचों में उनका प्रदर्शन औसत दर्जे का रहा। हालाँकि, ज़िम्बाब्वे के खिलाफ टी20 सीरीज में उन्होंने तीन मैचों में 2 अर्धशतकों सहित 151 रन बनाकर 'प्लेयर ऑफ द सीरीज़' का खिताब जीता था। इसके बाद अफगानिस्तान सीरीज में उन्हें मौका नहीं मिला।
एशियन गेम्स में भी चमके थे सूर्यवंशी
एशियन गेम्स में भी सूर्यवंशी ने उम्मीदें जगाई थीं। श्रीलंका के खिलाफ उन्होंने 21 गेंदों पर 38 रन ठोके, जबकि फाइनल में पाकिस्तान के खिलाफ 9 गेंदों पर 15 रन बनाए। इसके बाद से वह नियमित खेलने के अवसर की राह देख रहे हैं। यह ऐसे समय में आया है जब चयनकर्ताओं पर युवा प्रतिभाओं को तराशने का दबाव लगातार बढ़ रहा है।
ओपनिंग जोड़ी के आँकड़े: बदलाव की ज़रूरत कितनी?
मौजूदा सीरीज में भारत की ओर से पारी की शुरुआत अभिषेक शर्मा और संजू सैमसन कर रहे हैं और दोनों ने मिले-जुले परिणाम दिए हैं। अभिषेक ने 4 पारियों में 139 रन बनाए, जिसमें 30 गेंदों पर 69 रन की धमाकेदार पारी शामिल है। सैमसन ने 152 रन बनाए, जिनमें रांची में 41 गेंदों पर 82 और हैदराबाद में 23 गेंदों पर 56 रन की पारियाँ शामिल हैं। ऐसे में कोच गौतम गंभीर और कप्तान श्रेयस अय्यर के लिए इस फॉर्म में चल रही जोड़ी को बदलकर सूर्यवंशी को जगह देना एक जोखिम भरा फैसला है। नायर के सुझाव के अनुसार, बॉलिंग कॉम्बिनेशन में बदलाव कर यह संतुलन साधा जा सकता है।
निर्णायक मुकाबले का दबाव
सीरीज 2-2 पर टिकी है और बेंगलुरु का यह मुकाबला जीतने वाली टीम ट्रॉफी अपने नाम करेगी। गौरतलब है कि एम. चिन्नास्वामी स्टेडियम एक तेज़ पिच के लिए जाना जाता है, जहाँ आक्रामक बल्लेबाज़ी का दम दिखाने वाले खिलाड़ियों का पलड़ा भारी रहता है — यह तथ्य सूर्यवंशी के पक्ष में जाता है। अंतिम एकादश का फैसला मैच से पहले टीम प्रबंधन की बैठक में होगा।