वर्ल्ड बॉक्सिंग कप: दीपक, ज्योति, मीनाक्षी व प्राची फाइनल में, भारत ने पक्के किए 6 मेडल
सारांश
मुख्य बातें
गुइयांग (चीन) में जारी वर्ल्ड बॉक्सिंग कप (स्टेज 2) के सेमीफाइनल में 20 जून 2026 को भारत ने ऐतिहासिक प्रदर्शन किया — चार मुक्केबाज फाइनल में पहुँचे और दो ने ब्रॉन्ज मेडल सुनिश्चित किए, जिससे टूर्नामेंट में भारत के कुल मेडल की संख्या 6 हो गई। 21 जून को होने वाले फाइनल में भारत के पास गोल्ड मेडल की प्रबल दावेदारी है।
महिला वर्ग में भारत का दबदबा
48 किलोग्राम वर्ग में ज्योति ने मेक्सिको की फातिमा हेरेरा को 3-2 के करीबी मुकाबले में मात देकर फाइनल में प्रवेश किया। उल्लेखनीय है कि हेरेरा ने इसी साल की शुरुआत में ब्राजील में हुए वर्ल्ड बॉक्सिंग कप में इसी भार वर्ग में सिल्वर मेडल जीता था, जो इस जीत का महत्व और बढ़ा देता है।
51 किलोग्राम वर्ग में मीनाक्षी ने स्पेन की लौरा फुएर्टेस फर्नांडीज को सर्वसम्मति से 5-0 के फैसले से परास्त कर खिताबी मुकाबले में अपनी जगह पक्की की। यह प्रदर्शन पूरी तरह एकतरफा रहा और मीनाक्षी की तकनीकी श्रेष्ठता को उजागर करता है।
57 किलोग्राम वर्ग में प्राची ने फ्रांस की अमीना जिदानी को 4-1 से हराकर फाइनल में जगह बनाई। प्राची इस टूर्नामेंट में लगातार शानदार प्रदर्शन करती रही हैं — क्वार्टर फाइनल में उन्होंने पेरिस ओलंपिक की ब्रॉन्ज मेडलिस्ट को भी मात दी थी।
पुरुष वर्ग में दीपक का दमदार प्रदर्शन
70 किलोग्राम वर्ग में दीपक ने फ्रांस के माकन ट्राओरे को 5-0 की निर्णायक जीत से हराकर फाइनल में भारत की चौथी बर्थ सुनिश्चित की। 21 जून को होने वाले फाइनल में दीपक के पास गोल्ड मेडल जीतने का सुनहरा अवसर होगा।
जुगनू और निखिल ने जीते ब्रॉन्ज मेडल
85 किलोग्राम वर्ग में जुगनू सेमीफाइनल में फ्रांस के जूनियर टडाह से 0-5 से हारे, जबकि 55 किलोग्राम वर्ग में निखिल को यूएसए के लोरेंजो पैट्रिसियो से इसी अंतर से शिकस्त मिली। हालाँकि, दोनों के सेमीफाइनल तक पहुँचने से भारत को दो ब्रॉन्ज मेडल मिल चुके हैं।
21 जून के फाइनल में भारत के मुकाबले
ज्योति 48 किलोग्राम फाइनल में उज्बेकिस्तान की फर्जोना फोजिलोवा से भिड़ेंगी, जबकि मीनाक्षी का मुकाबला 51 किलोग्राम वर्ग में मेज़बान चीन की पसंदीदा खिलाड़ी वू यू से होगा। प्राची और दीपक के फाइनल प्रतिद्वंद्वियों की घोषणा जल्द होने की उम्मीद है। यह टूर्नामेंट भारतीय मुक्केबाजी के लिए एक निर्णायक पड़ाव साबित हो सकता है।