अलेक्जेंडर ज्वेरेव विश्व नंबर-1 रैंकिंग के करीब, शंघाई में परिवार और टीम को दिया सफलता का श्रेय
सारांश
मुख्य बातें
अलेक्जेंडर ज्वेरेव का 2026 सीजन करियर के सर्वश्रेष्ठ दौरों में से एक बनता जा रहा है — 29 वर्षीय जर्मन टेनिस स्टार अब पुरुष टेनिस की एटीपी विश्व नंबर-1 रैंकिंग से महज कुछ कदम दूर हैं और शंघाई मास्टर्स 1000 टूर्नामेंट में अपने अभियान की शुरुआत चीन के वू यिबिंग के खिलाफ करने से पहले उन्होंने अपनी सफलता का पूरा श्रेय परिवार और टीम को दिया। 8 अक्टूबर 2026 को शंघाई में एटीपी मीडिया से बातचीत में ज्वेरेव ने स्पष्ट किया कि कोर्ट पर उनकी चमक की असली बुनियाद सुर्खियों से दूर रहकर की गई कड़ी मेहनत और अनुशासन है।
मुख्य घटनाक्रम
ज्वेरेव इस सीजन में दो बड़े खिताब जीत चुके हैं और उनके खाते में 58 जीतें दर्ज हैं। वह एटीपी रैंकिंग के इतिहास में — जो 1973 से शुरू हुई — विश्व नंबर-1 बनने वाले 30वें खिलाड़ी बनने के बेहद करीब हैं। वह एटीपी फाइनल्स के लिए पहले ही क्वालीफाई कर चुके हैं और सीजन खत्म होने में अभी पाँच हफ्ते शेष हैं, जिनमें खिताब और रैंकिंग दोनों को और मजबूत करने का मौका है।
शंघाई मास्टर्स में यह उनकी आठवीं भागीदारी है। इस टूर्नामेंट में उनका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन 2019 में रहा था, जब वे फाइनल तक पहुँचे थे।
परिवार और टीम को श्रेय
ज्वेरेव ने एटीपी मीडिया से कहा, 'हम सभी एक ही लक्ष्य के लिए संघर्ष और कड़ी मेहनत कर रहे हैं, और इसे एक साथ हासिल करना और भी खास है।' उन्होंने बताया कि उनके 'प्लेयर बॉक्स' में सबसे महत्वपूर्ण व्यक्ति हमेशा उनके पिता रहे हैं।
ज्वेरेव के अनुसार, 'मुझे लगता है कि मेरे बॉक्स में सबसे महत्वपूर्ण व्यक्ति हमेशा मेरे पिता होते हैं। मुझे लगता है कि मैं ज्यादातर समय इसी का आदी रहा हूँ।' यह रिश्ता उन्हें सीजन की चुनौतियों के बीच अपनापन और मानसिक स्थिरता देता है।
मुश्किल दौर में करीबियों की भूमिका
ज्वेरेव का मानना है कि ऐसे लोगों का साथ, जो उन्हें गहराई से जानते हों, असहमति और कठिन पलों में भी फोकस बनाए रखने में मदद करता है। उन्होंने कहा, 'मुश्किल पलों में आप बहस कर सकते हैं और अगले ही पल आप उन्हीं चीजों के लिए संघर्ष कर रहे होते हैं — ऐसे लोगों का होना जो आपको सबसे अच्छी तरह जानते हैं, बेहद महत्वपूर्ण है।'
यह समर्थन तकनीकी कोचिंग से कहीं अधिक है — यह एक साझा उद्देश्य की भावना है जो खेल की मानसिक माँगों को झेलने में सहायक बनती है।
रैंकिंग पर ध्यान नहीं, खेल पर फोकस
विश्व नंबर-1 बनने की संभावना स्वाभाविक रूप से चर्चा का विषय बनी हुई है, लेकिन ज्वेरेव इसे अपनी खेल शैली पर हावी नहीं होने देना चाहते। उन्होंने कहा, 'मेरे पास खेलने के लिए बड़ा मोटिवेशन है और कुछ चीजें हैं जिन्हें मैं हासिल करना चाहता हूँ — जाहिर है कि मैं उनके लिए लड़ रहा हूँ। फिलहाल मुझे टेनिस खेलना पसंद है और उम्मीद है कि यह जारी रहेगा।'
उनके अनुसार, वह सिर्फ कोर्ट पर अपने प्रदर्शन और अगले मैच को नियंत्रित कर सकते हैं — इसलिए उनका फोकस हमेशा उसी पर रहता है, रैंकिंग की अटकलों पर नहीं।
आगे क्या
शंघाई टूर्नामेंट में अच्छा प्रदर्शन ज्वेरेव को विश्व नंबर-1 के और करीब ले जा सकता है। वू यिबिंग के खिलाफ शुरुआती मुकाबला उनकी फॉर्म और इरादे की पहली परीक्षा होगी। सीजन के अंतिम पाँच हफ्तों में उनका प्रदर्शन यह तय करेगा कि क्या वे एटीपी रैंकिंग इतिहास के 30वें नंबर-1 खिलाड़ी बन पाते हैं।