तेलंगाना पुलिस के सामने माओवादियों के आत्मसमर्पण पर डीजीपी बी. शिवधर रेड्डी ने की प्रेस वार्ता

क्या तेलंगाना में माओवाद का अंत हो रहा है? शनिवार २५ अप्रैल २०२६ को हैदराबाद में तेलंगाना के पुलिस महानिदेशक बी. शिवधर रेड्डी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर बताया कि DKSZC और साउथ बस्तर डिवीजन के वरिष्ठ कमांडरों समेत ४७ माओवादी कैडरों ने ३२ आग्नेयास्त्रों सहित तेलंगाना पुलिस के समक्ष आत्मसमर्पण किया। (फोटो: राष्ट्र प्रेस)

तेलंगाना के डीजीपी बी. शिवधर रेड्डी ने २५ अप्रैल २०२६ को हैदराबाद में उन हथियारों की जांच की जो सीपीआई (माओवादी) कैडरों ने तेलंगाना पुलिस के सामने आत्मसमर्पण के दौरान सौंपे। इनमें कुल ३२ आग्नेयास्त्र शामिल थे। (फोटो: राष्ट्र प्रेस)

२५ अप्रैल २०२६ को हैदराबाद में तेलंगाना पुलिस के समक्ष ४७ माओवादियों के आत्मसमर्पण के बाद पुलिस महानिदेशक बी. शिवधर रेड्डी ने सौंपे गए हथियारों का सूक्ष्म निरीक्षण किया। यह घटना तेलंगाना में माओवाद विरोधी अभियान की बड़ी सफलता मानी जा रही है। (फोटो: राष्ट्र प्रेस)

तेलंगाना में माओवाद पर बड़ा प्रहार: २५ अप्रैल २०२६ को हैदराबाद में डीजीपी बी. शिवधर रेड्डी ने उन हथियारों का निरीक्षण किया जो ४७ सीपीआई माओवादी कैडरों ने आत्मसमर्पण के दौरान तेलंगाना पुलिस को सौंपे थे। (फोटो: राष्ट्र प्रेस)

२५ अप्रैल २०२६ को हैदराबाद में तेलंगाना के डीजीपी बी. शिवधर रेड्डी ने आत्मसमर्पण करने वाले माओवादी कैडर का स्वागत किया और उन्हें मुख्यधारा में शामिल होने के लिए प्रोत्साहित किया। यह दृश्य तेलंगाना सरकार की पुनर्वास नीति की सफलता को दर्शाता है। (फोटो: राष्ट्र प्रेस)

क्या माओवादी मुख्यधारा में लौट रहे हैं? हां, तेलंगाना में २५ अप्रैल २०२६ को डीजीपी बी. शिवधर रेड्डी ने हैदराबाद में आत्मसमर्पण करने वाले माओवादी कैडर से मुलाकात कर उन्हें सामान्य जीवन जीने का मार्ग दिखाया। (फोटो: राष्ट्र प्रेस)

तेलंगाना में माओवाद के खिलाफ निर्णायक सफलता: २५ अप्रैल २०२६ को हैदराबाद में तेलंगाना के पुलिस महानिदेशक बी. शिवधर रेड्डी ने आत्मसमर्पण करने वाले माओवादी कैडर से संवाद किया और उनके पुनर्वास की प्रक्रिया शुरू की। (फोटो: राष्ट्र प्रेस)

तेलंगाना में माओवाद के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई: २५ अप्रैल २०२६ को हैदराबाद में DKSZC सदस्य हेमला इयथु उर्फ विज्जा (साउथ बस्तर DVC प्रभारी) और DVCM व ९वीं प्लाटून कमांडर पोडियम लाचू उर्फ मनोज समेत ४७ भूमिगत माओवादी कैडरों ने ३२ हथियारों सहित तेलंगाना पुलिस के समक्ष आत्मसमर्पण किया और मुख्यधारा में शामिल हुए। (फोटो: राष्ट्र प्रेस)

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