G216 राष्ट्रीय राजमार्ग पर हवाई दृश्य: सड़क बहाली अभियान

ड्रोन से ली गई तस्वीर में 30 अगस्त 2026 को G216 राष्ट्रीय राजमार्ग के ग्यिरोंग टाउन से ग्यिरोंग बंदरगाह तक के क्षतिग्रस्त हिस्से पर सड़क सफाई अभियान दिखता है। सरकारी उद्यम चाइना एनेंग ने रविवार को बंदरगाह तक पहुँचने वाले अंतिम कुछ किलोमीटर को बहाल करने का काम जारी रखा।

31 अगस्त 2026 को चाइना एनेंग के बचावकर्मी शिजांग स्वायत्त क्षेत्र के ग्यिरोंग काउंटी में G216 राष्ट्रीय राजमार्ग के क्षतिग्रस्त हिस्सों की सफाई और बहाली में लगे हैं — लक्ष्य है ग्यिरोंग बंदरगाह तक महत्वपूर्ण पहुँच मार्ग को फिर से खोलना।

हवाई ड्रोन तस्वीर में 31 अगस्त 2026 को ग्यिरोंग काउंटी, शिजांग में G216 राजमार्ग पर एक्सकेवेटर मलबा हटाते नज़र आ रहे हैं। चाइना एनेंग की टीमें क्षतिग्रस्त सड़क खंडों को बहाल कर ग्यिरोंग बंदरगाह तक पहुँच सुनिश्चित करने में जुटी हैं।

शिजांग स्वायत्त क्षेत्र के ग्यिरोंग काउंटी में 31 अगस्त 2026 को ली गई ड्रोन तस्वीर में भारी मशीनें G216 राजमार्ग के टूटे हिस्सों पर काम करती दिख रही हैं। सरकारी बचाव उद्यम चाइना एनेंग ग्यिरोंग बंदरगाह तक पहुँच मार्ग बहाल करने में लगा है।

चाइना एनेंग के दल 31 अगस्त 2026 को ग्यिरोंग काउंटी में G216 राजमार्ग के टूटे खंडों पर सफाई और पुनर्निर्माण अभियान चला रहे हैं। ड्रोन से ली तस्वीर में एक्सकेवेटर मलबा हटाते दिख रहे हैं — उद्देश्य ग्यिरोंग बंदरगाह का महत्वपूर्ण संपर्क मार्ग फिर से खोलना है।

30 अगस्त 2026 को ड्रोन से ली गई तस्वीर में ग्यिरोंग टाउन से ग्यिरोंग बंदरगाह तक के G216 राजमार्ग पर सड़क सफाई जारी दिखती है। सरकारी उद्यम चाइना एनेंग ने रविवार को बंदरगाह तक पहुँचने वाले अंतिम कुछ किलोमीटर के क्षतिग्रस्त हिस्से को बहाल करने का काम जारी रखा।

30 अगस्त 2026 को ग्यिरोंग काउंटी में बचावकर्मी और खोजी कुत्ते लापता लोगों की तलाश में जुटे हैं। यह विनाशकारी भूस्खलन नेपाल में हुए एक हिम शिला हिमस्खलन के कारण आया, जिसने शिजांग के सीमावर्ती ग्यिरोंग बंदरगाह को चपेट में ले लिया।

30 अगस्त 2026 को ग्यिरोंग काउंटी के भूस्खलन प्रभावित क्षेत्र में एक बचावकर्मी अपने खोजी कुत्ते के साथ लापता लोगों की तलाश कर रहा है। नेपाल में हुए हिम शिला हिमस्खलन से उपजी इस आपदा के बाद बचाव दल समय से जूझ रहे हैं।

30 अगस्त 2026 को शिजांग के ग्यिरोंग काउंटी में एक कर्मचारी बचावकर्मियों का विसंक्रमण (disinfection) कर रहा है। नेपाल के हिम शिला हिमस्खलन से उत्पन्न भूस्खलन के बाद ग्यिरोंग बंदरगाह क्षेत्र में स्वास्थ्य सुरक्षा के लिए विसंक्रमण अभियान चलाया गया।

30 अगस्त 2026 को ग्यिरोंग काउंटी में संचार सहायता कर्मी क्षतिग्रस्त ऑप्टिकल केबल खोज रहे हैं। ग्यिरोंग बंदरगाह से लगभग 900 मीटर दूर एक नया 4G/5G बेस स्टेशन रविवार को चालू किया गया, जिससे मुख्य बचाव स्थल पर संचार संकेत अधिक स्थिर हो गए।

30 अगस्त 2026 को शिजांग के ग्यिरोंग काउंटी में बचाव दल खोज बचाव अभियान चला रहे हैं। नेपाल में हिम शिला हिमस्खलन से उत्पन्न इस भूस्खलन ने ग्यिरोंग सीमा बंदरगाह को प्रभावित किया — बचावकर्मी जीवित बचे लोगों की तलाश में समय से लड़ रहे हैं।

शिजांग स्वायत्त क्षेत्र के ग्यिरोंग काउंटी में 30 अगस्त 2026 को बचाव अभियान जारी है। नेपाल में आए हिम शिला हिमस्खलन ने ग्यिरोंग बंदरगाह पर भूस्खलन को जन्म दिया — बचावकर्मी हर पल कीमती मानते हुए जीवित बचे लोगों की तलाश में लगे हैं।

30 अगस्त 2026 को ग्यिरोंग काउंटी में बचावकर्मी लाइफ डिटेक्टर यंत्र से मलबे में दबे जीवित लोगों के संकेत खोज रहे हैं। नेपाल के हिम शिला हिमस्खलन से आई इस आपदा के बाद बचाव दल हर पल को अनमोल मानते हुए काम कर रहे हैं।

शिजांग के ग्यिरोंग काउंटी में 30 अगस्त 2026 को एक बचावकर्मी अपने खोजी कुत्ते के साथ भूस्खलन प्रभावित क्षेत्र में लापता लोगों की तलाश कर रहा है। नेपाल में हुए हिम शिला हिमस्खलन से उपजी इस त्रासदी के बाद बचाव दल समय के विरुद्ध दौड़ में हैं।

ग्यिरोंग काउंटी, शिजांग में 30 अगस्त 2026 को भूस्खलन प्रभावित क्षेत्र में बचावकर्मी और उनके खोजी कुत्ते लापता लोगों की तलाश में लगे हैं। यह भूस्खलन नेपाल में एक हिम शिला हिमस्खलन के कारण ग्यिरोंग सीमा बंदरगाह पर आया था।

30 अगस्त 2026 को शिजांग के ग्यिरोंग काउंटी में एक बचावकर्मी और उसका खोजी कुत्ता मलबे में दबे लापता लोगों की खोज कर रहे हैं। नेपाल में आए हिम शिला हिमस्खलन ने ग्यिरोंग बंदरगाह पर भूस्खलन को जन्म दिया, जिसके बाद बचाव दल समय से लड़ रहे हैं।

30 अगस्त 2026 को ग्यिरोंग काउंटी में एक कर्मचारी बचावकर्मियों का विसंक्रमण कर रहा है। नेपाल के हिम शिला हिमस्खलन से आई भूस्खलन आपदा के बाद ग्यिरोंग बंदरगाह क्षेत्र में संक्रमण से बचाव के लिए विसंक्रमण अभियान चलाया गया।

30 अगस्त 2026 को शिजांग के ग्यिरोंग काउंटी में बचाव दल और खोजी कुत्ते मिलकर लापता लोगों की तलाश कर रहे हैं। नेपाल में आए हिम शिला हिमस्खलन के कारण ग्यिरोंग सीमा बंदरगाह पर आई इस आपदा के बाद बचावकर्मी जीवित बचे लोगों को ढूंढने में जुटे हैं।

शिजांग के ग्यिरोंग काउंटी में 30 अगस्त 2026 को एक कर्मचारी बचाव दल के सदस्यों का विसंक्रमण कर रहा है। नेपाल में हिम शिला हिमस्खलन से उत्पन्न भूस्खलन के बाद ग्यिरोंग बंदरगाह क्षेत्र में स्वास्थ्य सुरक्षा के लिए यह अभियान चलाया गया।

30 अगस्त 2026 को ग्यिरोंग काउंटी, शिजांग में भूस्खलन प्रभावित क्षेत्र में विसंक्रमण अभियान चलाया जा रहा है। नेपाल के हिम शिला हिमस्खलन से आई इस आपदा के बाद ग्यिरोंग बंदरगाह के इर्द गिर्द महामारी रोकथाम के लिए यह कदम उठाया गया।

30 अगस्त 2026 को शिजांग के ग्यिरोंग काउंटी में एक बचावकर्मी और उसका खोजी कुत्ता भूस्खलन प्रभावित क्षेत्र में लापता लोगों की तलाश कर रहे हैं। नेपाल में हुए हिम शिला हिमस्खलन से ग्यिरोंग सीमा बंदरगाह पर आई इस आपदा के बाद बचाव दल जीवित बचे लोगों की उम्मीद में काम कर रहे हैं।

30 अगस्त 2026 को ग्यिरोंग काउंटी में संचार सहायता कर्मी भूस्खलन प्रभावित क्षेत्र में 4G/5G बेस स्टेशन स्थापित कर रहे हैं। ग्यिरोंग बंदरगाह से लगभग 900 मीटर दूर बना यह नया स्टेशन रविवार को चालू हुआ, जिससे मुख्य बचाव स्थल पर संचार संकेत अधिक स्थिर हो गए।

शिजांग के ग्यिरोंग काउंटी में 30 अगस्त 2026 को संचार सहायता कर्मी 4G/5G बेस स्टेशन लगा रहे हैं। ग्यिरोंग बंदरगाह से करीब 900 मीटर दूर स्थापित यह स्टेशन रविवार को सक्रिय हुआ — इससे मुख्य बचाव स्थल पर संचार व्यवस्था मज़बूत हुई।

ग्यिरोंग काउंटी, शिजांग में 30 अगस्त 2026 को संचार सहायता दल 4G/5G बेस स्टेशन स्थापित करते दिख रहे हैं। ग्यिरोंग बंदरगाह से लगभग 900 मीटर की दूरी पर बना यह स्टेशन रविवार को चालू हुआ और बचाव अभियान के केंद्रीय स्थल पर संचार को अधिक विश्वसनीय बनाया।

30 अगस्त 2026 को शिजांग के ग्यिरोंग काउंटी में संचार सहायता कर्मी 4G/5G बेस स्टेशन लगा रहे हैं। ग्यिरोंग बंदरगाह से करीब 900 मीटर दूर बने इस स्टेशन के चालू होने से बचाव केंद्र पर संचार संकेत अधिक स्थिर हो गए, जिससे समन्वय में सुधार हुआ।

शिजांग के ग्यिरोंग काउंटी में 30 अगस्त 2026 को संचार सहायता कर्मियों ने भूस्खलन प्रभावित क्षेत्र में 4G/5G बेस स्टेशन तैनात किया। ग्यिरोंग बंदरगाह से लगभग 900 मीटर दूर स्थापित यह स्टेशन रविवार को चालू हुआ — इससे मुख्य बचाव स्थल पर संचार संकेत स्थिर हुए और राहत कार्य को गति मिली।

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