श्री विश्ववल्लभ तीर्थ स्वामीजी ने दिया तप्त मुद्रा धारण

वादिराज मठ के श्री विश्ववल्लभ तीर्थ स्वामीजी ने 25 जुलाई 2026 को बेंगलुरु, कर्नाटक में ब्राह्मण समुदाय के श्रद्धालुओं को तप्त मुद्रा धारण संस्कार प्रदान किया — यह माध्व परंपरा का एक प्राचीन धार्मिक अनुष्ठान है। (फ़ोटो: राष्ट्र प्रेस)

माध्व परंपरा में तप्त मुद्रा धारण वह धार्मिक संस्कार है जिसमें श्रद्धालुओं के शरीर पर गर्म तांबे की मुद्राएँ विधिपूर्वक लगाई जाती हैं — यह अनुष्ठान कर्नाटक के ब्राह्मण समुदाय में विशेष महत्त्व रखता है। (फ़ोटो: राष्ट्र प्रेस)

बेंगलुरु में 25 जुलाई 2026 को आयोजित इस धार्मिक समारोह में ब्राह्मण समुदाय के अनेक श्रद्धालुओं ने वादिराज मठ के स्वामीजी से तप्त मुद्रा धारण संस्कार ग्रहण किया। (फ़ोटो: राष्ट्र प्रेस)

वादिराज मठ की माध्व परंपरा सदियों पुरानी है, जिसमें तप्त मुद्रा धारण को आध्यात्मिक शुद्धि और भक्ति का प्रतीक माना जाता है — कर्नाटक में यह अनुष्ठान आज भी जीवंत है। (फ़ोटो: राष्ट्र प्रेस)

25 जुलाई 2026 को बेंगलुरु, कर्नाटक में श्री विश्ववल्लभ तीर्थ स्वामीजी की अध्यक्षता में तप्त मुद्रा धारण समारोह संपन्न हुआ, जिसमें ब्राह्मण समुदाय के श्रद्धालुओं ने माध्व परंपरा के अनुसार यह पावन संस्कार ग्रहण किया। (फ़ोटो: राष्ट्र प्रेस)

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