कावड़ी अनुष्ठान: श्रद्धालु ज़मीन पर लेटे भक्तों के ऊपर से गुज़रे

6 अगस्त 2026 को बेंगलुरु के उलसूर स्थित सुब्रमण्य स्वामी मंदिर में आदि कृत्तिगै उत्सव के दौरान कावड़ी उठाए श्रद्धालु एक पारंपरिक अनुष्ठान के तहत ज़मीन पर लेटे भक्तों के ऊपर से गुज़रे। (फ़ोटो: राष्ट्र प्रेस)

सुब्रमण्य स्वामी मंदिर, उलसूर में आदि कृत्तिगै के अवसर पर कावड़ी धारण किए श्रद्धालुओं ने भूमि पर लेटे अन्य भक्तों के ऊपर से गुज़रने की सदियों पुरानी परंपरा का निर्वाह किया — 6 अगस्त 2026, गुरुवार को। (फ़ोटो: राष्ट्र प्रेस)

बेंगलुरु के उलसूर स्थित सुब्रमण्य स्वामी मंदिर में आदि कृत्तिगै उत्सव के दौरान एक बच्चा पारंपरिक वेशभूषा पहनकर उत्सव में सम्मिलित हुआ — 6 अगस्त 2026 को। (फ़ोटो: राष्ट्र प्रेस)

आदि कृत्तिगै के पावन अवसर पर कावड़ी उठाए श्रद्धालु उलसूर, बेंगलुरु के सुब्रमण्य स्वामी मंदिर में 6 अगस्त 2026, गुरुवार को पहुँचे और भगवान मुरुगन की आराधना की। (फ़ोटो: राष्ट्र प्रेस)

कर्नाटक के बेंगलुरु शहर के उलसूर क्षेत्र में स्थित सुब्रमण्य स्वामी मंदिर में आदि कृत्तिगै पर्व पर भारी संख्या में कावड़ी धारण किए श्रद्धालु एकत्रित हुए — 6 अगस्त 2026। (फ़ोटो: राष्ट्र प्रेस)

6 अगस्त 2026 को कर्नाटक में आदि कृत्तिगै उत्सव के दौरान उलसूर के सुब्रमण्य स्वामी मंदिर में कावड़ी लेकर आए श्रद्धालुओं की भक्ति भावना देखते ही बनती थी। (फ़ोटो: राष्ट्र प्रेस)

उलसूर, बेंगलुरु के सुब्रमण्य स्वामी मंदिर में आदि कृत्तिगै महोत्सव पर कावड़ी लेकर पहुँचे श्रद्धालुओं ने भगवान मुरुगन की भक्ति में डूबकर इस पारंपरिक हिंदू पर्व को जीवंत किया। (फ़ोटो: राष्ट्र प्रेस)

बेंगलुरु के उलसूर स्थित सुब्रमण्य स्वामी मंदिर में आदि कृत्तिगै उत्सव के दौरान एक श्रद्धालु ने गाल में अनुष्ठानिक सुई पिरोकर भगवान मुरुगन के प्रति अपनी अटूट आस्था प्रकट की — 6 अगस्त 2026। (फ़ोटो: राष्ट्र प्रेस)

आदि कृत्तिगै के पावन पर्व पर उलसूर के सुब्रमण्य स्वामी मंदिर में एक भक्त ने अनुष्ठानिक गाल भेदन के माध्यम से भगवान मुरुगन के प्रति अपनी श्रद्धा अर्पित की — कर्नाटक, 6 अगस्त 2026। (फ़ोटो: राष्ट्र प्रेस)

6 अगस्त 2026 को कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु के उलसूर में सुब्रमण्य स्वामी मंदिर पर आदि कृत्तिगै महोत्सव में गाल भेदन की अनुष्ठानिक परंपरा निभाते श्रद्धालुओं ने भगवान मुरुगन की भक्ति का अनुपम दृश्य प्रस्तुत किया। (फ़ोटो: राष्ट्र प्रेस)

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