श्रावण संक्रांति: लकड़ी के डंडे पर उल्टे लटके हंस मंदिर की ओर

पश्चिम बंगाल के बीरभूम ज़िले में 18 अगस्त 2026 (मंगलवार) को श्रावण संक्रांति के अवसर पर श्रद्धालु एक झुंड में हंसों को लकड़ी के डंडे से उल्टा लटकाकर देवी मनसा के मंदिर की ओर ले जाते दिखे। (फ़ोटो: राष्ट्र प्रेस)

बीरभूम ज़िले में श्रावण संक्रांति के दिन श्रद्धालु हंसों को लकड़ी के डंडे से उल्टा लटकाकर देवी मनसा की बलि के लिए ले जाते हैं — पश्चिम बंगाल की यह सदियों पुरानी धार्मिक परंपरा 18 अगस्त 2026 को भी जीवंत रही। (फ़ोटो: राष्ट्र प्रेस)

बीरभूम ज़िले के पेंगो गाँव में 300 वर्ष से अधिक पुरानी परंपरा के अनुसार एक व्यक्ति श्रावण संक्रांति के अवसर पर देवी मनसा को बलि देने से पहले हंस को थामे खड़ा है — 18 अगस्त 2026 को यह दृश्य देखने को मिला। (फ़ोटो: राष्ट्र प्रेस)

पश्चिम बंगाल के बीरभूम ज़िले के पेंगो में श्रावण संक्रांति के दौरान श्रद्धालु धान के खेत से हंसों को पानी पिलाते हैं और फिर देवी मनसा को बलि के लिए मंदिर ले जाते हैं — 18 अगस्त 2026 को यह परंपरा निभाई गई। (फ़ोटो: राष्ट्र प्रेस)

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