केंद्रीय वित्त मंत्री का ITER दौरा — भारत की स्वच्छ ऊर्जा प्रतिबद्धता

केंद्रीय वित्त एवं कॉर्पोरेट मामलों की मंत्री निर्मला सीतारमण ने 4 जुलाई 2026 को फ्रांस के कादाराश स्थित अंतरराष्ट्रीय ताप परमाणु प्रायोगिक रिएक्टर (ITER) सुविधा का दौरा किया — यह भारत की परमाणु संलयन अनुसंधान में सक्रिय भागीदारी को रेखांकित करता है।

ITER — अंतरराष्ट्रीय ताप परमाणु प्रायोगिक रिएक्टर — फ्रांस के कादाराश में निर्माणाधीन विश्व का सबसे बड़ा टोकामाक रिएक्टर है, जिसका लक्ष्य परमाणु संलयन से व्यावसायिक स्तर पर स्वच्छ ऊर्जा उत्पादन करना है।

भारत ITER परियोजना के सात सदस्यों में से एक है — यूरोपीय संघ, अमेरिका, रूस, चीन, जापान और दक्षिण कोरिया के साथ — और इस वैश्विक स्वच्छ ऊर्जा प्रयास में सक्रिय तकनीकी योगदान दे रहा है।

निर्मला सीतारमण की 4 जुलाई 2026 को फ्रांस के कादाराश में ITER सुविधा की यात्रा भारत की विज्ञान कूटनीति और स्वच्छ ऊर्जा के प्रति दीर्घकालिक प्रतिबद्धता को दर्शाती है।

परमाणु संलयन वही प्रक्रिया है जो सूर्य को ऊर्जा देती है — हाइड्रोजन के भारी समस्थानिकों को जोड़कर विशाल ऊर्जा मुक्त करना। ITER इसे पृथ्वी पर व्यावसायिक पैमाने पर सिद्ध करने का वैश्विक प्रयास है।

ITER में भारत की भागीदारी देश को उन्नत परमाणु संलयन तकनीक, वैज्ञानिक अनुसंधान और दीर्घकालिक स्वच्छ ऊर्जा समाधानों तक पहुँच दिलाती है — वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण का यह दौरा इस साझेदारी को और मज़बूत करता है।

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