बांदीपुर टाइगर रिज़र्व में बाघ का शिकार
कर्नाटक के बांदीपुर टाइगर रिज़र्व में 15 जुलाई 2026 (बुधवार) को एक बाघ ने भारतीय गौर का शिकार किया और उसे खाते हुए देखा गया — वन्य जीवन प्रेमियों के लिए यह एक दुर्लभ दृश्य था। (फ़ोटो: राष्ट्र प्रेस)
कर्नाटक के बांदीपुर टाइगर रिज़र्व में 15 जुलाई 2026 (बुधवार) को एक बाघ ने भारतीय गौर का शिकार किया और उसे खाते हुए देखा गया — वन्य जीवन प्रेमियों के लिए यह एक दुर्लभ दृश्य था। (फ़ोटो: राष्ट्र प्रेस)
बांदीपुर टाइगर रिज़र्व में कैमरे ने उस दुर्लभ क्षण को क़ैद किया जब एक बाघ ने भारतीय गौर को मारकर उसे खाना शुरू किया — यह दृश्य 15 जुलाई 2026 को सफ़ारी के दौरान देखा गया। (फ़ोटो: राष्ट्र प्रेस)
चामराजनगर ज़िले में स्थित बांदीपुर टाइगर रिज़र्व कर्नाटक के सबसे महत्वपूर्ण संरक्षित वन क्षेत्रों में से एक है, जहाँ बाघ और भारतीय गौर दोनों की स्वस्थ आबादी दर्ज की गई है। (फ़ोटो: राष्ट्र प्रेस)
भारतीय गौर (Indian Gaur) विश्व का सबसे बड़ा जंगली बैल है और बाघ के लिए सबसे चुनौतीपूर्ण शिकारों में से एक माना जाता है — बांदीपुर में इस दुर्लभ शिकार का दृश्य वन्य जीव विशेषज्ञों के लिए भी असाधारण था। (फ़ोटो: राष्ट्र प्रेस)
बांदीपुर टाइगर रिज़र्व में सफ़ारी के दौरान पर्यटकों को यह दुर्लभ दृश्य देखने को मिला — एक बाघ अपने शिकार भारतीय गौर को खा रहा था, जो प्रकृति के खाद्य चक्र का जीवंत उदाहरण है। (फ़ोटो: राष्ट्र प्रेस)
कर्नाटक के बांदीपुर वन क्षेत्र में बाघ और गौर का यह टकराव 15 जुलाई 2026 को दर्ज किया गया — वन विभाग के अनुसार रिज़र्व में बाघों की संख्या और उनके शिकार की निगरानी नियमित रूप से होती है। (फ़ोटो: राष्ट्र प्रेस)
बांदीपुर टाइगर रिज़र्व भारत के 'प्रोजेक्ट टाइगर' के तहत संरक्षित क्षेत्रों में से एक है — 15 जुलाई 2026 को यहाँ कैमरे में क़ैद हुआ बाघ गौर शिकार का दृश्य वन्य जीव प्रेमियों और शोधकर्ताओं के लिए महत्वपूर्ण दस्तावेज़ है। (फ़ोटो: राष्ट्र प्रेस)