मैक्लोडगंज में वृद्ध तिब्बती महिला ने दिखाई स्याही लगी उंगली, 18वीं निर्वासित संसद चुनाव में डाला वोट

हिमाचल प्रदेश के धर्मशाला स्थित मैक्लोडगंज में २६ अप्रैल २०२६ को 18वीं निर्वासित तिब्बती संसद के अंतिम चरण के मतदान के दौरान एक वृद्ध तिब्बती महिला मतदाता ने अपना वोट डालने के बाद स्याही लगी उंगली प्रदर्शित की। क्या निर्वासित तिब्बती लोकतंत्र में बुजुर्ग नागरिक भी सक्रिय भागीदारी करते हैं? हाँ, यह तस्वीर इसका जीवंत प्रमाण है। (फोटो: राष्ट्र प्रेस)

हिमाचल प्रदेश के मैक्लोडगंज में २६ अप्रैल २०२६ को आयोजित 18वीं निर्वासित तिब्बती संसद के अंतिम चरण के मतदान में एक तिब्बती पुरुष मतदाता ने अपने लोकतांत्रिक अधिकार का प्रयोग करते हुए वोट डाला। निर्वासन में रहते हुए भी तिब्बती समुदाय अपनी संसदीय प्रक्रिया को जीवित रखे हुए है। (फोटो: राष्ट्र प्रेस)

२६ अप्रैल २०२६ को धर्मशाला के मैक्लोडगंज में 18वीं निर्वासित तिब्बती संसद के अंतिम चरण के मतदान के अवसर पर एक तिब्बती महिला मतदाता ने अपने मताधिकार का उपयोग किया। निर्वासित तिब्बती समुदाय में महिलाओं की चुनावी भागीदारी लोकतांत्रिक चेतना का प्रतीक है। (फोटो: राष्ट्र प्रेस)

हिमाचल प्रदेश के धर्मशाला स्थित मैक्लोडगंज में २६ अप्रैल २०२६ को 18वीं निर्वासित तिब्बती संसद के अंतिम चरण के मतदान में एक बौद्ध भिक्षु ने भी अपने मताधिकार का प्रयोग किया। क्या तिब्बती बौद्ध भिक्षु निर्वासित संसद चुनाव में भाग लेते हैं? हाँ, यह तस्वीर इस लोकतांत्रिक परंपरा को दर्शाती है। (फोटो: राष्ट्र प्रेस)

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