सोहराई से पहले दीवारों पर मिट्टी का लेप लगाती आदिवासी महिला

झारखंड के पूर्वी सिंहभूम ज़िले में एक आदिवासी महिला सोहराई फ़सल उत्सव की पारंपरिक तैयारी के तहत 6 नवंबर 2026 (शुक्रवार) को अपने घर की दीवारों पर मिट्टी का लेप लगाती दिखीं — यह सदियों पुरानी आदिवासी परंपरा का हिस्सा है। (फ़ोटो: राष्ट्र प्रेस)

पूर्वी सिंहभूम, झारखंड में एक आदिवासी महिला ने सोहराई फ़सल पर्व की पारंपरिक तैयारी के तहत 6 नवंबर 2026 को अपने घर पर मिट्टी का लेप किया — यह रीति आदिवासी समाज में पीढ़ियों से चली आ रही है। (फ़ोटो: राष्ट्र प्रेस)

पूर्वी सिंहभूम, झारखंड में एक आदिवासी महिला सोहराई उत्सव से पहले घर की दीवारों और फ़र्श पर लगाने के लिए मिट्टी और पानी के पारंपरिक मिश्रण को 6 नवंबर 2026 को गूंधती नज़र आईं। (फ़ोटो: राष्ट्र प्रेस/रोहित कुमार शॉ)

झारखंड के पूर्वी सिंहभूम ज़िले में एक आदिवासी महिला सोहराई फ़सल उत्सव की पारंपरिक तैयारी के तहत 6 नवंबर 2026 को अपने घर की मिट्टी पुती दीवार को खुरचती दिखीं — दीवार की पुरानी परत हटाकर नई मिट्टी लगाने की यह रीति सोहराई का अनिवार्य हिस्सा है। (फ़ोटो: राष्ट्र प्रेस)

सोहराई झारखंड के आदिवासी समुदायों का प्रमुख फ़सल उत्सव है, जिसमें घरों की दीवारों को खुरचकर नई मिट्टी से लीपना एक पवित्र परंपरा मानी जाती है। पूर्वी सिंहभूम में 6 नवंबर 2026 को ली गई यह तस्वीर इसी परंपरा को दर्शाती है। (फ़ोटो: राष्ट्र प्रेस)

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