ग्लासगो में मीराबाई चानू की स्वर्णिम वेटलिफ्टिंग
भारत की मीराबाई चानू ने 26 जुलाई 2026 को ग्लासगो, स्कॉटलैंड में राष्ट्रमंडल खेल 2026 के महिला 48 किग्रा भारोत्तोलन स्पर्धा में प्रतिस्पर्धा करते हुए अपनी ताक़त का प्रदर्शन किया।
भारत की मीराबाई चानू ने 26 जुलाई 2026 को ग्लासगो, स्कॉटलैंड में राष्ट्रमंडल खेल 2026 के महिला 48 किग्रा भारोत्तोलन स्पर्धा में प्रतिस्पर्धा करते हुए अपनी ताक़त का प्रदर्शन किया।
राष्ट्रमंडल खेल 2026 में ग्लासगो के मंच पर मीराबाई चानू ने महिला 48 किग्रा भारोत्तोलन स्पर्धा में भाग लेते हुए भारत का प्रतिनिधित्व किया — यह आयोजन 26 जुलाई 2026 को हुआ।
मीराबाई चानू ने स्कॉटलैंड के ग्लासगो में राष्ट्रमंडल खेल 2026 की महिला 48 किग्रा भारोत्तोलन प्रतियोगिता में अपनी दावेदारी पेश की — रविवार, 26 जुलाई 2026 को।
मीराबाई चानू को भारतीय ओलंपिक संघ (IOA) की अध्यक्ष पी.टी. उषा ने ग्लासगो में महिला 48 किग्रा भारोत्तोलन में स्वर्ण पदक जीतने पर बधाई दी — यह पल 26 जुलाई 2026 का है।
राष्ट्रमंडल खेल 2026 में स्वर्ण पदक जीतने के बाद मीराबाई चानू IOA अध्यक्ष पी.टी. उषा के साथ नज़र आईं — ग्लासगो, स्कॉटलैंड में 26 जुलाई 2026 को यह ऐतिहासिक क्षण कैमरे में क़ैद हुआ।
मीराबाई चानू ने राष्ट्रमंडल खेल 2026 के पुरस्कार समारोह में महिला 48 किग्रा भारोत्तोलन का स्वर्ण पदक जीतने के बाद ग्लासगो में तस्वीरें खिंचवाईं — 26 जुलाई 2026, रविवार।
मीराबाई चानू ने राष्ट्रमंडल खेल 2026 में महिला 48 किग्रा भारोत्तोलन का स्वर्ण पदक जीतने के बाद ग्लासगो में खुशी का इज़हार किया — 26 जुलाई 2026 की यह तस्वीर राष्ट्र प्रेस के फ़ोटोग्राफ़र बिप्लब बनर्जी ने ली।
स्कॉटलैंड के ग्लासगो में राष्ट्रमंडल खेल 2026 की महिला 48 किग्रा भारोत्तोलन स्पर्धा में स्वर्ण पदक हासिल करने के बाद मीराबाई चानू ने जीत का जश्न मनाया — 26 जुलाई 2026।
मीराबाई चानू ने राष्ट्रमंडल खेल 2026 में ग्लासगो के मंच पर स्वर्ण पदक जीतकर भारत का तिरंगा ऊँचा किया और जीत का उत्सव मनाया — 26 जुलाई 2026, रविवार।
राष्ट्रमंडल खेल 2026 में मीराबाई चानू ने महिला 48 किग्रा भारोत्तोलन में स्वर्ण पदक जीतकर उत्सव मनाया — ग्लासगो, स्कॉटलैंड में 26 जुलाई 2026 को भारत के लिए यह एक यादगार पल बना।
मीराबाई चानू ने 26 जुलाई 2026 को ग्लासगो में राष्ट्रमंडल खेल 2026 की महिला 48 किग्रा भारोत्तोलन स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीता और जीत का जश्न मनाया — भारत के लिए एक और गौरवशाली पल।