धार की भोजशाला: वाग्देवी मंदिर घोषित होते ही इंदौर में उत्सव

मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय ने 15 मई 2026 को धार स्थित विवादित भोजशाला कमाल मौला परिसर को देवी वाग्देवी (सरस्वती) का मंदिर घोषित किया, जिसके बाद इंदौर में लोग सड़कों पर उतरकर जश्न मनाते नज़र आए।

मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय के फैसले के बाद इंदौर के वकीलों ने खुशी जताई — अदालत ने धार के भोजशाला कमाल मौला परिसर को देवी वाग्देवी (सरस्वती) का मंदिर माना है।

15 मई 2026 को मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय के ऐतिहासिक फैसले के बाद इंदौर के वकील उत्सव में शामिल हुए — न्यायालय ने धार के विवादित भोजशाला कमाल मौला परिसर को सरस्वती मंदिर घोषित किया।

मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय ने अपने फैसले में स्पष्ट किया कि धार स्थित भोजशाला कमाल मौला परिसर देवी वाग्देवी को समर्पित मंदिर है — इस निर्णय के बाद इंदौर में वकीलों ने उत्सव मनाया।

मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय के 15 मई 2026 के फैसले के बाद इंदौर और धार में आम लोग सड़कों पर उतरे — अदालत ने बहुप्रतीक्षित फैसले में भोजशाला कमाल मौला परिसर को देवी वाग्देवी (सरस्वती) का मंदिर घोषित किया।

मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय ने शुक्रवार, 15 मई 2026 को धार के विवादित भोजशाला कमाल मौला परिसर को देवी वाग्देवी (सरस्वती) का मंदिर घोषित किया — इस ऐतिहासिक निर्णय से इंदौर में जश्न का माहौल छा गया।

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