पत्नी ज्योति अरोड़ा का दर्द — बोहरा कब्रिस्तान में विदाई
मेजर हमज़ा आरिफ़ की पत्नी ज्योति अरोड़ा 2 अगस्त 2026 को इंदौर, मध्य प्रदेश के बोहरा समुदाय कब्रिस्तान में अंतिम संस्कार के दौरान शोक में डूबी रहीं। (फ़ोटो: राष्ट्र प्रेस)
मेजर हमज़ा आरिफ़ की पत्नी ज्योति अरोड़ा 2 अगस्त 2026 को इंदौर, मध्य प्रदेश के बोहरा समुदाय कब्रिस्तान में अंतिम संस्कार के दौरान शोक में डूबी रहीं। (फ़ोटो: राष्ट्र प्रेस)
परिजन, मित्र और भारतीय सेना के जवान मेजर हमज़ा आरिफ़ के पार्थिव शरीर के साथ चले — पार्थिव देह राजस्थान के जैसलमेर से इंदौर लाई गई और 2 अगस्त 2026 को अंतिम संस्कार किया गया। (फ़ोटो: राष्ट्र प्रेस)
ज्योति अरोड़ा परिवार के सदस्यों के साथ इंदौर के बोहरा समुदाय कब्रिस्तान में मेजर हमज़ा आरिफ़ के अंतिम संस्कार में शोक व्यक्त करती दिखीं — 2 अगस्त 2026 को पूर्ण सैन्य एवं राजकीय सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी गई। (फ़ोटो: राष्ट्र प्रेस)
मेजर हमज़ा आरिफ़ को 2 अगस्त 2026 को मध्य प्रदेश के इंदौर में पूर्ण सैन्य एवं राजकीय सम्मान के साथ सुपुर्द ए ख़ाक किया गया। पत्नी ज्योति अरोड़ा और परिजन इस दौरान गहरे शोक में थे। (फ़ोटो: राष्ट्र प्रेस)
मेजर हमज़ा आरिफ़ की मृत्यु राजस्थान के जैसलमेर में एक सड़क दुर्घटना में हुई। उनकी पत्नी ज्योति अरोड़ा बोहरा समुदाय कब्रिस्तान, इंदौर में अंतिम संस्कार के दौरान शोक में थीं। (फ़ोटो: राष्ट्र प्रेस)
भारतीय सेना के जवानों ने इंदौर के बोहरा समुदाय कब्रिस्तान में मेजर हमज़ा आरिफ़ को अंतिम सलामी दी। पत्नी ज्योति अरोड़ा इस मार्मिक पल में शोकाकुल थीं। (फ़ोटो: राष्ट्र प्रेस)
परिजन, रिश्तेदार, भारतीय सेना के जवान और समाज के लोग 2 अगस्त 2026 को इंदौर, मध्य प्रदेश के बोहरा समुदाय कब्रिस्तान में मेजर हमज़ा आरिफ़ के अंतिम संस्कार में उपस्थित रहे — जो जैसलमेर, राजस्थान में सड़क दुर्घटना में शहीद हुए। (फ़ोटो: राष्ट्र प्रेस)