जेल में राखी: बंदी भाई को बहन ने बाँधा पवित्र धागा

जबलपुर के नेताजी सुभाष चंद्र बोस केंद्रीय कारागार में 28 अगस्त 2026 को रक्षाबंधन पर एक बहन ने अपने बंदी भाई की कलाई पर राखी बाँधी — सलाखों के पीछे भी भाई-बहन के प्रेम का यह पर्व जीवंत रहा। (फ़ोटो: राष्ट्र प्रेस)

नेताजी सुभाष चंद्र बोस केंद्रीय कारागार, जबलपुर में 28 अगस्त 2026 को रक्षाबंधन के अवसर पर बंदी मूसलाधार बारिश के बीच बैरिकेड के पीछे खड़े होकर अपनी बहनों से मुलाक़ात की प्रतीक्षा करते रहे। (फ़ोटो: राष्ट्र प्रेस)

28 अगस्त 2026 को रक्षाबंधन पर नेताजी सुभाष चंद्र बोस केंद्रीय कारागार, जबलपुर के बाहर महिलाएँ मूसलाधार बारिश की परवाह किए बिना लंबी क़तार में खड़ी रहीं — सिर्फ़ अपने बंदी भाइयों की कलाई पर राखी बाँधने के लिए। (फ़ोटो: राष्ट्र प्रेस)

जबलपुर में 28 अगस्त 2026 को रक्षाबंधन पर एक महिला राखी और मिठाई का पैकेट थामे बारिश में भीगती हुई नेताजी सुभाष चंद्र बोस केंद्रीय कारागार पहुँची — अपने बंदी भाई से मिलने की ललक बारिश से भी बड़ी रही। (फ़ोटो: राष्ट्र प्रेस)

नेताजी सुभाष चंद्र बोस केंद्रीय कारागार, जबलपुर के बाहर 28 अगस्त 2026 को रक्षाबंधन पर महिलाएँ एक अस्थायी बरसाती छत के नीचे खड़ी होकर अपने बंदी भाइयों से मुलाक़ात का इंतज़ार करती रहीं — त्योहार की भावना को मौसम रोक न सका। (फ़ोटो: राष्ट्र प्रेस)

Next Story