जयपुर में स्कार्लेट स्किमर ड्रैगनफ्लाई
स्कार्लेट स्किमर (Crocothemis servilia) जयपुर में एक तने पर विश्राम करते हुए — 29 सितंबर 2026 को राष्ट्र प्रेस के फ़ोटोग्राफ़र कमल किशोर के कैमरे में क़ैद हुआ यह नज़ारा प्रकृति की जीवंतता का प्रतीक है।
स्कार्लेट स्किमर (Crocothemis servilia) जयपुर में एक तने पर विश्राम करते हुए — 29 सितंबर 2026 को राष्ट्र प्रेस के फ़ोटोग्राफ़र कमल किशोर के कैमरे में क़ैद हुआ यह नज़ारा प्रकृति की जीवंतता का प्रतीक है।
ग्लॉसी आइबिस (Plegadis falcinellus) अपने प्राकृतिक आवास में शांत खड़ा — जयपुर में 29 सितंबर 2026 को राष्ट्र प्रेस के कमल किशोर द्वारा खींची गई यह तस्वीर राजस्थान की समृद्ध जैव विविधता को दर्शाती है।
ब्लैक विंग्ड स्टिल्ट (Himantopus himantopus) अपनी लंबी गुलाबी टाँगों पर जयपुर के प्राकृतिक आवास में स्थिर खड़ा है — 29 सितंबर 2026 को राष्ट्र प्रेस के फ़ोटोग्राफ़र कमल किशोर की यह तस्वीर पक्षी प्रेमियों के लिए विशेष है।
ब्लैक नेक्ड स्टिल्ट (Himantopus mexicanus) जयपुर के आकाश में उड़ान भरते हुए कैमरे में क़ैद — 29 सितंबर 2026 को ली गई राष्ट्र प्रेस की यह तस्वीर पक्षी की पंख फैलाव की सुंदरता को सटीकता से पकड़ती है।
ब्लैक विंग्ड स्टिल्ट (Himantopus himantopus) जयपुर के जलीय आवास के किनारे एकाकी खड़ा है — 29 सितंबर 2026 को राष्ट्र प्रेस के कमल किशोर द्वारा खींची यह तस्वीर इस पक्षी की विशिष्ट काली सफ़ेद बनावट को उजागर करती है।
लाल लटकन वाला रेड वाट्लड लैपविंग (Vanellus indicus) जयपुर के प्राकृतिक परिवेश में सतर्क मुद्रा में खड़ा है — 29 सितंबर 2026 को राष्ट्र प्रेस के कमल किशोर ने इसे कैमरे में उतारा।
फ़ेज़ेंट टेल्ड जकाना (Hydrophasianus chirurgus) अपनी लंबी विशिष्ट पूँछ के साथ जयपुर के आसमान में उड़ान भरता हुआ — 29 सितंबर 2026 को राष्ट्र प्रेस की यह तस्वीर इस दुर्लभ पक्षी का अनूठा नज़ारा पेश करती है।
उड़ान में फ़ेज़ेंट टेल्ड जकाना (Hydrophasianus chirurgus) के पंखों का फैलाव स्पष्ट दिखता है — जयपुर में 29 सितंबर 2026 को राष्ट्र प्रेस के कमल किशोर द्वारा ली गई यह तस्वीर इस प्रजाति की उड़ान शैली का दुर्लभ दस्तावेज़ है।
जयपुर के जलीय क्षेत्र के ऊपर फ़ेज़ेंट टेल्ड जकाना (Hydrophasianus chirurgus) का एक और अनूठा उड़ान दृश्य — 29 सितंबर 2026 को राष्ट्र प्रेस ने इस पक्षी की विभिन्न उड़ान मुद्राएँ दर्ज कीं।
जंगल बैबलर (Argya striata), जिसे हिंदी में 'सात भाई' भी कहते हैं, जयपुर में एक पेड़ की शाखा पर झुंड में बैठे हैं — 29 सितंबर 2026 को राष्ट्र प्रेस के कमल किशोर ने यह दृश्य कैमरे में क़ैद किया।
पेड़ की एक शाखा पर एकत्रित जंगल बैबलर (Argya striata) — ये पक्षी अपने झुंड में रहने और तेज़ आवाज़ में बोलने के लिए जाने जाते हैं। जयपुर में 29 सितंबर 2026 को राष्ट्र प्रेस द्वारा दर्ज यह दृश्य शहरी हरियाली में पक्षी जीवन की मौजूदगी दर्शाता है।
जयपुर के एक पेड़ पर जंगल बैबलर (Argya striata) का समूह — सामाजिक प्रवृत्ति के इन पक्षियों को हमेशा झुंड में देखा जाता है। 29 सितंबर 2026 को राष्ट्र प्रेस के कमल किशोर की यह तस्वीर उनकी सामूहिकता को खूबसूरती से दर्शाती है।
इंडियन सिल्वरबिल (Euodice malabarica) जयपुर में एक पेड़ पर अपने घोंसलों के पास बैठे हैं — 29 सितंबर 2026 को राष्ट्र प्रेस के कमल किशोर द्वारा खींची यह तस्वीर इन छोटे पक्षियों के घोंसला निर्माण कौशल को उजागर करती है।
पेड़ पर लटके घोंसलों के समीप इंडियन सिल्वरबिल (Euodice malabarica) के जोड़े — जयपुर में इन पक्षियों की उपस्थिति शहर के हरे भरे परिवेश की स्वस्थ स्थिति का संकेत है। राष्ट्र प्रेस ने यह तस्वीर 29 सितंबर 2026 को ली।
जयपुर के एक पेड़ की शाखाओं पर इंडियन सिल्वरबिल (Euodice malabarica) अपने बुने हुए घोंसलों के पास विश्राम करते हैं — 29 सितंबर 2026 को राष्ट्र प्रेस के कमल किशोर की यह तस्वीर घोंसला निर्माण की बारीकियाँ दर्शाती है।
राजस्थान के शुष्क क्षेत्रों में सामान्यतः पाए जाने वाले इंडियन सिल्वरबिल (Euodice malabarica) जयपुर में घोंसलों के पास एक दूसरे के साथ बैठे हैं — 29 सितंबर 2026 को राष्ट्र प्रेस की यह तस्वीर उनके सामाजिक व्यवहार को दर्शाती है।
बया बुनकर (Ploceus philippinus) अपने घास से बुने लटकते घोंसले के पास बैठा है — जयपुर में 29 सितंबर 2026 को राष्ट्र प्रेस के कमल किशोर द्वारा ली गई यह तस्वीर बया के अद्वितीय वास्तुशिल्प कौशल को प्रदर्शित करती है।
इस वेब स्टोरी का समापन इंडियन सिल्वरबिल (Euodice malabarica) की एक और तस्वीर से — जयपुर में 29 सितंबर 2026 को राष्ट्र प्रेस के कमल किशोर ने इन पक्षियों की घोंसला संस्कृति का व्यापक दस्तावेज़ीकरण किया, जो राजस्थान की जैव विविधता का जीवंत प्रमाण है।