दुर्गा बाड़ी में सिंदूर खेला: महिलाओं की खुशी और उत्साह

जयपुर के दुर्गा बाड़ी में मंगलवार, 20 अक्टूबर 2026 को दुर्गा पूजा के अंतिम दिन 'सिंदूर खेला' के दौरान महिलाओं ने एक साथ तस्वीर खिंचवाई — यह पल उत्सव की खुशी और बंगाली सांस्कृतिक परंपरा का प्रतीक बना। (फ़ोटो: राष्ट्र प्रेस)

जयपुर स्थित दुर्गा बाड़ी में विजयादशमी के अवसर पर 'सिंदूर खेला' के दौरान महिलाओं ने 20 अक्टूबर 2026 को सेल्फी लेकर उत्सव की खुशियाँ कैमरे में क़ैद कीं — यह परंपरा माँ दुर्गा की विदाई से पहले मनाई जाती है। (फ़ोटो: राष्ट्र प्रेस)

जयपुर के दुर्गा बाड़ी में दुर्गा पूजा के अंतिम दिन 20 अक्टूबर 2026 को महिलाओं ने 'सिंदूर खेला' रस्म के तहत एक दूसरे को सिंदूर (लाल सिंदूर) लगाया — यह बंगाली परंपरा में सुहागन महिलाओं द्वारा माँ दुर्गा की विदाई पर निभाई जाती है। (फ़ोटो: राष्ट्र प्रेस)

राजस्थान की राजधानी जयपुर में दुर्गा बाड़ी परिसर के भीतर विजयादशमी, 20 अक्टूबर 2026 को 'सिंदूर खेला' के दौरान महिलाओं ने उत्साहपूर्वक सेल्फी ली — पाँच दिवसीय दुर्गा पूजा उत्सव का यह अंतिम और भावनापूर्ण पल था। (फ़ोटो: राष्ट्र प्रेस)

जयपुर के दुर्गा बाड़ी में 20 अक्टूबर 2026 को 'सिंदूर खेला' के दौरान महिलाओं ने माँ दुर्गा की प्रतिमा को सिंदूर (लाल सिंदूर) अर्पित किया — यह रस्म देवी की विदाई से पहले उनका आशीर्वाद लेने की पुरानी बंगाली परंपरा का हिस्सा है। (फ़ोटो: राष्ट्र प्रेस)

जयपुर में बसे बंगाली समुदाय की महिलाओं ने दुर्गा बाड़ी में 20 अक्टूबर 2026 को एक दूसरे को सिंदूर लगाकर 'सिंदूर खेला' परंपरा का पालन किया — राजस्थान में बंगाली सांस्कृतिक विरासत को जीवंत रखने का यह एक प्रमुख अवसर है। (फ़ोटो: राष्ट्र प्रेस)

जयपुर की दुर्गा बाड़ी में विजयादशमी पर दुर्गा पूजा के समापन दिवस 20 अक्टूबर 2026 को महिलाओं ने आपस में सिंदूर लगाकर उत्सव का भावनात्मक समापन किया — 'सिंदूर खेला' बंगाली महिलाओं के लिए माँ दुर्गा की विदाई का सबसे भावपूर्ण अनुष्ठान माना जाता है। (फ़ोटो: राष्ट्र प्रेस)

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