रामनामी समाज के सदस्य का 'राम' गोदना — आस्था का प्रतीक

छत्तीसगढ़ के रामनामी समाज के एक सदस्य — जिनके पूरे शरीर पर 'राम' लिखे गोदने हैं — ने 31 अगस्त 2026 को कोलकाता के एक होटल में चालता बागान दुर्गा पूजा समिति द्वारा आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में भाग लिया। (फ़ोटो: राष्ट्र प्रेस/Kuntal Chakrabarty)

रामनामी समाज की यह अनूठी परंपरा है कि सदस्य अपने पूरे शरीर पर 'राम' नाम गुदवाते हैं — यह आस्था का सर्वोच्च प्रकटन माना जाता है। 31 अगस्त 2026 को कोलकाता में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में यह परंपरा सबके सामने आई। (फ़ोटो: राष्ट्र प्रेस/Kuntal Chakrabarty)

चालता बागान दुर्गा पूजा समिति ने 31 अगस्त 2026 को कोलकाता के एक शहरी होटल में प्रेस कॉन्फ्रेंस का आयोजन किया, जिसमें छत्तीसगढ़ के रामनामी समाज के सदस्य विशेष रूप से आमंत्रित थे। (फ़ोटो: राष्ट्र प्रेस/Kuntal Chakrabarty)

छत्तीसगढ़ के रामनामी समाज के अनेक सदस्य — जिनके शरीर पर 'राम' नाम के गोदने हैं — 31 अगस्त 2026 को कोलकाता में चालता बागान दुर्गा पूजा समिति की प्रेस कॉन्फ्रेंस में एक साथ उपस्थित हुए। (फ़ोटो: राष्ट्र प्रेस/Kuntal Chakrabarty)

रामनामी समाज छत्तीसगढ़ की एक प्रमुख सांस्कृतिक धार्मिक पहचान है, जो भगवान राम की भक्ति में शरीर पर नाम गुदवाने की परंपरा के लिए जाना जाता है। कोलकाता में इनकी उपस्थिति ने दुर्गा पूजा 2026 से पहले राष्ट्रीय ध्यान खींचा। (फ़ोटो: राष्ट्र प्रेस/Kuntal Chakrabarty)

चालता बागान दुर्गा पूजा समिति ने छत्तीसगढ़ के रामनामी समाज को अपने आयोजन में आमंत्रित कर एक अनूठी सांस्कृतिक विविधता प्रस्तुत की — जहाँ एक राज्य की आस्था दूसरे राज्य के उत्सव मंच पर जीवंत हुई। (फ़ोटो: राष्ट्र प्रेस/Kuntal Chakrabarty)

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