बाबू घाट पर देवी दुर्गा की प्रतिमा लेकर गंगा की ओर श्रद्धालु

कोलकाता के बाबू घाट पर 23 अक्टूबर 2026 (शुक्रवार) को श्रद्धालु देवी दुर्गा की प्रतिमाओं को कंधों पर उठाकर गंगा की ओर बढ़े — दुर्गा पूजा उत्सव के समापन पर विसर्जन की यह पारंपरिक शोभायात्रा हर वर्ष लाखों श्रद्धालुओं को एकजुट करती है। (फ़ोटो: राष्ट्र प्रेस/कुंतल चक्रवर्ती)

कोलकाता के बाबू घाट पर 23 अक्टूबर 2026 को एक क्रेन की सहायता से गंगा में विसर्जित मिट्टी की प्रतिमाओं के अवशेष निकाले गए — दुर्गा पूजा उत्सव के बाद नदी की सफ़ाई की यह प्रक्रिया पर्यावरण संरक्षण की दृष्टि से महत्वपूर्ण मानी जाती है। (फ़ोटो: राष्ट्र प्रेस/कुंतल चक्रवर्ती)

पश्चिम बंगाल के कोलकाता स्थित बाबू घाट पर 23 अक्टूबर 2026 को श्रद्धालु देवी दुर्गा की मिट्टी की प्रतिमा को गंगा में विसर्जन के लिए ले जाते दिखे — यह दृश्य दुर्गा पूजा के समापन की भावुक परंपरा को दर्शाता है। (फ़ोटो: राष्ट्र प्रेस/कुंतल चक्रवर्ती)

कोलकाता के बाबू घाट पर शुक्रवार 23 अक्टूबर 2026 को दुर्गा पूजा के समापन पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु देवी दुर्गा की मिट्टी की प्रतिमाएँ लेकर गंगा पहुँचे और विसर्जन की रस्म अदा की। (फ़ोटो: राष्ट्र प्रेस/कुंतल चक्रवर्ती)

23 अक्टूबर 2026 को कोलकाता के बाबू घाट पर विसर्जन के बाद देवी दुर्गा की प्रतिमा का आधा चेहरा गंगा की सतह पर दिखता रहा — यह दृश्य दुर्गा पूजा के विदाई क्षण की गहरी भावनात्मक अनुभूति को व्यक्त करता है। (फ़ोटो: राष्ट्र प्रेस/कुंतल चक्रवर्ती)

कोलकाता के बाबू घाट पर एक श्रद्धालु ने शुक्रवार 23 अक्टूबर 2026 को देवी दुर्गा की प्रतिमा गंगा में विसर्जित की — इसी के साथ पश्चिम बंगाल में दुर्गा पूजा उत्सव का आधिकारिक समापन हुआ। (फ़ोटो: राष्ट्र प्रेस/कुंतल चक्रवर्ती)

पश्चिम बंगाल की सांस्कृतिक राजधानी कोलकाता में बाबू घाट पर 23 अक्टूबर 2026 को एक श्रद्धालु ने देवी दुर्गा की प्रतिमा गंगा में विसर्जित कर दुर्गा पूजा के पाँच दिवसीय महोत्सव का समापन किया। (फ़ोटो: राष्ट्र प्रेस/कुंतल चक्रवर्ती)

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