पंडाल में सजी शिल्पकारी — दुर्गा पूजा की धूम शुरू
कोलकाता के एक दुर्गा पूजा पंडाल में 30 सितंबर 2026 को हस्तशिल्प की कृतियाँ प्रदर्शित की गईं — त्योहार से पहले सजावट का काम तेज़ी से जारी है। (फ़ोटो: राष्ट्र प्रेस/कुंतल चक्रवर्ती)
कोलकाता के एक दुर्गा पूजा पंडाल में 30 सितंबर 2026 को हस्तशिल्प की कृतियाँ प्रदर्शित की गईं — त्योहार से पहले सजावट का काम तेज़ी से जारी है। (फ़ोटो: राष्ट्र प्रेस/कुंतल चक्रवर्ती)
कोलकाता में एक दुर्गा पूजा पंडाल पर एक कारीगर 30 सितंबर 2026 को हस्तनिर्मित शिल्पकारी टाँगते हुए नज़र आया — पूजा उत्सव से पहले सजावट कार्य अंतिम चरण में है। (फ़ोटो: राष्ट्र प्रेस/कुंतल चक्रवर्ती)
पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता में दुर्गा पूजा से पहले एक पंडाल को शिल्पकृतियों से सजाने का काम 30 सितंबर 2026 को जारी रहा — कारीगरों ने हस्तनिर्मित सजावट टाँगने का काम किया। (फ़ोटो: राष्ट्र प्रेस/कुंतल चक्रवर्ती)
दुर्गा पूजा की आहट के साथ कोलकाता के पंडालों में सजावट अपने चरम पर है — 30 सितंबर 2026 को एक श्रमिक ने पंडाल में हस्तशिल्प कृतियाँ टाँगीं। (फ़ोटो: राष्ट्र प्रेस/कुंतल चक्रवर्ती)
कोलकाता में दुर्गा पूजा 2026 की तैयारियाँ अंतिम रूप ले रही हैं — कुशल कारीगरों ने 30 सितंबर 2026 को पंडाल में शिल्पकारी सजाने का काम पूरा किया। (फ़ोटो: राष्ट्र प्रेस/कुंतल चक्रवर्ती)
पश्चिम बंगाल में दुर्गा पूजा भारत के सबसे बड़े सांस्कृतिक उत्सवों में गिना जाता है — कोलकाता के पंडाल में 30 सितंबर 2026 को एक कर्मी ने हस्तशिल्प टाँगकर सजावट को अंतिम रूप दिया। (फ़ोटो: राष्ट्र प्रेस/कुंतल चक्रवर्ती)
दुर्गा पूजा उत्सव की शुरुआत से ऐन पहले कोलकाता के पंडालों में हस्तशिल्प सजावट का काम 30 सितंबर 2026 तक जारी रहा — श्रमिकों ने अंतिम कृतियाँ टाँगकर पंडाल को तैयार किया। (फ़ोटो: राष्ट्र प्रेस/कुंतल चक्रवर्ती)