कोलकाता पुलिस की चोरबागान पंडाल में मौजूदगी

कोलकाता पुलिस के जवान 18 अक्टूबर 2026 को चोरबागान सर्बजनीन दुर्गा पूजा पंडाल के इलाके में तैनात रहे — सप्तमी की शाम हुई भगदड़ जैसी घटना के एक दिन बाद, जिसमें कथित तौर पर कम से कम 19 लोगों की मौत और 35 घायल हुए।

पश्चिम बंगाल के कोलकाता में चोरबागान सर्बजनीन दुर्गा पूजा पंडाल में सप्तमी की शाम हुई भगदड़ सदृश घटना के अगले दिन 18 अक्टूबर 2026 को पुलिस बल बड़ी संख्या में मौजूद रहा; इस घटना में कथित तौर पर 19 मौतें और 35 घायल दर्ज हुए।

चोरबागान सर्बजनीन दुर्गा पूजा पंडाल के प्रवेश द्वार के पास 18 अक्टूबर 2026 को जूते, कपड़े और अन्य सामान बिखरे पड़े मिले — सप्तमी शाम की भगदड़ जैसी घटना का मंज़र, जिसमें 19 लोगों की मौत और 35 घायल होने की खबर है।

कोलकाता पुलिस का एक अधिकारी चोरबागान सर्बजनीन दुर्गा पूजा पंडाल के परिसर में 18 अक्टूबर 2026 को मौजूद रहा — सप्तमी की शाम की कथित भगदड़ में 19 मौतें व 35 घायल होने के बाद सुरक्षा व जांच के लिए।

सप्तमी शाम चोरबागान सर्बजनीन पंडाल में हुई भगदड़ जैसी घटना में 19 लोगों की जान जाने और 35 के घायल होने के बाद, कोलकाता पुलिस ने 18 अक्टूबर 2026 को क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था काफी कड़ी कर दी।

कोलकाता पुलिस की एक टीम चोरबागान सर्बजनीन दुर्गा पूजा पंडाल के आसपास 18 अक्टूबर 2026 (रविवार) को निगरानी में थी — एक दिन पहले हुई भगदड़ सदृश घटना में 19 लोगों की मौत और 35 घायल होने की पुष्टि अधिकारियों ने की।

कोलकाता पुलिस के जवान चोरबागान सर्बजनीन दुर्गा पूजा पंडाल के मुख्य प्रवेश द्वार पर 18 अक्टूबर 2026 को तैनात रहे, ताकि घटनास्थल पर अनाधिकृत प्रवेश रोका जा सके — सप्तमी हादसे में 19 मौतें व 35 घायल हुए थे।

18 अक्टूबर 2026 को कोलकाता पुलिस के अधिकारी चोरबागान सर्बजनीन पंडाल के प्रवेश द्वार पर सतर्कता से खड़े दिखे — सप्तमी शाम की उस भगदड़ जैसी घटना के बाद जिसमें 19 जानें गईं और 35 लोग घायल हुए।

चोरबागान सर्बजनीन दुर्गा पूजा पंडाल के प्रवेश द्वार पर 18 अक्टूबर 2026 को कोलकाता पुलिस का एक जवान पहरा दे रहा था — सप्तमी शाम हुई कथित भगदड़ में कम से कम 19 मौतें और 35 घायल होने के बाद से यहाँ कड़ी निगरानी बनी हुई है।

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