तीसरे ऑल बंगाल रैपिड शतरंज टूर्नामेंट में दिव्यांग प्रतिभागी

कोलकाता सेंटर फॉर क्रिएटिविटी (KCC) द्वारा अंतर्राष्ट्रीय शतरंज दिवस के अवसर पर आयोजित तीसरे ऑल बंगाल रैपिड शतरंज टूर्नामेंट में दिव्यांगजन खिलाड़ियों ने 20 जुलाई 2026 को कोलकाता में प्रतिस्पर्धा की। (फ़ोटो: राष्ट्र प्रेस/कुंतल चक्रवर्ती)

कोलकाता सेंटर फॉर क्रिएटिविटी (KCC) ने अंतर्राष्ट्रीय शतरंज दिवस को चिह्नित करने के लिए यह समावेशी प्रतियोगिता आयोजित की, जिसमें दिव्यांग खिलाड़ियों को मुख्यधारा के खेल मंच पर प्रतिस्पर्धा का अवसर मिला। (फ़ोटो: राष्ट्र प्रेस/कुंतल चक्रवर्ती)

20 जुलाई 2026 (सोमवार) को कोलकाता में आयोजित इस रैपिड शतरंज प्रतियोगिता में दिव्यांगजन खिलाड़ियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया — यह आयोजन तीसरी बार ऑल बंगाल स्तर पर हुआ। (फ़ोटो: राष्ट्र प्रेस/कुंतल चक्रवर्ती)

तीसरे ऑल बंगाल रैपिड शतरंज टूर्नामेंट में दिव्यांग प्रतिभागियों ने बोर्ड पर अपनी रणनीतिक क्षमता का प्रदर्शन किया — यह आयोजन समावेशी खेल संस्कृति को बढ़ावा देने की दिशा में एक अहम कदम है। (फ़ोटो: राष्ट्र प्रेस/कुंतल चक्रवर्ती)

अंतर्राष्ट्रीय शतरंज दिवस के उपलक्ष्य में कोलकाता सेंटर फॉर क्रिएटिविटी (KCC) ने विशेष रूप से दिव्यांगजनों के लिए यह रैपिड शतरंज प्रतियोगिता आयोजित की, जो खेल में समानता और समावेश का संदेश देती है। (फ़ोटो: राष्ट्र प्रेस/कुंतल चक्रवर्ती)

कोलकाता में आयोजित इस प्रतियोगिता में दिव्यांग शतरंज प्रतिभाओं ने अपनी बौद्धिक क्षमता और दृढ़ इच्छाशक्ति का परिचय दिया — KCC का यह मंच उन्हें राज्यस्तरीय पहचान दिलाने में सहायक है। (फ़ोटो: राष्ट्र प्रेस/कुंतल चक्रवर्ती)

रैपिड शतरंज फ़ॉर्मेट में दिव्यांग खिलाड़ियों की यह प्रतिस्पर्धा 20 जुलाई 2026 को कोलकाता में हुई — तेज़ गति के इस प्रारूप में खिलाड़ियों की त्वरित निर्णय क्षमता परखी गई। (फ़ोटो: राष्ट्र प्रेस/कुंतल चक्रवर्ती)

यह तीसरा संस्करण है ऑल बंगाल रैपिड शतरंज टूर्नामेंट फ़ॉर पर्सन्स विद डिसेबिलिटीज़ का — KCC द्वारा लगातार तीसरे वर्ष आयोजित यह प्रतियोगिता दिव्यांग खिलाड़ियों के लिए एक स्थापित मंच बन चुकी है। (फ़ोटो: राष्ट्र प्रेस/कुंतल चक्रवर्ती)

कोलकाता सेंटर फॉर क्रिएटिविटी (KCC) द्वारा आयोजित यह टूर्नामेंट भारत में समावेशी खेल की बढ़ती संस्कृति का प्रतीक है — दिव्यांग खिलाड़ियों का यह जज़्बा साबित करता है कि प्रतिभा किसी सीमा की मोहताज नहीं। (फ़ोटो: राष्ट्र प्रेस/कुंतल चक्रवर्ती)

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