सिंदूर खेला: माँ दुर्गा को विदाई की बंगाली परंपरा
कोलकाता में 21 अक्टूबर 2026 को विजयादशमी के अवसर पर सिंदूर खेला की परंपरागत रस्म के दौरान एक महिला को सिंदूर लगाया गया — यह रस्म दुर्गा पूजा उत्सव के समापन का प्रतीक है। (फ़ोटो: राष्ट्र प्रेस)
कोलकाता में 21 अक्टूबर 2026 को विजयादशमी के अवसर पर सिंदूर खेला की परंपरागत रस्म के दौरान एक महिला को सिंदूर लगाया गया — यह रस्म दुर्गा पूजा उत्सव के समापन का प्रतीक है। (फ़ोटो: राष्ट्र प्रेस)
पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता में विजयादशमी पर सिंदूर खेला की शताब्दियों पुरानी बंगाली परंपरा का उत्साहपूर्ण निर्वाह हुआ, जिसमें महिलाओं ने एक दूसरे को सिंदूर लगाकर माँ दुर्गा को विदाई दी। (फ़ोटो: राष्ट्र प्रेस)
दुर्गा पूजा के अंतिम दिन कोलकाता, पश्चिम बंगाल में महिलाओं ने सिंदूर खेला में भाग लेकर माँ को विदाई दी — यह भावनापूर्ण रस्म 21 अक्टूबर 2026 को मनाई गई। (फ़ोटो: राष्ट्र प्रेस)
सिंदूर खेला पश्चिम बंगाल की सांस्कृतिक पहचान का अभिन्न हिस्सा है — विजयादशमी पर बंगाली महिलाएँ माँ दुर्गा की प्रतिमा को सिंदूर अर्पित करने के बाद आपस में भी यह शुभ रंग लगाती हैं। (फ़ोटो: राष्ट्र प्रेस)
कोलकाता में दुर्गा पूजा 2026 का समापन सिंदूर खेला के साथ हुआ, जहाँ हर्षोल्लास के बीच महिलाओं ने एक दूसरे को सिंदूर लगाया और माँ दुर्गा की विदाई की — पश्चिम बंगाल में यह पर्व आस्था और सामूहिक उत्सव का प्रतीक है। (फ़ोटो: राष्ट्र प्रेस)