'फ्री तिब्बत' पट्टी पहने कार्यकर्ता ने उठाई मुट्ठी — रांगज़ेन की याद में प्रदर्शन

कोलकाता में 20 अगस्त 2026 को एक तिब्बती महिला कार्यकर्ता ने 'फ्री तिब्बत' पट्टी पहनकर मुट्ठी उठाई और कार्यकर्ता पावो लोबगा रांगज़ेन की याद में तख्ती थामे चीनी वाणिज्य दूतावास के सामने प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने रांगज़ेन को न्याय और संयुक्त राष्ट्र के हस्तक्षेप की माँग की। (फोटो: राष्ट्र प्रेस/कुंतल चक्रवर्ती)

तिब्बती कार्यकर्ताओं ने कोलकाता में चीनी वाणिज्य दूतावास के सामने नारे लगाए, तिब्बती झंडे लहराए और तख्तियाँ प्रदर्शित कीं। 'चलो कोलकाता' अभियान के तहत 20 अगस्त 2026 को हुए इस प्रदर्शन में कार्यकर्ता पावो लोबगा रांगज़ेन को न्याय और अंतरराष्ट्रीय एकजुटता की माँग उठाई गई। (फोटो: राष्ट्र प्रेस/कुंतल चक्रवर्ती)

चीन के जातीय एकता एवं प्रगति कानून का विरोध करने के लिए तिब्बती कार्यकर्ता 20 अगस्त 2026 को कोलकाता में चीनी वाणिज्य दूतावास के बाहर इकट्ठा हुए। प्रदर्शनकारियों ने तिब्बती झंडे लहराते हुए संयुक्त राष्ट्र से तिब्बती संस्कृति एवं विरासत की रक्षा का आह्वान किया। (फोटो: राष्ट्र प्रेस/कुंतल चक्रवर्ती)

पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता में चीनी वाणिज्य दूतावास के सामने तिब्बती कार्यकर्ताओं ने तख्तियाँ उठाकर और तिब्बती झंडे लहराकर विरोध जताया। प्रदर्शनकारियों ने कार्यकर्ता पावो लोबगा रांगज़ेन के लिए न्याय और संयुक्त राष्ट्र के हस्तक्षेप की माँग की। (फोटो: राष्ट्र प्रेस/कुंतल चक्रवर्ती)

मुंडित सिर के साथ तिब्बती कार्यकर्ताओं ने कोलकाता में चीनी वाणिज्य दूतावास के सामने तिब्बती झंडे थामकर नारे लगाए — यह प्रतीकात्मक विरोध चीन के जातीय एकता एवं प्रगति कानून के खिलाफ़ था। प्रदर्शनकारियों ने पावो लोबगा रांगज़ेन को न्याय और संयुक्त राष्ट्र के हस्तक्षेप की माँग की। (फोटो: राष्ट्र प्रेस/कुंतल चक्रवर्ती)

'चलो कोलकाता' अभियान के तहत 20 अगस्त 2026 को मुंडित सिर वाले तिब्बती कार्यकर्ताओं ने चीनी वाणिज्य दूतावास के सामने झंडे लहराकर एकजुटता का संदेश दिया। प्रदर्शनकारियों ने तिब्बती संस्कृति की रक्षा के लिए संयुक्त राष्ट्र से हस्तक्षेप की अपील की। (फोटो: राष्ट्र प्रेस/कुंतल चक्रवर्ती)

चीन के जातीय एकता एवं प्रगति कानून के खिलाफ़ विरोध की अभिव्यक्ति के रूप में तिब्बती कार्यकर्ताओं ने सिर मुंडवाया और कोलकाता में चीनी वाणिज्य दूतावास के सामने तिब्बती झंडे थामे। यह प्रतिरोध 20 अगस्त 2026 को 'चलो कोलकाता' अभियान के तहत हुआ। (फोटो: राष्ट्र प्रेस/कुंतल चक्रवर्ती)

कोलकाता में चीनी वाणिज्य दूतावास के सामने मुंडित सिर वाले तिब्बती कार्यकर्ताओं के नारों से वातावरण गूँज उठा। 'चलो कोलकाता' अभियान के इस प्रदर्शन में कार्यकर्ता पावो लोबगा रांगज़ेन को न्याय और अंतरराष्ट्रीय एकजुटता की माँग प्रमुख रही। (फोटो: राष्ट्र प्रेस/कुंतल चक्रवर्ती)

कोलकाता में चीनी वाणिज्य दूतावास के बाहर 'चलो कोलकाता' प्रदर्शन के दौरान एक तिब्बती महिला कार्यकर्ता ने अपना सिर मुंडवाकर चीन के जातीय एकता एवं प्रगति कानून के प्रति अपना विरोध जताया। प्रदर्शनकारियों ने पावो लोबगा रांगज़ेन को न्याय और संयुक्त राष्ट्र के हस्तक्षेप की माँग की। (फोटो: राष्ट्र प्रेस/कुंतल चक्रवर्ती)

'चलो कोलकाता' अभियान में 20 अगस्त 2026 को एक और तिब्बती महिला कार्यकर्ता ने चीनी वाणिज्य दूतावास के सामने सिर मुंडवाकर तिब्बत की आवाज़ को बुलंद किया। प्रदर्शनकारियों ने तिब्बती विरासत की रक्षा के लिए संयुक्त राष्ट्र से हस्तक्षेप का आग्रह किया। (फोटो: राष्ट्र प्रेस/कुंतल चक्रवर्ती)

कोलकाता में 20 अगस्त 2026 को 'चलो कोलकाता' अभियान के दौरान कई तिब्बती कार्यकर्ताओं ने एकसाथ सिर मुंडवाकर सामूहिक प्रतिरोध का प्रदर्शन किया। यह विरोध चीन के जातीय एकता एवं प्रगति कानून के खिलाफ़ था और कार्यकर्ता पावो लोबगा रांगज़ेन को न्याय की माँग से जुड़ा था। (फोटो: राष्ट्र प्रेस/कुंतल चक्रवर्ती)

'फ्री तिब्बत' पट्टी पहने तिब्बती कार्यकर्ताओं ने 20 अगस्त 2026 को पश्चिम बंगाल की कोलकाता में चीनी वाणिज्य दूतावास के सामने ज़ोरदार नारे लगाए। प्रदर्शनकारियों ने कार्यकर्ता पावो लोबगा रांगज़ेन को न्याय और तिब्बती संस्कृति की रक्षा के लिए संयुक्त राष्ट्र के हस्तक्षेप की माँग की। (फोटो: राष्ट्र प्रेस/कुंतल चक्रवर्ती)

'चलो कोलकाता' अभियान में 'फ्री तिब्बत' पट्टी पहने प्रदर्शनकारियों ने चीन के जातीय एकता एवं प्रगति कानून के विरोध में आवाज़ उठाई। कोलकाता में चीनी वाणिज्य दूतावास के सामने हुए इस प्रदर्शन में संयुक्त राष्ट्र के हस्तक्षेप की माँग भी शामिल थी। (फोटो: राष्ट्र प्रेस/कुंतल चक्रवर्ती)

कोलकाता में 'चलो कोलकाता' अभियान के तहत तिब्बती कार्यकर्ताओं ने चीनी वाणिज्य दूतावास के सामने झंडे और तख्तियाँ लेकर एकता, न्याय और अंतरराष्ट्रीय एकजुटता का आह्वान किया। पावो लोबगा रांगज़ेन को न्याय दिलाने की माँग प्रमुख रही। (फोटो: राष्ट्र प्रेस/कुंतल चक्रवर्ती)

चीन के जातीय एकता एवं प्रगति कानून के खिलाफ़ तिब्बती कार्यकर्ता 20 अगस्त 2026 को कोलकाता में एकजुट हुए। चीनी वाणिज्य दूतावास के सामने झंडे और तख्तियाँ लेकर उन्होंने तिब्बती संस्कृति एवं विरासत की रक्षा की माँग उठाई। (फोटो: राष्ट्र प्रेस/कुंतल चक्रवर्ती)

'चलो कोलकाता' अभियान में कोलकाता स्थित चीनी वाणिज्य दूतावास के सामने तिब्बती कार्यकर्ताओं ने न्याय और एकता का संकल्प लिया। प्रदर्शन में पावो लोबगा रांगज़ेन के लिए न्याय और संयुक्त राष्ट्र से तिब्बती संस्कृति की रक्षा की माँग उठाई गई। (फोटो: राष्ट्र प्रेस/कुंतल चक्रवर्ती)

तिब्बती कार्यकर्ताओं ने कोलकाता में चीनी वाणिज्य दूतावास के सामने तिब्बती झंडे लहराते हुए 'चलो कोलकाता' अभियान की गूँज को और तेज़ किया। 20 अगस्त 2026 के इस प्रदर्शन में अंतरराष्ट्रीय एकजुटता और पावो लोबगा रांगज़ेन को न्याय की माँग प्रमुख रही। (फोटो: राष्ट्र प्रेस/कुंतल चक्रवर्ती)

कोलकाता में चीनी वाणिज्य दूतावास के सामने तिब्बती समुदाय ने अपना आक्रोश जताया और चीन के जातीय एकता एवं प्रगति कानून को वापस लेने की माँग की। प्रदर्शनकारियों ने पावो लोबगा रांगज़ेन को न्याय और संयुक्त राष्ट्र के हस्तक्षेप का आह्वान किया। (फोटो: राष्ट्र प्रेस/कुंतल चक्रवर्ती)

'चलो कोलकाता' अभियान के ज़रिए तिब्बती कार्यकर्ताओं ने 20 अगस्त 2026 को कोलकाता में अंतरराष्ट्रीय एकजुटता का प्रदर्शन किया। चीनी वाणिज्य दूतावास के सामने हुए इस विरोध में संयुक्त राष्ट्र से तिब्बती विरासत की सुरक्षा सुनिश्चित करने की अपील की गई। (फोटो: राष्ट्र प्रेस/कुंतल चक्रवर्ती)

तिब्बती कार्यकर्ताओं ने कोलकाता में चीनी वाणिज्य दूतावास के सामने तिब्बती झंडे लहराकर और नारे लगाकर चीन के जातीय एकता एवं प्रगति कानून का मुखर विरोध किया। प्रदर्शनकारियों ने संयुक्त राष्ट्र से तिब्बती संस्कृति एवं विरासत की रक्षा का आग्रह किया। (फोटो: राष्ट्र प्रेस/कुंतल चक्रवर्ती)

'चलो कोलकाता' अभियान में 20 अगस्त 2026 को कोलकाता में तिब्बती कार्यकर्ताओं की भीड़ उमड़ी और चीनी वाणिज्य दूतावास के बाहर विरोध की लहर दौड़ गई। प्रदर्शनकारियों ने एकता, न्याय और पावो लोबगा रांगज़ेन को न्याय की माँग उठाई। (फोटो: राष्ट्र प्रेस/कुंतल चक्रवर्ती)

कोलकाता में 'चलो कोलकाता' अभियान के तहत तिब्बती कार्यकर्ताओं ने चीनी वाणिज्य दूतावास के सामने न्याय की माँग उठाते हुए तिब्बती झंडे लहराए। 20 अगस्त 2026 को हुए इस प्रदर्शन में चीन के जातीय एकता कानून को रद्द करने की अपील की गई। (फोटो: राष्ट्र प्रेस/कुंतल चक्रवर्ती)

कोलकाता में तिब्बती समुदाय ने 'चलो कोलकाता' अभियान के ज़रिए संयुक्त राष्ट्र से तिब्बती संस्कृति एवं विरासत की रक्षा के लिए हस्तक्षेप की अपील की। चीनी वाणिज्य दूतावास के सामने 20 अगस्त 2026 को हुए इस प्रदर्शन में झंडे और नारों से माहौल गर्म रहा। (फोटो: राष्ट्र प्रेस/कुंतल चक्रवर्ती)

चीन के जातीय एकता एवं प्रगति कानून के खिलाफ़ तिब्बती कार्यकर्ताओं का विरोध 20 अगस्त 2026 को कोलकाता में अनवरत जारी रहा। चीनी वाणिज्य दूतावास के सामने झंडे और नारों के साथ प्रदर्शनकारियों ने पावो लोबगा रांगज़ेन को न्याय की माँग दोहराई। (फोटो: राष्ट्र प्रेस/कुंतल चक्रवर्ती)

'चलो कोलकाता' अभियान में 20 अगस्त 2026 को मुंडित सिर वाले तिब्बती कार्यकर्ताओं ने कोलकाता में चीनी वाणिज्य दूतावास के सामने तिब्बती झंडे थामकर प्रतिरोध का जीवंत दृश्य प्रस्तुत किया। प्रदर्शनकारियों ने संयुक्त राष्ट्र से तिब्बती संस्कृति की रक्षा की माँग की। (फोटो: राष्ट्र प्रेस/कुंतल चक्रवर्ती)

'चलो कोलकाता' अभियान के दौरान कोलकाता में चीनी वाणिज्य दूतावास के सामने एक तिब्बती महिला कार्यकर्ता ने सिर मुंडवाकर चीन के जातीय एकता एवं प्रगति कानून के प्रति अपना विरोध दर्ज कराया। यह भावुक दृश्य 20 अगस्त 2026 को देखने को मिला। (फोटो: राष्ट्र प्रेस/कुंतल चक्रवर्ती)

कोलकाता में चीनी वाणिज्य दूतावास के सामने एक तिब्बती महिला कार्यकर्ता ने सिर मुंडवाकर चीन के खिलाफ़ अनोखे विरोध की तस्वीर पेश की। 'चलो कोलकाता' अभियान के इस प्रदर्शन में पावो लोबगा रांगज़ेन को न्याय और अंतरराष्ट्रीय एकजुटता की माँग उठाई गई। (फोटो: राष्ट्र प्रेस/कुंतल चक्रवर्ती)

'चलो कोलकाता' अभियान में 20 अगस्त 2026 को तिब्बती कार्यकर्ताओं ने सामूहिक मुंडन कर चीन के जातीय एकता एवं प्रगति कानून का शक्तिशाली विरोध दर्ज कराया। कोलकाता में चीनी वाणिज्य दूतावास के सामने हुए इस प्रदर्शन में संयुक्त राष्ट्र के हस्तक्षेप की माँग भी उठी। (फोटो: राष्ट्र प्रेस/कुंतल चक्रवर्ती)

कोलकाता में चीनी वाणिज्य दूतावास के सामने तिब्बती कार्यकर्ताओं ने सिर मुंडवाकर प्रतिरोध का अनूठा तरीका अपनाया। 'चलो कोलकाता' अभियान के इस प्रदर्शन में पावो लोबगा रांगज़ेन को न्याय और तिब्बती विरासत की रक्षा के लिए संयुक्त राष्ट्र के हस्तक्षेप की माँग की गई। (फोटो: राष्ट्र प्रेस/कुंतल चक्रवर्ती)

'चलो कोलकाता' अभियान के तहत 20 अगस्त 2026 को कोलकाता में तिब्बती कार्यकर्ताओं ने सामूहिक मुंडन के साथ अपने प्रदर्शन का समापन किया। चीन के जातीय एकता एवं प्रगति कानून के विरोध में उठी यह आवाज़ संयुक्त राष्ट्र और अंतरराष्ट्रीय समुदाय तक पहुँचाने की माँग के साथ समाप्त हुई। (फोटो: राष्ट्र प्रेस/कुंतल चक्रवर्ती)

Next Story